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अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के ब्लॉक पर आज दिनांक 11/:05 /2022 को प्रदत्त विषय ***संसार में कितने प्रकार के पेड़ होते हैं ,****उन पर रचनाकारों के लेख पढ़ें ******डॉ अलका पांडे मुंबई



*संसार में कितने प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं।*

*संसार में दो प्रकार के पेड़ होते हैं*

प्रथम - अपना फल स्वयं दे देते हैं... जैसे आम, अमरुद, केला इत्यादि।

द्वितीय - अपना फल छिपाकर रखते हैं... जैसे - आलू, अदरक, प्याज, मूंगफली इत्यादि।

*जो फल अपने आप दे देते हैं, उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं और ऐसे वृक्ष फिर से फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं।*

किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं और एक बार तो उनका वजूद ही खत्म हो जाता हैं।

*ठीक इसी प्रकार...*

जो व्यक्ति अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं उनका सभी ध्यान रखते हैं और वे मान-सम्मान पाते है।

*वही दूसरी ओर...*

जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं। किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है। वे जड़ सहित खोद लिए जाते है अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है।


*प्रकृति कितना महत्वपूर्ण संदेश देती है बस समझने, सोचने और कार्य में परिणित करने की बात है।*

अलका पाण्डेय मुम्बई

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[11/05, 12:58 am] रानी अग्रवाल: पेड़ _ पौधों के प्रकार।
अग्निशिखा मंच।११_५_२०२२.
विधा_ लेख।विषय_ संसार में जितने प्रकार के पेड़ _ पौधे होते हैं?
     हम सभी जानते हैं कि पेड़_ पौधों का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है।ये हमें फल,फूल,पत्तों के साथ_ साथ प्राणवायु भी देते हैं।चलिए आज हम इनके प्रकारों के बारे में जानते हैं।
    पेड़ों के विभिन्न प्रकार होते हैं।उनकी अपनी_ अपनी विशेषताएं होती हैं जिनके आधार पर इन्हें अलग_ अलग विभागों में बांटा गया है जैसे कि __
१)पेड़_(Tree) ये लंबे होते हैं,इनका तना बहुत मजबूत होता है,इनकी जड़ें जमीन में बहुत नीचे तक जाती हैं इसी कारण ये पचासों वर्षों तक खड़े रह सकते हैं।इनमें नीलगिरी,नारियल,आम,बरगद जैसे पेड़ों का समावेश है। इसमें से बरगद का पेड़ तो सौ वर्षों से अधिक तक भी जीवित रह सकता है।
२)झाड़ या झाड़ी _ (Plants)ये पेड़ से लंबाई में छोटे होते हैं,इनका तना पेड़ों के मुकाबले थोड़ा कमजोर होता है।इनकी उम्र भी लंबी होती है पर सैकड़ों वर्ष नहीं।इनकी जड़ें जमीन के नीचे आस_ पास ही रहती हैं।इनमें गुड़हल,चीकू, इमली, पेरू आदि को गिना जाता है।
३)पौधे_ (shrubs)इनका तना छोटा एवं कमजोर होता है,इनकी लंबाई कम होती है,ये बहुत वर्षों तक जीवित नहीं रह पाते जैसे तुलसी, धान,धनिया,फूलों के पौधे इत्यादि। 
