Type Here to Get Search Results !

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के ब्लॉक पर 12/8/2022 को भक्ति गीत***** राखी ******पर पढ़ें *********डॉ अलका पांडे मुंबई






एक धागे का  प्यार 
- अलका पाण्डेय 

एक धागे का  प्यार 

एक धागे का  प्यार अनोखा 
बहन भाई के प्यार का रिश्ता ।।
रक्षा बंधन का पर्व मनाया 
रोली अक्षत थाल सजाया ।।
भई बहन का प्यार अमर है 
हर कोई यह है जाने , माने ।।
माँ देती खूब दुआऐ ,
सब की लेती है बलाऐ।।
भाई छोटा हो या बड़ा 
बहन रक्षा का वचन है लेती ।।
जीवन की हर कठिन डगर पर साथ कभी न छूटे ।।
एक धागे का  प्यार अनोखा ।
है सुरक्षा  कवच यह  न्यारा ।।
जीवन की आपा धापी में 
रिश्तों की ये नाव कभी न टूटे ।।
मस्तक तिलक लगाकर 
कलाई पर राखी बांध कर ।।
गाऐ प्यार के नग्में
भर कर आँखों में आशाएँ । 
ममता का रस छलकाए
प्रेम ही प्रेम ह्दय समाये।।
एक दूजे पर विश्वास अटूट 
बहन भाई का प्यार है अटूट ।।
रक्षा बंधन की अनुपम बेला ।
एक धागे का  प्यार अनोखा।।
बहन खुशहाली के दीपजलाये
राखी का पर्व मनाये ।।
रोली अक्षत थाल सजाये ।
एक धागे का  प्यार अनोखा ।।

अलका पाण्डेय-

🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺


12/08, 8:05 am] रामेश्वर गुप्ता के के: अग्नि शिखा मंच ।
विषय :भक्ति गीत - राखी
दिनांक :12-08-2022
           । राखी। 
राखी प्रेम का बन्धन है,
बहन - भाई दिल का स्पंदन है।
बहन भाई के हाथ में बांधे,
धागे का लाल बन्दन है।।
राखी........................... 1 
बहन भाई के तिलक लगाये,
शादी के बाद बहन जब आये।
बाबुल के घर का यह प्यार,
देवता करते अभिनंदन है।।
राखी.......................... 2
बहन कलाई में रक्षा सूत्र बाधे,
भाई उसकी रक्षा को निभाये।
ऐसे प्रेम का दुनिया में अनोखा,
प्यार का भाई को एक चंदन है।।
राखी.............................3
भारत का यह त्यौहार अनोखा,
दुनिया में कहीं दूजा नहीं देखा। 
भारत संस्कृति की एक विरासत,
मुख्य त्यौहार इसका वंदन है।।
राखी...............................4
स्वरचित,
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ।
[12/08, 9:24 am] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
*मांँ शारदे को नमन*
विधा:-- *कविता*
शीर्षक:-- *राखी*

आज है रक्षा का बंधन!!
रक्षाबंधन का अनुपम त्योहार,
बहना बाँधती राखी भैया को,
भाई देता आशीष हजार।
*आज है रक्षा का  बंधन...।*

यह अनुपम संस्कार सनातन का,
इसमें छिपा पवित्र सद्विचार,
भाई-बहन के रिश्तों को यह जोड़ता,
देता रिश्तों को पवित्र आधार।
   
कुमकुम,चंदन,इस पर्व को भाते,
राखी कलाई की शोभा बढ़ाते,
आज खुश है देवों का  देवलोक,
देखकर भाई-बहन का प्यार। 
     आ गया है, रक्षा का बंधन...।

राखी सिर्फ धागा नहीं है,
इसमें छिपा उत्तम संस्कार,
भाई देता एक बचन बहना को,
तेरी रक्षा का लेता हूँ मैं भार।।
      
