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अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के ब्लॉक पर आज दिनांक 24/ 6 /2022 को प्रदत्त विषय ***********संत मीराबाई***†** पर रचनाकारों की रचनाएं पढ़ें **********डॉ अलका पांडे मुंबई


मीरा 

मीरा  ने कृष्ण से प्रीत लगाई। कृष्ण की मूर्ति सदा साथ रही।।

दिल ही दिल ने मोहन को पति माना ।
कान्हा के प्यार में मीरा दीवानी हो 
नाची।।

 रात दिन कृष्ण कृष्ण बजने लगी मीरा ।
हर दम कान्हा की प्रीत में खोने लगी मीरा ।।

हर परीक्षा में जीत हासिल करने लगी मीरा 
विष का प्याला भी गटक गई मीरा।।

मेरे तो गिरधर गोपाल दूजो नहीं कोई 
मेरे मन में ,रात दिन गाने लगी मीरा ।।

मीरा कृष्ण के रंग रंगी हरी हरी गाने लगी।
लोक लाज सब छाडी कृष्ण धुन में हुई बावरी।।



अलका पाण्डेय मुम्बई
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️





[24/06, 8:30 am] रामेश्वर गुप्ता के के: ।तेरी बंसुरी।
कन्हैया तेरी बंसुरी,
जादू से खूब भरी।
जब बजै यह बांसुरी,
सखी रह जायें खड़ी।।
कन्हैया.................1
जो सुनै कान्हा बांसुरी,
सब काम छोड़ चली।
भागते चली सब जायें,
राह ठोकर खाती चली।।
कन्हैया..................2
प्रेम भरी यह बांसुरी,
मधुर सुनावै तान भली।
मन कान्हा तरफ भागै,
सब सुधबुध गई बिसरी।।
कन्हैया...................3
क्या क्या बताऊं सखी,
हमारी हालत हुई पगली।
मेरी श्याम खबर लीजै,
बड़ी विपत्ति आन पड़ी।।
कन्हैया...................4
स्वरचित,
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता।
[24/06, 9:15 am] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
24/06/22
विधा:-- *भक्ति गीत*
विषय:-- *महालक्ष्मी माता*

ॐ जय जय मां लक्ष्मी माता
भक्त जनों की कर्म विधाता।।
माँ महालक्ष्मी तुम सागर मंथन से आई।
तुम ब्रह्मा की पत्नी बनी।।

तुम पाताल निवासिनी माता
तुम ही हो भव निधि के दाता।।

तुम से ही सद्गुण आते
 कर्म भक्तों के बन जाते।
तुम बिन यज्ञ न होते पूरे।।

ॐ जय माँ महालक्ष्मी!!
हाथ जोड़ विनती करूं
सुंदर स्वस्थ सहते रहे,
मुख पर मधुर मुस्कान रहे,
हृदय सिंहासन पर आप रहो
सदा शोभायमान.......!
आठ प्रहर करते रहे,
महालक्ष्मी माता का ध्यान.....!
भक्तजन करते रहे 
अमृत दर्शन का पान।।
ओम जय मा लक्ष्मी, ओम जय मां लक्ष्मी माता नित्य ध्यान करू बीते दिनों की गलतियों के क्षमा करो मां पधारो घर द्वार पर सुख समृद्धि से संतुष्ट करो।।


विजयेन्द्र मोहन।
[24/06, 9:38 am] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार -24/ 6/ 2022
🌺विषय / भक्ति गीत/  
मीराबाई
पद
मीरा हरि के रंग रंगी
मीरा प्रभु के रंग रंगी।

दिन और रात उसी को ध्यावे 
ऐसी लगन लगी।
मीरा हरि के ……..। 

भाई बंधु कुटुंब कबीला 
सब संसार तजी।
साधु संग में नाचे गावे 
भक्ति भाव पगी।
मीरा हरि के ……..।