४) शाक _(Leafy plants)इनका तना तो एकदम नाजुक होता है,धरती से ज्यादा ऊपर नहीं आ पाता,इनकी जड़ें भी जमीन की उपरी सतह पर ही होती हैं।इस पौधों को जब हम उखड़ते हैं तो अक्सर वे जड़ों सहित उपड़ जाते हैं जैसे मेथी, पालक,धनिया आदि।
५) बेल (creeper)_इनका तना बहुत ही कमजोर होता है।ये अपने आप खड़े नहीं हो सकते।ये किसी पेड़ का सहारा लेकर उस पर चढ़ जाते हैं,या दीवार का सहारा लेकर उस पर जैसे_ मनी प्लांट,दूधी_ तोरई आदि।
६)लता_ इनमें ऐसे पौधे आते हैं
जिनके तने में खड़े रहने की शक्ति नहीं होती,वे जमीन पर ही रेंगते हैं पर इनमे फल_ सब्जी बड़ी_ बड़ी लगती है जैसे_ कद्दू,तरबूज,खरबूज आदि।
७)कांटेदार पौधे(Thorny bushes)_ इन पौधों में नुकीले कांटे होते हैं,इनका तना मजबूत होता है,पानी की खोज में इनकी जड़ें जमीन में गहराई तक चली जाती हैं।जहां पानी की कमी होती है वहां भी ये उग जाते हैं जैसे कि रेगिस्तान में। ये कांटेदार पौधे अन्य पौधों की रक्षा करते हैं।खेत, बाग बगीचों के चारों ओर कांटो की बाढ लगा दी जाती है जिससे जानवर अंदर घुसकर फसल को नष्ट नहीं कर पाते। इसमें गुलाब, नींबू,कैक्टस का समावेश है।
इस प्रकरण देखते हैं कि " संसार में अनेक प्रकार के पेड़_ पौधे पाए जाते हैं जो मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
स्वरचित मौलिक लेख___
(संदर्भ गूगल से लिया गया)
रानी अग्रवाल,मुंबई।
११_५_२०२२.
[11/05, 2:46 am] Anita 👅झा: लघुकथा 
ख़ुशी 
   ख़ुशी बच्चे को गोद में लिये आधी रात निकल  सोच रही ,सौरभ की रोज़ रोज़ जली कटी बातें सुन ,कलेजा छलनी छलनी हो गया था ।
किसे सुनायें अपनी दासता एक माँ से ही उम्मीद है अगर वो भी मेरे निर्णय से मुँह मोड़ लिया तो क्या होगा ?
अंतिम प्रयास कह ख़ुशी ने कहा 
ये क्या किया ? सौरभ तुमने क्रोध, आवेश में बच्चे वाली गाड़ी में सारा सामान डाल मुझे बच्चे के साथ घर से बाहर कर रहे हो । 
सौरभ कहता -कुछ दिनो के लिय मुझे अकेला छोड़ दो ।
ख़ुशी कहती - दोस्तों के द्वारा सौरभ तुम ग़लतफ़हमी के शिकार हो गये हो । ठंडे दिमाग़ से सोच कर देखना मै तो तुम्हारे बेटे सूरज के साथ तुम्हारी परछाई बन चलना चाह रही हूँ ।
सौरभ कहता - पर ये मेरी अपनी सोच है ।देखो -ख़ुशी तुम ओहदे में बड़ी हों।सूरज के पैदा होने के बाद तुम्हारा स्वाभिमान और बढ़ गया तुम मेरी हर बात काटती हो ।जीना दूभर कर दिया है 
ख़ुशी ने कहा -तुम्हें मेर व्यवहार  दुराचार नजर आने लगा ! तुम मेरी 
आख़री बात पर गौर करना ,ख़ुशी तब मिलेगी जब आप सोचते है 
जो सोचते वही करते है और जो करते बुद्धिहीन है 
सामंजस्य ही जीवन है ! ख़ुशी तब मिलेगी जब आप में सामर्थ हो ? 
एक अंतराल के बाद सौरभ सोचने लगा  ।
अनिता शरद झा अटलांटा 
अनिता शरद झा रायपुर
[11/05, 7:35 am] राम Ram राय: आज के विषय पर मेरी प्रस्तुति
।। संसार में दो प्रकार के पेड़ हैं।।
---श्रीराम राय