आज खुश सभी भाई-बहना,
दोनों समाज के रत्न व गहना,
भाई-बहन को खुश रखना हे ईश्वर,
देना दोनो को खुशियाँ बेशुमार।
   
आज अनुपम कलाई है भाई का,
अनुपम लग रहा अपना घर-द्वार ,
आज हर्षित सपरिवार हमारा,
हर्षित यह सारा संसार। 

*आज  मना लो रक्षा  बंधन का त्योहार...।*
          
स्वरचित रचना
विजयेन्द्र मोहन।
[12/08, 10:05 am] वैष्णवी Khatri वेदिका: 12 Aug 2022

रक्षाबंधन

भाई बहनों का त्योहार होता है रक्षाबंधन।
सभी उत्साह व भाव से मनाते रक्षाबंधन।

राखी को पूर्णिमा के दिन मनाते।
प्रेम-कर्तव्य की भूमिका निभाते।
बहनें भाइयों को राखी हैं बाँधती।
प्रेम के कोमल धागों में बंध जाते।
भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन।
भाई की दाहिनी कलाई पे होता रक्षाबंधन।

तिलक कर रक्षा-संकल्प हैं लेती।
इस त्योहार की व्यापकता होती।
नहीं भाई-बहन का मात्र त्योहार।
देश की रक्षा में भी सक्रिय होती।
पर्यावरण-रक्षा, हितों की रक्षा में रक्षाबंधन।
ऐतिहासिक महत्व को बताता है रक्षाबंधन।

पुराणों कथाओं में ज़िक्र होता।
श्रीजी का बलि रक्षा भाई होता।
पुरु-राखी बहन सिकंदर-पत्‍‌नी।
आपत्ति- मुक्ति की शक्ति देता।
सिकंदर को जीवनदान सम्मान रक्षाबंधन।
युधिष्ठिर को संकटों से मुक्ति दे रक्षाबंधन।

शिशुपाल-वध के हेतु श्रीकृष्ण।
वध से चोटिल तर्जनी श्रीकृष्ण।
साड़ी-चीर से लहू रोका द्रौपदी।
तर्जनी में चीर बंधवाएँ श्रीकृष्ण।
श्रावण मास-पूर्णिमा द्रौपदी का रक्षाबंधन।
लाज बचाकर था चुकाया कर्ज़ रक्षाबंधन।


वैष्णो खत्री वेदिका
जबलपुरमध्यप्रदेश
[12/08, 10:09 am] Nirja 🌺🌺Takur: अग्नि शिखा मंच
तिथि -१२-८-२०२२
विषय - भक्ति गीत राखी

राखी के कच्चे धागों में होती है
बड़ी ही शक्ति। 
इंसान तो क्या ईश्वर को भी 
खींचती  है यह शक्ति। 
भगवान राम को बांधी राखी 
बहन शांता ने। 
वैसे ही जब कृष्ण ने 
शिशुपाल का वध किया 
सुदर्शन चक्र से कट गई 
उनकी ऊंगली। 
द्रौपदी ने तुरंत ही 
ऑंचल फाड़ बांधी पट्टी। 
श्रीकृष्ण ने मान बहन 
रक्षा करने का वचन दिया। 
उस वचन की राज निभाई 
कौरव सभा में। 
आज भी जब  बहन बांधती 
राखी भाई को ,
भाई वचन देता रक्षा का
और इस वचन का मान
आजीवन रखता