जहर का प्याला पीते पीते
मन मन खूब हंसी।
कौन करेगा उसका कुछ
जो हरि की हुई सगी।
मीरा हरि के ……..।

सांप पिटारा जब खोला तो
हरि से वहां मिली।
उसके भीतर प्रभु भक्ति की
और अग्नि सुलगी।
मीरा हरि के ……..।

छम छम नाचे हरि गुन गावे
हरि के भाव भरी।
हरि को आंखों भर सोई
हरि के नाम जगी।
मीरा हरि के ……..।

© डा. कुंवर वीर सिंह मार्तंड, कोलकाता 
[24/06, 11:21 am] आशा 🌺नायडू बोरीबली: (भक्ति गीत)
   🌹 माता महालक्ष्मी 🌹
********************
हे लक्ष्मी माता, हे महालक्ष्मी माता , तुझे प्रणाम ।                  

तू पालन हारी है मां , दुखों को हरने वाली है मां। ‌ तुझ से सब कुछ आता है मां, सब की कमी को, तू पूरा कर जाती है मां। 

तुझे पाकर, प्रसन्नता छा जाती है मां, तू लक्ष्मी है मां, धन दौलत की देवी है मां ।                              

तेरी कृपा से , रुपया पैसा आता, धन दौलत, सब पर छा जाता ।     

जहां तेरा वास होता है मां, वहां खुशियां ही खुशियां छा जाती है मां ।          

दुख दर्द चिंताएं, सब दूर हो जाती हैं मां , तू प्रसन्नता का, आधार है मां ।            

बच्चे से बूढ़े तब , सभी तुझे पाकर , खुश हो जाते मां ।       

राजा हो या रंक, सब चाहते तेरा संग,        
तू चंचला है मां, नहीं टिकते कहीं , पांव तुम्हारे।                 

तुम सबको, हर्षाती हो मां, तुम सबको , सुख पहुॅंचाती हो माॅं।                    

अपनी कृपा दृष्टि, हम सब पर , सदा बनाए रखना मां।       

हमारी आराधना, हमेशा स्वीकारती रहना मां ।                          

तुझे प्रणाम मां , हे महालक्ष्मी माता, तुझे प्रणाम,
कोटि कोटश प्रणाम।
*******************
डॉ.आशालता नायडू.
मुंबई.महाराष्ट.
********************
[24/06, 11:31 am] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺विषय / भक्ति गीत/  
महा लक्ष्मी

जय जय महालक्ष्मी माता
भक्त जनों की भाग्य विधाता।

तुम ब्रह्माणी तुम जग माते।
सूर्य चंद्र सब तुमको ध्याते।

सागर मंथन से तुम आईं
ब्रह्मा की पत्नी कहलाई।

दुर्गा रूप निरंजनि तुम हो
सुख संपति वर दायिनि तुम हो।

तुम पाताल निवासिनी माता
तुम ही हो भव निधि की त्राता।

तुम से ही सद्गुण हैं आते
काम भक्त के सब बन जाते।

तुम बिन यज्ञ न होते पूरे
पूरे होते काम अधूरे।

रत्न चतुर्दश तुमसे मिलते
सब मुरझाए चेहरे खिलते।

जो लक्ष्मी की आरती गाते
उनके सभी काम बन जाते।

© कुंवर वीर सिंह मार्तंड, कोलकाता 
[24/06, 12:33 pm] शोभा रानी तिवारी इंदौर: लक्ष्मी माता
जय लक्ष्मी माता,जय लक्ष्मी माता
सुख समृद्धि देती तुम ही शुभदाता
धूप,दीप नैवेद्य पुष्प अर्पित कर,
हम पूजन करते,
मंगल ध्वनियों संग हम गीत गाते,
जीवन में सुख पाते।
तुम जग की कल्याणी,
तुम विष्णु पटरानी,
जग में उजाला भर्ती,
तुम हो वरदानी,
जो कोई जन तुम्हारी,
महिमा को है गाता,
मन वांछित फल पाता,
जीवन सफल हो जाता।
जय लक्ष्मी माता।