*एक गांव में सत्संग हो रहा था ।सत्संग में किसी ने पूछा कि बाबाजी संसार में कितने प्रकार के पेड़ होते हैं? बाबा जी ने बड़ा सुंदर उत्तर दिया कि संसार में दो ही प्रकार के पेड़ होते हैं। मैंने तो देखा है कि वसुंधरा विभिन्न प्रकार के पेड़ों से भरी पड़ी है । कहीं आम के पेड़ ललचाते  हैं , तो कहीं तार के पेड़ सिर उठाए खड़े मिलते हैं। कहीं महुआ के फूलों से लदे सुंदर वन देखने को मिलते हैं ,तो कहीं चंदन की क्यारियां नजर आती हैं । लेकिन इन सभी से इतर बाबा जी ने दो ही प्रकार के पेड़ बतलाइए । मैं उधेड़बुन में लगा रहा । मैं बराबर चिंतन की स्थिति में रहता था । अचानक मेरी बूढ़ी मां मुझसे पूछ बैठी कि बेटा  चिंतित क्यों लगते हो ? चिंता करने से चतुराई समाप्त हो जाती है । चतुर बनो और चिंता त्यागो। मुझे माता की बातें करंट के समान लगी । मैंने बाबा जी की बातों को पर ध्यान देना छोड़ दिया। कुछ ही दिन बीते थे कि बूढ़े पिता जी ने मुझे पास बुला कर कहा बेटा अब मेरा कोई ठीक नहीं । तुम मुझे कुछ तीरथ  करा देते तो जीवन सफल हो जाता । मैं पिता की आज्ञा मानकर माता -पिता को लेकर तीरथ भ्रमण को  निकल गया। रास्ते में पिताजी संस्कार की बातें सुनाते रहे । उनकी बातें मेरे दिल को छूने लगी । उन्होंने कहा कि कुछ मानो या न मानो एक बात मानो। सदा घमंड से बचो । जो घमंडी होता है उससे बड़ा मूर्ख कोई नहीं । विद्वता भी घमंड के कारण नष्ट हो जाती है । आज मनुष्य इसी कारण से जानबूझकर विभिन्न प्रकार के कष्टों में पड़ता है । पिता के प्रवचन को माताजी भी अपनी सहमति देती । दोनों के बीच बैठे हुए मुझे ऐसा लग रहा था कि यह दोनों कल्पवृक्ष के समान मुझे दुनिया का सभी आनंद दे रहे हैं । माता-पिता के उपदेश सुनते हुए  मुझे बाबा जी की बातों पर विश्वास हो गया कि संसार में दो ही प्रकार के पेड़ होते हैं जो माता पिता के नाम से जाने जाते हैं । इनकी छाया में जो सुख और शांति मिलती है वह अलौकिक है।*
#श्रीराम_राय palolife.com
[11/05, 8:12 am] Nirja 🌺🌺Takur: अग्नि शिखा मंच
तिथि- 11-5-2022
विषय- संसार में कितने प्रकार के पेड़
पौधे होते हैं
     संसार में पेड़ पौधों के बहुत प्रकार हैं।  बड़े बड़े विशालकाय पेड़ होते हैं जैसे पीपल ,बरगद ये अधिकतर सौ वर्षों तक जीवित रहते हैं , आम फल देते है ,नीम आरोग्यवर्धक हवा पत्ते देते हैं। इन सभी पेड़ों के जड़ छाल पत्ते सभी दवाईयों में काम आते हैं।  पेड़ वातावरण को शुद्ध वायु देते रहते हैं। राहगीर को अपनी छांह में बिठाते हैं। पक्षी इनमें घोंसला बनाते हैं।इनके  सूखने के बाद भी इनकी लकड़ियां काम आती है। 
झाड़ियां- ये पेड़ों से छोटी और पौधों से बड़ी होती हैं। ये फल और फूल देते हैं। ये भी औषधियों में काम आते हैं। लता बेल- इनके तने कमज़ोर होते हैं। ये ज़मीन पर फैलते हैं और किसी पेड़ का सहारा मिलने पर उॅंचे चढ़ जाते हैं। जैसे लौकी कद्दू अंगूर। 
    ये तो हुई पेड़ पौधों की बातें एक बरगद पिता होता है जिसके छांव तले माता पिता , पत्नी बच्चे, ससुराल से आई बहन,छोटा भाई सब एक साथ रहते हैं। यह बरगद अब कम पाया जाता है। इसी को बचाना है। 