नीरजा ठाकुर नीर
पलावा मुंबई महाराष्ट्र
[12/08, 10:33 am] ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: प्यारी बहना हो या हो वो बड़़की दीदी --- ओमप्रकाश पाण्डेय
( रक्षा बंधन के अवसर पर बहनों को समर्पित )
मै तो  आज भी हूं तुम सबका प्यारा भईया
मां बाबू के बाद तो  तुम सब  से ही मिला
अथाह  मधुर  प्यार जीवन भर मुझको
आज भी रखा है दिल में मेरे वे सब यादें
मेरी प्यारी बहना हो या  हो वो बड़की दीदी .......१
रक्षाबंधन क्या होता है पता नहीं था
तब तो यह दिन केवल तुम सबसे
अकेले ही मिठाई खाने का दिन था
पैसा तो बस मां ही देती थी तुमको
मेरी प्यारी बहना हो या हो वो  बड़की दीदी ........२
नखरे बहुत किये हम सबने इस दिन
कौन मिठाई खाये व खिलाये क्यों
पहले पैसा मिले कि मिले  मिठाई पहले
इस यक्ष प्रश्न का उत्तर तो बस मां ही देती
मेरी प्यारी बहना हो या हो वो बड़की दीदी .......३
बहुत बाद में जाकर हम सबको
ज्ञात हुआ क्या होता रक्षाबंधन है
पर बिना अर्थ जाने ही हम सबने
अपना सब कर्तव्य निभाया अब तक
मेरी प्यारी बहना हो या हो वो बड़की दीदी ..........४
बीत गए वे  अपने सब दिन झगड़े व नखरों के
खो गया कहीं वो मनुहार मनौव्वल मां का अपना
सब एक एक कर चले गये आंगन से मेरे बारी बारी
छोड़ कर मेरा सूना आंगन मेरा चौका सूना
मेरी प्यारी बहना हो या हो वो बड़की दीदी .........५
अब बस आ जाता है एक प्यारा थागा बंधन का
याद दिला देता है मुझको तब वे सब बीती बातें
मां के चौके से आती वह  भीनीं भीनीं सी खुशबू
फरमाइशें कुछ बाबूजी की व कुछ होती हम सबकी 
मेरी प्यारी बहना हो या हो वो बड़की दीदी .........६
( यह मेरी मौलिक रचना है -----ओमप्रकाश पाण्डेय )


 
[12/08, 10:38 am] वैष्णवी Khatri वेदिका: देश विरोधी लोग 15 नहीं 16 अगस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि तिरंगे की ऐसी तस्वीरें खींच सकें और वीडीओ बना सकें जिनसे यह साबित किया जा सके कि तिरंगे का अपमान किया है।  ये लोग ऐसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिशें भी कर सकते हैं कि देखिए तिरंगा कूड़े में फैंका हुआ है, कीचड़ में सना हुआ है आदि आदि।  

इस पोस्ट के माध्यम से मैं *Group* के अपने सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं , कि 13,14 और 15 की तीन तारीखों को झंडा अपने घर की छत पर फहराने के बाद 16 अगस्त को सम्मान सहित उतार कर अच्छे ढंग से लपेट कर  अपनी आलमारी/अटैची/संदूक में रखें ताकि यही ध्वज दूसरे मौकों पर भी काम आ सके।   किसी देश विरोधी तत्व को उंगली उठाने का मौका नहीं देना है।

मेरा एक सुझाव और भी है कि इस पोस्ट को  सभी सदस्य कॉपी पेस्ट करके अपने अपने वाट्स एप ग्रुप्स में भेजें। देश भक्त पूरे देश को जागृत करने की क्षमता रखते हैं।
[12/08, 11:30 am] पल्लवी झा ( रायपुर ) सांझा: चित्र पर रचना
तिथि-१०अगस्त २०२२
वार-बुधवार

        कल कैसे राखी बाँधुंगी ?

सावन मास की मनभावन पूर्णिमा,
खुशी से झूमते हम सभी भाई बहना।
रक्षाबंधन का प्यारा  त्योहार जो आता ,
फिर सारा घर खुशियों से भर जाता।

रख हल्दी ,अक्षत,दीप और रोली,
बड़े प्यार से सजाते हम पूजा की थाली।
अपने प्रीत की डोर से रक्षासूत्र बनाते,
पसंदीदा लड्डू खिला मुंह मीठा करवाते।

पर क्यों इश्वर को प्यारा हो गया हमारा भाई?
चार बहनों का था वह इकलौता भाई ।
तीन वर्ष पहले ही ऐसी विपदा जो आई,
रक्षाबंधन के दिन ही हमसे उसकी तेरहवीं मनवाई।

अब तुम ही बोलो भला हे कृष्ण मुरारी!
कल कैसे राखी बांँधुंगी मैं तुम्हारी कलाई।
क्या अपने अँसुवन तेल से दीप भरूँगी,
या हृदय की अग्नि से मैं दीप जलाऊंगी?