शोभा रानी तिवारी इन्दौर
[24/06, 12:51 pm] ब्रज किशोरी त्रिपाठी: अंग्नि शिखा मंच
  २४ -६-२२
भक्ति गीत लक्ष्मी माता
*******************
ऊँ जय लक्ष्मी माता तुम हो
कल्याणी सबकी भाग्य विधाता।
समुद्र से तेरी उत्तपत्ति 
स्तुति करे इन्द्र इन्द्रानी।
तुम को सागर ने विष्णु को
दिया दान कुश पाणी।
ऊँजय ....।।
तुम को ध्यावे ऋषि ,मुनि, पंडित ज्ञानी
तुम हो मैया विष्णु प्रिया वरदानी।
ऊँ जय ...। ।
तुम बिन यज्ञ न होते धर्म न हो पाता।
दान पुण्य भी.मनुष्य नही कर पाता।
ऊँजय..। ।
तुम बिन अन्न न होते वस्त्र न हो पाता।
खान पान का वैभव सब तुमसे आता।
ऊँ जय ...। ।
हम पर कृपा करो सुख समृद्ध दो माता।
चरण पडू माँ तेरे तूँ है भाग्य विधाता ।
ऊँ जय लक्ष्मी माता तुम हो
कल्याणी सबकी भाग्य विधाता।
बृजकिशोरी त्रिपाठी उर्फ
भानुजा गोरखपुर यू.पी
[24/06, 1:16 pm] रागनि मित्तल: जय मां शारदे
*********
 अग्निशिखा मंच
 दिन -शुक्रवार 
दिनांक -24/6/2022 भक्ति गीत 

प्रदत्त विषय- *महालक्ष्मी*

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइए।
हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइए।
भाव भक्ति से तुमको बुलाते हैं हम। 
अपने मन की व्यथा को सुनाते हैं हम ।
घर हमारे मां एक बार आ जाइए।
हम गरीबों की किस्मत बना जाइए।
लक्ष्मी मैया------------।
 
हमको संसार में है तेरा आसरा।
डाल हम पर दया दृष्टि माता जरा।
लक्ष्मी मैया------------। 

तेरी कृपा से किस्मत बदल जाएगी।
जिंदगी की मुसीबत भी टल जाएगी।
लक्ष्मी मैया -----------।

तू चमत्कार जब भी दिखाती है मां।
रंक को राजा पल में बनाती है मां।
लक्ष्मी मैया-----------।

मैया खुश होकर जब तू वर देती है।
हर मुश्किल को आसान कर देती है।
लक्ष्मी मैया ----------।

तू कृपालु है ,कितनी है ममता भरी। 
राह की अड़चने मैया तूने हरी।
लक्ष्मी मैया -----------

दीन दुखियों को आंचल तले जब लिया।
दुख की रातों को तूने दिवाली किया।
लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइए।
हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाईए।

यह भजन स्वरचित नहीं है ।
रागिनी मित्तल
कटनी ,मध्य प्रदेश
[24/06, 1:22 pm] वैष्णवी Khatri वेदिका: june 24/22

मीराबाई/ भक्ति गीत
रतन सिंह के घर में जन्मी, 
प्यारी मीराबाई थी।
समाज की परवाह न करती, 
प्रभु से लगन लगाई थी।।
कृष्ण भक्ति में बचपन से ये, 
लीन हमेशा रहती थी।
ये संसार व्यर्थ की माया, 
सखा कृष्ण को कहती थी।।
भोजराज मीरा के पति जब, 
अव्यय धाम पधारे थे।
सती होना क़बूल नहीं था, 
राजा स्वर्ग सिधारे थे।।
मीरा ने पति मृत्यु पर भी, 
निज श्रृंगार नहीं छोड़ा।
राजा भोजराज के पहले, 
मन माधव से था जोड़ा।।