नीरजा ठाकुर नीर
पलावा मुंबई
महाराष्ट्र
[11/05, 9:28 am] 👑मीना त्रिपाठी: *दुनिया में कितने तरह के पेड़ होते हैं  ( लेख )*

दुनिया के पेड़ गिन पाना असंभव है। ठीक उसी तरह जैसे आसमान के तारों को गिन पाना संभव नही । मेरे विचार से दुनिया में अनगिनत तरह के पेड़ पाए जाते हैं। और हर पेड़ की अपनी कोई न कोई खासियतऔर विशेषता अवश्य होती है।
      कई पेड़-पौधे अनादि काल से ही आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोग होते रहे हैं। और कई पेड़ छायादार होने के कारण राहगीरों को अपनी शीतलता एवं छाया प्रदान करते हैं । अगर पेड़ों को उनकी विशेषताओं के आधार पर बांटा या गिना जाए तो निम्न तरह के पेड़ मेरे विचार से होते हैं ----
*1) छायादार पेड़* ---जो पथिकों एवं राहगीरों को और जानवरों को छाया और शीतलता प्रदान करता है।
*2)फलदार पेड़* ---जो हमें और हर जीव को फल प्रदान करता है ।
3)  *चिकित्सा में उपयोगी पेड़*---चिकित्सा पद्धति के लिए उपयोग होता है।
4)खाने योग्य पत्तियों वाले पेड़--- जानवरों की भूख पिपासा को शांत करते हैं।
*5) फूल वाले पेड़*---प्रकृति की खूबसूरती को बढ़ाते हैं।
*6) कांटे वाले पेड़* --जानवरों एवं अन्य प्राणियों से रक्षा के उपयोग में आता है। झाड़ियों को लगा कर लोग अपने खेतों और अपने बाग बगीचों को सुरक्षित रखने के काम आते हैं।
 *इस तरह पेड़ों की अनेक विशेषताएं हैं और उन्हें उनके विशेषताओं के आधार पर बांटा जा सकता है परंतु उनके प्रकार और रूपों के आधार पर बांट पाना संभव नहीं है।*

*मीना गोपाल त्रिपाठी*
*11 / 5 / 2022*
[11/05, 9:42 am] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
विधा:-- *लेख*
विषय:-- *संसार में कितने प्रकार के पेड़- पौधे होते हैं?*

इस विषय पर मेरा मत है पेड़ पौधे का हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है चूंकि आम लोग को फल- फूलों  पत्तों के साथ शुद्ध वातावरण भी देती है। इसलिए सड़क के किनारे नाना प्रकार के पेड़ लगाए जाते हैं जैसे बरगद इमली नीम सागवान जिसकी आयु करीब करीब 100 वर्ष तक रहते हैं। उसमें पंछी अपना घोंसला बनाते हैं,और  राहगीर को छाया भी प्रदान करती है।यह पेड़ सूखने के बाद काटने के बाद उसे लकड़ी से फर्नीचर बनाते हैं।
 दूसरे तरह के पेड़ होते है जिससे हमें फल  मिलते हैं। जैसे:-आम,अमरूद,कटहल केला इत्यादि। जिससे हमें पोस्टिक आहार मिलते हैं।
तीसरे तरह का पौधे जो लतर के तरह  है जिसको सहारा की आवश्यकता होती है जैसे:-- लोकी,खीरा, तरह-तरह हरी सब्जियां मिलती है।
चौथे प्रकार के पौधे:-जमीन के अंदर  होते हैं जमीन के ऊपर  खूबसूरत हरी पत्ती होते हैं। उस पत्ते को भी हम लोग खाने में इस्तेमाल करते हैं। जैसे:- प्याज लहसुन आदि। समय होने पर जड़ से उखाड़  जाता है। आलू प्याज शलजम इत्यादि।
पांचवां के तरह के पौधे;-- नाना प्रकार के फूल जो सुगंध देती है पूजा के काम में आते हैं ।
इस तरह से नाना प्रकार के पेड़ पौधे संसार में मिलते हैं।
जिससे तरह-तरह के आयुर्वेदिक दवा भी बनते हैं।

*सबसे महत्वपूर्ण पेड़ है :--अपने  माता-पिता जो आपके जीवन में बरगद की तरह खड़े रहते हैं और छाया देते हैं।*