पल्लवी झा (रूमा)
रायपुर छत्तीसगढ़
[12/08, 12:03 pm] ब्रज किशोरी त्रिपाठी: १२-८-२०२२
*राखी गीत*
**********
चन्दा रे मेरे भइया से कहना।
बहना याँद करे।
आगया सावन पड़ गये झुले।
रिम झिम बदरा बरसे।
बहना याँद करे।
पूनम आई रात सुहाई।
नभ मे चाँदनी खिले।
बहना याँद करे।
आजा भइया राखी आई।
बहना तेरी राह तके।
बहना याँद करे।
राखी बाँधू तेरी कलाई।
मुँह तोहरा मीठ करे
बहना याँद करे।
चन्दा रे मेरे भइया से कहना।
बहना याँद करे।
बहना याद करे।

स्वरचित
बृज किशोरी त्रिपाठी
,भानुजा, गोरखपुर यूं,पी
[12/08, 12:04 pm] ब्रज किशोरी त्रिपाठी: *जिस बहन केभाई*
 ‌‌ *नहीं रहता है*।
*उसके दर्द को महसूस*
*कर यह कविता लिखी हूं*
*********************
आई है पूनो सुहाई है रात, 
बधाई उन्हें जीन्हे भाई मिले है।
चांदनी आज फूली  समाती
ना नभ में।
लता आज फूली समाती ना वन में।
बहन आज फूली समाती ना
मन में।
आई है पूनो सुहाई है रात
बधाई उन्हें जीन्हे भाई मिले है।
 मैं हूं बहन पर भाई नहीं ‌है।
 राखी सजी पर कलाई नहीं है।
हे प्रभू एक भाई मिला दो,
राखी सजी‌ एक कलाई मिला दो
कौन मेरा रक्षक बनेगा जहां में।
अंधेरा बहुत है एक दीपक जला दो।
मायरा भरे ऐसा एक भाई मिला दो।
अंधेरा बहुत है रोशनी दिखा दो।

रचनाकार
भानुजा
गोरखपुर
[12/08, 12:46 pm] रवि शंकर कोलते क: गुरुवार दिनांक ११/८/२२
विधा ***कविता 
विषय ***#***रक्षाबंधन***#
                    ^^^^^^^^^^

आया  राखी का  त्यौहार ।
      लाया खुशियां बेशुमार ।।
पवित्र रिश्ता भाई-बहनका                 
       अपनापन प्यार दुलार ।।धृ

भाई की  कलाई पे राखी बांधे बहना  ।
मांगे एक वचन भैया रक्षा मेरी करना ।
     मांझी बनके आना जब 
       मेरी कश्ती हो मंझदार ।।१

ये राखी तुझे  मेरी याद दिलाएगी ।
वचन निभाने की शक्ति दे जाएगी ।।
       दुआ करूं मैं मिले तुझे  ।
           खुशहाली का संसार ।।२

तू मेरे बुलाने की राह नहीं तकना
मैं भूल जाऊं तो माफ़ मुझे करना
      ये धागा है विश्वास का 
          तू  याद आये बार बार ।।३

कर्मावती की  रक्षा की हुमायूं ने ।
लाज द्रोपदीकी रखी कन्हैया ने ।। 
        मेरे भैया रहे हरदम ही । 
             आबाद तेरा परिवार ।।४

प्रा रविशंकर कोलते
     नागपुर
[12/08, 12:56 pm] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार /12//8/ 2022
🌺विषय / भक्ति गीत/  
*राखी*