वैष्णोखत्रीवेदिका
जबलपुरमध्यप्रदेश
[24/06, 3:25 pm] रवि शंकर कोलते क: शुक्रवार दिनांक २४/६/२२
विधा,*****भक्ति गीत
विषय**#**संत मीराबाई**#
                ^^^^^^^^^^^^^

कान्हा संग ऐसी प्रीत लगी ।
मीरा कहने लगी हरि हरि ।।
भक्ति में अलख ऐसी जगी ।
मीरा कहने लगी हरि हरि ।।धृ

लगनसे पहले हरि था उसका पिया ।
कृष्णको ही पिया मनसे मान लिया ।।
न थी पर्वा लोक लाजकी ,
लागी लगन ऐसी के
वो कहने लगी हरि हरि ।।१

लोग कहने लगे मीरा हुई दीवानी
देखो पती भोजराज की ये रानी 
आंखोंमें थी छब गिरधरकी ,
होठ हरदम ही गाए 
लेकर नाम हरि हरि ।।२

राणा ने भेजा था विषका प्याला 
अमृत बना वह विषका निवाला
हंसकर मीरा ने पीया
नहीं ले सका जान वह
बेअसर रहा प्रयोग ज़हरी ।।३

प्रा रविशंकर कोलते
     नागपुर
[24/06, 3:26 pm] 💃💃sunitaअग्रवाल: भक्ति गीत 
विषय _ महालक्ष्मी माता 


       ॐ जय महालक्ष्मी माता ॐ जय लक्ष्मी माता__२
भक्तजनों के सुख की दाता , तू ही भाग्य विधाता
जो कोई तुझकों ध्यावे, वह पूर्ण फल पाता ,
ॐ जय महालक्ष्मी माता__२
तुम्हरे कारण ही भक्त अन्न धन पाता 
तुम्ही से जीवन के सब सुख वैभव है आता 
तुम्हारे कारण ही यज्ञ दान पुण्य संभव हो पाता 

ॐ जय महालक्ष्मी माता_२
सागर मंथन से प्रकट हुई 
विष्णु प्रिया तुम कहलाई 
ॐ जय महालक्ष्मी माता 
रंक से राजा बना देती 
तुझे पाकर ही चहुं और प्रसन्नता छा जाती 
माँ,तू सारे दुःख दर्द हर लेती 
तेरी कृपा से ही दसों दिशाएं प्रकाशित हो जाती 
ओम जय महालक्ष्मी माता__२
माँ , तू सात पीढ़ियों तक स्थिर रहना
धन धान्य समृद्धि से घर भर देना 
करूं मैं तेरी विनती माँ सदा कृपा बनाए रखना।
ॐ जय महालक्ष्मी माता ___२
शत शत नमन माँ 