विजयेन्द्र मोहन।
[11/05, 10:19 am] 😇ब्रीज किशोर: अग्नि शिखा मंच
  ११/५/२०२२
 बिषय-संसार मे कितने प्रकार के पेड़ पौधे होते है।
भारत कृषि प्रधान देश है दो तिहाई लोग गाँव से जुडे़ है
पेड़ पौधे कई प्रकार के होते है।
पेड़ -की जड़ जमीन मे काफी
नीचे तक जाती है तना मोटा
मोटी मोटी डाली पर पतली टहनियाँ।ये फलदार भी होते
है और इमारती लकडी वाले
कुछ औषधि गुण लिए होते है।
कुछ पेड़ झाडी़ नुमा छोटे होते है बेर,बबूल,निम्बू, सेव,
संतरा आदि।
कुछ पहाड़ी पेड़ काफी ऊँचे होते है चिड़ देवदार,समुद्र किनारे ताड़,नारियल के पेड़ सोपाडी के पेड़ ।
पौधे- साग सब्जी के होते है
कुछ पौधे बहुत छोटे पालक ,मेथी धनिया पुदीना
कुछ पौधे लता बेल आदि होती है।जो जमीन पर फैलती है पेड़ या कोई और सहारा पाकर उपर चढती है
नीचे जो बेल फैलती है उसमे
बडे़ बडे़ फल सब्जी लगते 
लौकी कद्दू, तरबूजा,खरबूजा।
कुछ बेल फूलो की होती है दिवाल आदि पर जढ़ती है।
धरती पर जितने बनस्पति या पेड़ है सब उपयोगी है।
पेड़ की उमर ज्यादे होती है।
तीस चालीस वर्ष से लेकर सौ 
वर्ष और उससे भी ज्यादे कई सौ वर्ष तक रहते है।मेरे पास आम का पेड़ बाबा का लगया है।खलिहान मे बुढा़ बरगद गाँव की कई पीढियाँ देख चुका है बरगत की लम्बी जटाये बढ़ कर धरती मे जड़
जमा चूकी है उसके नीचे तीस चालीस लोग छाया ले सकते है पिपल एक ऐसा पेड़
 है जो सी,ओ,टू लेता है ओ,टू छोड़ता है।सनातन धर्म मे पिपल ,बरगद दोनो की पूजा होती है हम सब बचपन से जल चढाते है।
पेड़ पौधे माँ अन्नपूर्णा और पालक पिता समान है।
इनका रक्षा करना हर मनुष्य का काम है।

स्वरचित
बृजकिशोरी त्रिपाठी 
गोरखपुर यू.पी
[11/05, 11:28 am] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺 बुधवार /11/5/ 2022
🌺विषय/संसार में कितने प्रकार के पेड़ होते हैं।
 विधा -  लेख
सम्पूर्ण सृष्टि में पेड़ पौधों की अपनी एक दुनिया है। इनका वर्गीकरण या प्रकार करना समान्यतः कठिनकार्य है। प्रश्न ये है कि हम किस दृष्टिकोण से वर्गीकरण चाहते हैं। फिर हम यहाँ कुछ वर्गीकरण के आधार पर देखते हैं-

पौधों की ऊँचाई के आधार पर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं- 
1) शाक जातीय पौधे - ये सबसे कम ऊंचाई के पौधे होते हैं। घरों में पाई जाने वाली तुलसी, दवा के रूप में प्रयुक्त होने वाली हल्दी एवं विभिन्न प्रकार की शाक भाजियाँ इसी श्रेणी में आते हैं। 

2) झाड़ी - ये छोटे व मध्यम आकार के पौधे हैं, जिनकी ऊंचाई लगभग 6 मीटर से कम होती है।  इनके तने का रंग सामान्यता हरा होता है। इसमें मुख्य तने के निचले भाग के कई शाखाएं निकलती हैं उनका तना प्रायः कठोर होता है। जैसे - मेहंदी गुलाब,अमरीद, बेर आदि।
3) वृक्ष- कुछ पौधे बहुत लंबे एवं कठोर तने वाले होते हैं उनके तने से कई शाखाएं सामान्यतया ऊपरी हिस्सों से निकलती हैं। जैसे - आम नीम बरगद पीपल आदि।

आयु के आधार पर भी पौधों का वर्गीकरण पर भी पौधों का वर्गीकरण किया जा सकता है- 

1) वर्षीय पौधे - ऐसे पौधे हैं जिनका जीवन का 1 वर्ष अथवा एक ऋतु का होता है उन्हें वार्षिक पौधे कहते हैं। जैसे मक्का ज्वार बाजरा सरसों आदि।
2) दो वर्षीय पौधे- वे पौधे हैं जिनका जीवन काल सामान्यता 2 वर्ष का होता है जैसे- गन्ना
3) बहु वर्षी पौधे- वे पौधे जो 2 वर्षों से अधिक जीवित रहते हैं उनमें काष्ठ का निर्माण होता है। यह पौधे सामान्यता ग्रीष्म एवं बसंत ऋतु में पुष्पित होते हैं। ये पौधे सामान्यता बड़े एवं छायादार वृक्ष होते हैं। जैसे - आम नीम, पीपल आदि। 