राखी कच्चे सूत की, कहे पुकार पुकार।
मेरे अंतर में छिपा, भाई बहन का प्यार।
 
ज्यों चंदा में चांदनी, ज्यों फूलों में गंध।
भाई बहन का प्यार त्यों, इन धागों में बंद।
 
चौकी बैठा भ्रात को, माथे तिलक लगाय।
करे आरती दीप से, दे राखी पहनाय।
 
चरण छुए भाई हुलस, माथे लेइ लगाय।
आशीर्वाद पा बहन का, भ्रात् धन्य हो जाय।
 
रेशम के तार का, मतलब कितना भव्य।
रक्षा करना बहन की, भाई का कर्तव्य।
 
दूर देश जब बहन हो, भाई पहुंच न पाय।
इंतजार करती बहन, दो आंसू छलकाय।
 
ओ रे! कागा जा चला, तू भाई के देश।
बहना रस्ता जोहती, कहना ये संदेश।
 
जब तक धरती–आसमां, बहती गंगा धार।
तब तक जग से न मिटे, भाई बहन का प्यार।
 
© कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता 
[12/08, 1:35 pm] मीना कुमारी परिहारmeenakumari6102: प्यारी बहना
**********************
प्रीत के धागों के बंधन में
स्नेह का उमड़ रहा संसार
सारे जग में सबसे सच्चा
होता भाई-बहन का प्यार
नन्हें भैया का है कहना
राखी बांधों प्यारी बहना
सावन की मस्ती भरी फुहार
मधुरिम संगीत सुनाती है
मेघों के ढोल थाप पर
बसुंधरा मुस्काती है
आया सावन का महीना
राखी बांधो प्यारी बहना
धरती ने चांद मामा को
इन्द्रधनुषी राखी पहनाई
बिजली चमकी खुशियों से
रिमझिम जी ने झड़ी लगाई
राजी खुशी सदा तुम रहना
राखी बांधों  प्यारी बहना!
रोली कुमकुम से थाल सजाओ
आरती उतारो मेरी बहना
माथे तिलक लगा, खिलाओ मिठाई
अपना स्नेह आशीष दे दो बहना
तुझे उपहार दे रिझाऊं बहना
हर वर्ष रक्षाबंधन पर्व आये बहना
दीप से आरती उतारो बहना


डॉ मीना कुमारी परिहार
[12/08, 2:06 pm] शोभा रानी तिवारी इंदौर: रक्षाबंधन 
                *************
आज हर्षित बेला है ,पुलकित है तन -मन,
 खुशियां लेकर आया है ,  यह रक्षाबंधन ,
सूरज की स्वर्णिम किरणें, मन को भा गई,
भाई बहन का प्यार है, त्यौहार है पवन ।

स्नेह का धागा जिसमें , छुपा हुआ है प्यार,
वर्ण, धर्म से ऊपर है, रक्षाबंधन का त्यौहार, खुशियां बांधी बहना ने भाई की कलाई पर ,
प्यार के धागे में बंधा  है,यह  सारा संसार ,
सावन की रिमझिम फुहार संग ,सुरभित चमन खुशियां लेकर आया है यह रक्षा बंधन ।

रक्षा का धागा बांध ,माथे तिलक लगाती है,
 आरती उतारती ,और मिठाई भी खिलाती है,
 भैया के लंबी उम्र के ,लिए दुआएं करती है, कर्तव्य का बोध करा ,मन में विश्वास जगाती है, कुलदीपक हो  इस घर के , भैया तुम्हें नमन, खुशियां लेकर आया है , यह रक्षाबंधन ।

नेक राह पर चलना ,सबका आदर करना तुम, माता-पिता क्रोधित हो जाएं, तो भी चुप रहना  गिरा सको तो वृद्धाश्रम, की दीवार गिरा देना ,
 तोहफे में मुझको अबकी,यही वचन देना तुम,        सदा करो  तुम मात -पिता के चरणों में वंदन, खुशियां लेकर आया है यह रक्षाबंधन ।