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
सुनीता अग्रवाल इन्दौर स्वरचित🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
[24/06, 3:33 pm] ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: भक्त शिरोमणि मीराबाई --- ओमप्रकाश पाण्डेय
हर साँस में जिसके हो कृष्ण कन्हैया
रोम रोम में जिसके व्याप्त हो कान्हा
जो कान्हा बोले और सुने भी कान्हा 
निशदिन भजे केवल कान्हा कान्हा
जय हो भक्त शिरोमणि मीराबाई........ 1
काशी में केवल जन्म लिया
पर हो गयी वह तो वृन्दावन की
विचरण करती रहती थी वह
बस गोकुल की कुंजी गलिन में
जय हो भक्त शिरोमणि मीराबाई.......... 2
क्या पति पिता मातु भी किसके
क्या परिवार संसार भी कहाँ
 मान मर्यादा की कहाँ खबर 
भक्ती में डूबी तो डूब गयी पूरी
जय हो भक्त शिरोमणि मीराबाई.......... 3
जिसने पिया हो अमृत भक्ति का
फिर उसके लिए विष भी अमृत
जीवन भी भला कहाँ उसकी थी
वह तो डूबी थी भक्ति के सागर में
जय हो भक्त शिरोमणि मीराबाई.......... 4
ऐसे भक्त बहुत बिरले होते
जिन पर कृपा कृष्ण करते
जीवन धन्य फिर हो जाता 
ले लेते फिर उनको अपनी शरणं में
जय हो भक्त शिरोमणि मीराबाई.... .... 5
( यह मेरी मौलिक रचना है ----- ओमप्रकाश पाण्डेय)
[24/06, 3:50 pm] Dravinasi🏆🏆: अग्नि शिखा मंच दिनांक 24 जून 2022 दिन शुक्रवार विषय भक्ति गीत लक्ष्मी जी को धन की देवी कहे यहां सब कोई। युक्ती भी सबको बतलाया,धनी यहां कस होई ।। अपने मनकों ना बहकन दें, मनसे कर्म करें। आमदनी से कम करें खर्चे धनी तभी होई। लक्ष्मी जी को धन की देवी कहें यहां सब कोई। डॉ अविनाशी
[24/06, 3:50 pm] मीना कुमारी परिहारmeenakumari6102: महालक्ष्मी माता
###########
 जय जय हे महालक्ष्मी माता
द्वार तुम्हारे माता जो भी आता
धन -वैभव से भर जाता
तेरी महिमा अपार से महालक्ष्मी माता
उल्लू तुम्हारी प्यारी सवारी
भक्तों को सदा तुमने तारी
जय जय हे महालक्ष्मी माता
सदैव प्राप्त हो आपका आशीर्वाद और प्यार
धन -धान्य से भर दो घर द्वार
सदा बढ़ता रहे हमारा कारोबार
हे मां! कुमकुम भरे पांवों से आओ
सुख सम्पत्ति भक्तों पर बरसाओ
जय जय हे महालक्ष्मी माता
पूरा कर दो जीवन की अभिलाषा
मां लक्ष्मी का जिसके सर हाथ हो
पूरे परिवार में खुशियों का वास हो
मां लक्ष्मी धन की तुम ही देवी
तू ही रमा, राधिका, काली
मुझे भी अमर वर दो मैया
आशीष हमें सुख शांति का दो मैया
जय जय हे महालक्ष्मी माता

 डॉ मीना कुमारी परिहार
[24/06, 3:51 pm] निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच
विषय;-भक्ति आराधना
दिनाँक;-24/6/2022
  🌹मीरा बाई🌹
मीरा सी भक्ति ना मिली सारे इस संसार।
गिरधर को पाने की खातिर छोड़ दिया संसार।।
महलों की जो रानी थीं लगन लगी जो श्यामकी ।
गलियों में भटकी ले इकतारा
करतीं सुमिरन श्याम का।
दमन हुआ दुःख भी पाए
ना सुधि बिसराई श्याम की।
अंत समय जो मिले दरस
वो हो गयी मोक्ष धाम की।।
आज जमाना याद करे
प्रभु को मीरा के नाम से।
भक्ति ऐसी की थी जिसने
याद करे उस नाम को।।
निहारिका झा खैरागढ़ राज.(36 गढ़)
[24/06, 4:20 pm] Anita 👅झा: विषय - भक्ति गीत मीरा  
मीरा की धुन कृष्णा की बाँसुरी में 
चैन का बसेरा हो 
राहत की साँस सुकून का बसेरा हों 
ज़िंदगी की राहों में मजबूर ना हों 
बेअसर बरसते नैन में ठहराव हों 
कभी ऐसा भी तो हो 
मीरा की धुन कृष्णा की बाँसुरी में 
चैन का बसेरा हो 
कभी ऐसा भी तो हो
ज़िंदगी अथाह सागर ना हो 
ज़िंदगी विपदाओं से गुजरती है 
ये नैन अध खुले स्तब्ध कहती कहानी है 
कभी ऐसा भी तो हो 
मीरा की धुन कृष्णा की बाँसुरी में 
चैन का बसेरा हो 
जवानी के रंग बेख्याली का मौसम हो 
हवाओं के ज़ोर में ज़िंदगी ख़ुश रंग हो 
अब ये बेअसर बरसते ये नैन है 
खुले आसमाँ छतरी का सहारा है ।
जीवन नैया भवसागर पार लगाना 
थक गई आँखे स्थिर हो गये पैर है 
मीरा की धुन कृष्णा की बाँसुरी में 
चैन का बसेरा हो 
अनिता शरद झा
[24/06, 4:24 pm] सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन

आज की विधा *भक्ति गीत*

विषय *संत मीराबाई*

ऐसे लागी लगन गिरधर की
मीरा कहने लगी हरे कृष्ण 
हरे कृष्ण भक्ति में अलख जगाई।
मीरा कहने लगी हरे कृष्ण कृष्ण।१।

बचपन से कृष्ण भक्ति में लीन हुयी प्रभु की सच्ची लगन
मोह माया से अलिप्त
अपना सच्चा साथी कृष्ण कृष्ण।२।

उसके पति थे भोजराज
परलोक सिधारे फिर भी नहीं
छोड़ा श्रृंगार करना, सती प्रथा को
नकारा मीरा कुंन्ज भक्ति मे लीन।३।

प्रेम का अद्भुत संगम नहीं छोड़ा
जहर का प्याला लब को लगाया
कौन करेगा ऐसा प्रेम का बंधन
हरी से वह मिली हरे कृष्ण कृष्ण।४।।

सुरेंद्र हरडे
नागपुर
दिनांक २४/०६/२०२२
[24/06, 4:38 pm] अंजली👏 तिवारी - जगदलपुर: भक्ति गीत
लक्ष्मी माता
जय लक्ष्मी माता
विष्णु पत्नी जग माता
त्रिभुवन स्वामी दुखहर्ता
गणेश संग सफल करें हर काम ना
कमल पुष्प पर विष्णु संग विराजती
अपने भक्तों के घर भम्रण करती
उन्हें भंडार भर देती
दीन दुखियो की भूख मिटाती
सबका कल्याण करती
तु जंग माता से लक्ष्मी माता
तुझसे जोड़ने आये‌ है नाता
तु ही दरित्रता दूर करती
तु‌ ही जीवन खुशहाल बनात
 तेरी कृपा रहे हे माता 
रहे भंडार हमेशा भरा
कभी न‌ रहे हाथ खाली हमारा 
इतनी दया हम करो हे लक्ष्मी माता ।
रचनाकार
अंजली तिवारी मिश्रा जगदलपुर
[24/06, 5:31 pm] पल्लवी झा ( रायपुर ) सांझा: भक्ति गीत-मीरा

 मीरा के उर बसते श्याम,
हर पल कहती मेरे हैं घनश्याम।
राह तके कब आयेंगे श्याम ,
उनसे ही होती उनकी सुबह-शाम।
मोहिनी सूरत मन में बसाये ,
नाचती गाती उन्हें रिझाये ।

मीरा के उर बसते श्याम ,
हर पल कहती मेरे हैं घनश्याम ।
हर धुन में होते बस गिरधर नागर,
रखें ह्रदय विशाल जैसे हो सागर ।
बस प्रभु को पाना था उनका जीवन ,
सौंप दिया उसने अपना तन मन ।


मीरा के उर बसते श्याम ,
हर पल कहती मेरे हैं घनश्याम।
पर राणां जी से जबरन ब्याह कराया ,
लेने परीक्षा विष का प्याला भिजवाया।
लेकर नाम श्याम का पी गयी विष पूरा,
हुई जीत प्रेम की विष हुआ अमृत सारा ।