श्रीमती शोभा रानी तिवारी 619अक्षत अपार्टमेंट खातीवाला टैंक इंदौर मध्य प्रदेश मोबाइल 89894 09210
[12/08, 3:13 pm] आशा 🌺नायडू बोरीबली: (भक्ति गीत)
              राखी
    ********🌸****** 
आया राखी का त्यौहार, लाया खुशियां हजार, सावन की पूर्णिमा ,  फैलाए अपनी सी रजत ज्योत्स्ना ।                 

बरसे पानी रिमझिम रिमझिम ,                 भीगी प्रकृति टिप टिप,
टिप टिप ।

बहना है आज बहुत     उमंगित,                      भाई भी है आज बहुत प्रसन्नचित।               

बांधकर ,                    भाई की कलाई पर,       स्नेह का ,                कच्चा धागा ,             बंधा रहता है ,         अटूट  संबंध प्यारा ।    

बहन की रक्षा का भार,      है भाई की कंधो पर, निभाता है वह‌ ,           इसे जीवन भर ।         

रक्षक बना रहता है ,      वह सदा बहन का ,       बहन का स्नेहाशीष ही,  उसे ,                           सत मार्ग दर्शाता है ।

 आदिकाल से चला आ रहा,                         भाई बहन के स्नेह संबंध का,                            यह पावन पुनीत पर्व।     

जो कहलाता है, रक्षाबंधन,               आओ सब बहना बांधे, भाई की कलाई पर,
यह स्नेह का बंधन।
*******************
डॉ.आशालता नायडू.
मुंबई. महाराष्ट्र .
********************
[12/08, 3:21 pm] Anita  झा /रायपुर: भक्ति गीत -राखी 
रक्षा बंधन
प्रेम रीत संग है 
रक्षा की डोर
मज़बूत बनाना
राखी आई है
मुश्किल की घड़ियों
साथ निभाना 
मेरी प्यारी बहना 
मेरे प्यारे भैया है 

चाँद सितारों 
से सजी राखी आई 
मन भावन
प्रीत डोर ले आई 
बहना प्यारी 
ममता की सौग़ात 
मिठाइयों से 
थाल सजा लाई है
रोली संग टीका है 

माथे चंदन 
तिलक लगाया है 
कलाई राखी 
बाँध बहना ख़ुशी 
से झूम झूम 
प्रेम गीत सुनाई 
भुल ना जाना 
बचपन प्यारा है 
राखी की यादें है 

पूजा की थाल सजा लाई 
मनोकामना दीप सजाई 

 प्रेम रीत संग राखी आई 
रक्षा की डोर मज़बूत बनाना है 

बंधन प्रेम का साथ निभाना हैं ।
रक्षा की डोर मज़बूत बनाना है 

मुश्किल की घड़ियों आई 
साथ चल साथ निभाना हैं ।

ममता मधुर राग रंग लिये
 कर्मों की रीत निभाना हैं ।

प्रेमरीत गीत संग राखी आई 
मिलकर संग निभाना हैं 

प्रेमबँधन अनोखा बँधन लाया 
अनमोल ख़ज़ाना ,रक्षाबँधन हैं 

भाई सुखद सौग़ात लाया 
बचपन यादों की फुलझड़ियाँ 
में भाई करे वंदना ईश्वर से 
बहना का हर कष्ट हर ले  ।

अनिता शरद झा
[12/08, 3:23 pm] रागनि मित्तल: जय मां शारदे
************
अग्निशिखा मंच
***********
दिन -शुक्रवार
दिनांक-12/8/2022
 *राखी* **********

राखी अब आई है।
        बहन छटपटाई हैं। 
कैसे बांधूंगी मैं राखी,
            दूर मेरा भाई है। 

शादी कर दी है दूर।
      हो गई हूं मजबूर।                
ब्याह देते पर ना,
              करते पराई है।श

रक्षाबंधन याद आए।
          नखरे तू दिखाएं ।             
नही राखी बंधवाऊंगा।
        न मन की मिठा है। 

राखी ,गोला, मिठाई।
       सबसे थाली सजाई
धागा लेकर बैठी हूं न,                                    
           सामने कलाई है।

आईं होंगी सखियां।             
      करती होंगी बतियां।
याद कर-कर उन्हें,  
        आंखें भर आई हैं ।

दिन सारा बीत गया 
     मन मेरा रीत गया। 
सूखा गया मेरा सावन 
     ना राखी बांध पाई है।
 
टूटा मन छटपटा रहा ।
       कोई खटखटा रहा।                                 खोला दरवाजा तो,
      सामने खड़ा भाई है।

आंखों में अश्रुधारा है ।
       आया भाई प्यारा है।
खुश हो उछलू मैं,
         राखी बांध पाई है।

रागिनी मित्तल
कटनी मध्य प्रदेश
[12/08, 4:26 pm] 👑मीना त्रिपाठी: *विषय--रक्षाबंधन ( कविता )*


बुलंदियां छूती रहें सदा
मेरे भाई के सम्मान की
रहे सलामत युगों-युगों तक
लाज..बहन के अभिमान की!

है देता नेग भाई.. बहन को
आजन्म तेरी...सुरक्षा है मेरी
न होगा कोई समझौता कभी
तेरी अस्मिता की लाज है राखी!

बंधते नही हैं रक्षा -सूत्र  
जिन भाइयों की कलाई पर
उन भाइयों का हृदय ही जाने
आह!! कैसा ये त्योहार है राखी!

मांगती दुआएं बांधकर
रेशम के धागे भाई को
हो शतायु ...भाई हमारा
रहे सदा ..अमर ये राखी!!

  *मीना गोपाल त्रिपाठी*
[12/08, 5:39 pm] कुम कुम वेद सेन: विषय राखी

साल में एक बार आता है यह त्यौहार
हर वर्ष भाई-बहन को रहता है इंतजार
सावन मास आते ही मन में उठने लगती है

राखी बांधने की खुशियां अपरंपार
बहन पास हो या दूर मानो लगता है करीब
भाई पास हो या दूर तमन्ना रहती है आ जाए करीब
रेशम के धागों का है यह त्यौहार
धागों में बंधा है भाई बहन का प्यार
राखी कहलाता है रक्षाबंधन
हर बहन भाई का एक दूजे के लिए है अभिनंदन
कुमकुम चंदन का तिलक लगाकर
हाथों में रक्षाबंधन बांधकर
भाई बहन एक दूसरे की रक्षा करने की खाते हैं कसमें
राखी के धागों के साथ बहना
मांगती है दुआ सलामती का
भाई का बहना के घर आ जाना
बहना के लिए सबसे उत्तम उपहार

कुमकुम वेद सेन
[12/08, 5:47 pm] रानी अग्रवाल: रक्षाबंधन____
१२_८_२०२२,शुक्रवार।
पवित्र त्योहार है रक्षाबंधन,
जिसमें बंधते भाई_ बहन।
चाहे कोई भी हो त्योहार,
मन में भरता उमंग और प्यार।
 बहना पूजा_ थाल सजा लाई,
रोली,अक्षत, राखी मिठाई लाई।
बचपन के साथी बहन_ भाई,
बहन बांधे राखीभाई की कलाई
रिमझिम बरसे मेह,
भाई लुटाए अपना स्नेह।
देकर प्यारी सी सौगात,
कहता,बहन खुश रहे दिन रात ।
 क्या हर बहन होती भाग्यशाली
जिनके भाई नहींबनती मुहुंबोली
क्या करे वो बहना?
जिनका भाई बसा परदेस?
कुरियर से राखी भेज,
रहती उदास वो अपने देस।
क्या करे वो छोटी बहना?
जिसके भाई थे अनमोल गहना।
असमय ही संसार छोड़ गए,
छोटी बहन को अकेला छोड़ गए
कैसे सब्र करे,कैसे बांधे धीर?
राखी पर कोसे अपनी तकदीर।
दिल डूबता,आंखें होती नम,
ए भाइयों,काश साथ होते हम!
भाई! इस जन्म साथ 
रह गया अधूरा,
अगले जन्म में मिलेंगे,
होगा जरूर पूरा।
आपकी छोटी बहन___रानी अग्रवाल,मुंबई।
[12/08, 6:11 pm] निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच
विषय;-राखी
दिनाँक;-12/8/2022