पल्लवी झा (रूमा)
रायपुर छत्तीसगढ़
[24/06, 6:29 pm] रानी अग्रवाल: भक्ति गीत_ मां दुर्गा।
२४_६__२०२२.,शुक्रवार।
मां दुर्गा।
मां दुर्गा का रूप सलोना,
बचपन से आंखों में बसा सुहाना।
सुंदर लगती मैया,कर सोलह श्रृंगार,
चेहरे की कांति का असीम विस्तार।
अष्ट भुजाओं में शोभे अस्त्र,
असुरों को मारने में निपुण मां के शस्त्र।
सज धज करती सिंह सवारी,
मेरी मैया लगती कितनी प्यारी।
मां! दे आशीष कि विश्वास बना रहे।
श्रद्धा से शीश झुके, आस बनी रहे।
सबकी झोली भरे, मां ऐसा कर।
सदा सुखी रहें सब, दे ऐसा वर।
स्वरचित मौलिक भक्तिगीत___
रानी अग्रवाल,मुंबई।
२४_६_२०२२.शुक्रवार।
[24/06, 6:33 pm] Chandrika Vyash Kavi: नमन मंच 🙏
विषय :- मीरा बाई
दिनांक -: 24/6/2022

देख साधु संग कृष्ण की मूर्ति 
  मीरा हुई बावरी भई !

भोजन पानी स्नान कराना 
कृष्ण ही मेरा पति कहना
 बंद द्वार कर बातें करना 
कृष्ण भक्ति में मीरा थी बावरी !

   भोजराज से लग्न कराया 
  पात सेवा का पाठ पढ़ाया 
  पर मीरा थी कृष्ण दीवानी
बचपन की थी उनकी प्रेम कहानी !

कृष्ण भक्ति में हुई मीरा बावरी बन न सकी साजन की सावरी 
उर मीरा के बसते थे कृष्णा 
मुख से निकले हरदम कृष्णा कृष्णा! 

पति के मृत्यु होने पर भी 
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई कहती 
श्रृंगार किया कृष्णा के नाम !

मीरा के एक तारा की हर धुन से निकले हैं सुर गिरिधर नागर
भरी थी भक्ति मीरा के उर सागरमें केवल कृष्णा कृष्णा और कृष्णा !

दी परीक्षा विष का प्याला पी कर अमृत बना कृष्ण का नाम लेकर मीरा कृष्ण की थी दीवानी
अद्भुत बनी मीरा कृष्ण की प्रेम कहानी !

चंद्रिका व्यास 
खारघर नवी मुंबई
[24/06, 6:44 pm] पुष्पा गुप्ता / मुजफ्फरपुर: 🌹🙏अग्नि शिखा मंच 
विषय: मीराबाई 
काव्य 
दिनांक 24/6/22
*****************************
पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे
लोग कहै मीरा भयी बाबरी
सास कहै कुल नासी रे ,,,,,,,,
पग घुंघरू,,,,  
विष का प्याला राणा ने भेजा 
पीवत मीरा हांसी रे,,,,,   
पग घुंघरू,,,,
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर
 हो गयी आप ही दासी रे,,,,,,,
पग घुंघरू,,,,,,,,

*****************************
पुष्पा गुप्ता
 मुजफ्फरपुर
 बिहार 
🙏⚘
[24/06, 6:59 pm] ब्रज किशोरी त्रिपाठी: मीरा
मीरा गिरधर नागर मे है खोई।

खान पान कुछ मन ना भावे
असुअन तकिया भिगोई।
राज रंग कुछ नीक न लागत
संतन संग मगन मन होई।

राज महल मे मन घबडाये मन्दिर में ही सोई।
राणा विक्रम दूत पठायो मीरा देख के रोई।
मै तो अपने गिरधर की हो 
गई जान लेऊँ सब कोई।
मेरो गुजारा हरि चरण मे वृन्दावन मे होई।
कहे भानुजा मानव क्या जाने
जो हरि अपने मन में राखे गोई।

स्वरचित 
बृजकिशोरी त्रिपाठी उर्फ
भानुजा गोरखपूर यू.पी

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