बांध रही है राखी बहना
हरदम भैया साथ में रहना
एक दिवस का यह त्यौहार
इसमें बसा है नेह अपार
काल सनातन से यह आया
भैया ने बहना को बचाया
पांचाली ने बांधी राखी
अपने सखा कन्हैया को
लाज बचाई चीर की जिनने
रखा सुरक्षित अग्नि सुता को।।
यह है पावन पर्व है इतना
यम की बहना जैसे यमुना
हर राखी पर बहना माँगें
भाई से बस वादा इतना
भैया वादा करना इतना
शान सदा मयके की बनना
सदा रहो मजबूत तुम इतने
मेरी रक्षा हरदम करना।
बांध रही है.....।।।
निहारिका झा
खैरागढ़ राज.(36 गढ़)
[12/08, 6:57 pm] सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन 

विधा  *भक्ति गीत*

     गीत *रक्षाबंधन*

आओ हम नयी सोच से
मनाये रक्षाबंधन। 
ये धागा नही है पवित्र भावना 
स्नेह सूत्र का है बंधन ।।१

भाई के कलाई पर 
तिलक से भाल होवे सुशोभित।
रेशमी बंधन है ये जो
तोहफा दे शक्ति का 
हर दुख के मुक्ति का ।।२

इस पावन रिश्ते मे
सुखमय जीवन समाया है 
नफरत द्वेष अहंकार को 
इस राखी ने मिटाया है।।३।।

भाई बहनों के रिश्ते में
कभी दरार ना पड़ जाए  
जब भी कोई संकट आए 
भाई तुरंत दौड़कर आए ।।४।।

राखी का यह त्यौहार
घर घर में खुशियां लाएं ।
इस पवित्र रिश्ते को 
को हम खुशी से मनाएं ।।५।।

सुरेंद्र हरडे
नागपुर
दिनांक 12/08/2022
[12/08, 7:18 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: भक्ति गीत
रेशमी प्रीत के धागे 

प्रीत के धागे धीरे-धीरे मुस्काते जा रहे 
भाई की कलाई में सज खिल खिला रहे 
मायके का अंगना तुलसी चौरा बाट जोहे 
घर द्वार खिड़की रोशनदान बतिया रहे ।

भाई के भाल तिलक सजा रही बहना 
आरती थाल से उतारे नजर करे आरती 
भैया भाभी हों दीर्घायु कर रही प्रार्थना 
पुष्प हार पहना खिला रही मिठाइयां।

भैया घर की शान,जगमग कुलदीपक 
प्रीत-प्रेम के धागे में मुस्कुरा रहा चमन 
सावन में बरखा बरसे छम- छम- छम 
भाई-बहन का अनोखा अद्भुत संगम।

राखी त्यौहार बिखेरे रस भीनी फुहार 
प्रेम हर्ष आनंद में सराबोर पूरा परिवार 
प्रीत के धागे बिखेर रहे उल्लास आनंद 
भाई सतरंगी इंद्रधनुष बहन गुलाल रंग।

प्रीत के धागे मान रहे बारंबार आभार 
बहना भैया का प्यार रिश्तों का आधार 
बज रही मधुर सरगम,गावत मेघ मल्हार 
रक्षा-बंधन पर बरस रही रस भीनी बौछार।

डॉक्टर अंजुल कंसल "कनुप्रिया"
12-8-22

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.