आरोहण के आधार पर भी पौधों के कई प्रकार होते हैं -
1) आरोही पौधे- वे पौधे हैं जिनमें पौधे के ऊपर चढ़ने के लिए सहारे की आवश्यकता होती है कुछ पौधों में धागा नुमा संरचनाएं हो पाई जाती हैं इनको प्रतान कहते हैं। प्रतान परिवृत्त तने का एक सहायक रूपांतरित स्वरूप है जैसे- मटर ककड़ी करेला तोरई आदि
2) बल्लरी पौधे- वे पौधे हैं जिनका तना अत्यंत कोमल होता है। ये सीधे खड़े नहीं हो सकते। जमीन पर ही रेंग कर चारों दिशा में वृद्धि करते हैं एवं काफी जगह घेरते हैं ।इनमें आरोही पौधों के समान प्रतान नहीं पाए जाते हैं जैसे- तरबूज कद्दू खरबूजा आदि।

जमीन के अतिरिक्त कुछ पौधे जल में भी पाये जाते हैं -
1. सूक्षम पौधे
i. शैवाल (एल्गी):
ये अत्यधिक छोटे पौधे होते हैं, जिनके विभिन्न अंगो जैसे जड़, तना, व पत्तियों में कोई अन्तर नहीं किया जा सकता । परन्तु उन सबमें हरा भोजन प्रदान करने वाला वर्णक क्लोरोफिल रहता है । अधिकांश जलीय पर्यावरण में वे भोजन व प्राणवायु के प्रारंभिक उत्पादक होते हैं । जलीय संचयों में इनकी साधारण उपस्थिति तथा उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण इन्हें कभी-कभी जलीय घास कहा जाता है ।

ii. काई (मॉस):
एक अन्य सामान्य रूप से पाए जाने वाला पौधों का प्रकार है कई । इन्हें पोखरों के समीप, गीली दीवारों पर अथवा वर्षा के मौसम में घर से बाहर सभी जगह हम मुलायम, रपटने वाले हरे पैबंदों के रूप में आसानी से देख सकते हैं । काई शैवाल की अपेक्षा अधिक विकसित हैं किन्तु अन्य पौधों की तुलना में वे पिछड़े ही हैं । इनमें अलग से पत्तियाँ व तना होते हैं किन्तु उपयुक्त जड़ें नहीं होतीं ।

iii. पर्णांग (फर्न):
यदि हम किसी दलदली जगह अथवा किसी खाई के आस-पास देखें तो हमें कुछ छोटे पौधे दिखाई देंगे जिनकी पत्तियां सुन्दर व नाजुक होती हैं । ये पत्तियां छोटी-छोटी पत्तियों में बटी होती है तथा किनारों पर मुड़ी हुई होती हैं । संपूर्ण पौधा पत्तियों के एक समूह के रूप में दिखता है जो जमीन से अथवा चट्टानों के बीच से बाहर निकला होता है ।

2. पौधे जो पानी में बढ़ते हैं (Plants that Grows in Water):
जब कभी पौधों की बात करते हैं तो हम हमेशा यही सोचते हैं कि पौधों को बढ़ने के लिए ठोस जमीन अथवा मिट्टी की आवश्यकता होती है । कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जो केवल पानी में अथवा नमी वाले क्षेत्रों में ही बढ़ते हैं। इन्हें जलीय पौधे कहते हैं जिनके अनेकों प्रकार होते हैं । चूंकि इन पौधों की किस्में होती हैं जो आकार, रचना तथा बढ़ने के अनुसार स्थितियों में भिन्न-भिन्न होती हैं इसलिए इनका संग्रह तथा अध्ययन एक रोचक गतिविधि हो सकती है ।

जलीय पौधों को निम्न वर्गों में आसानी से बाटा जा सकता है:
(1) डूबे हुए पौधे:
ये पौधे पूर्ण रूप से पानी के अंदर ही रहते हैं । ये या तो नीचे की जमीन से जकड़े रहते हैं । ये या तो नीचे की जमीन से जकड़े रहते हैं या पानी के बीच ही लटके रहते हैं जैसे- हाईड्रिला ।
(2) आंशिक डूबे हुए पौधे:
इन जलीय पौधों की जड़ें नीचे की दलदली सतह में रहती हैं तथा उनके तने अथवा डंठल लंबे होते हैं जिससे उनके पत्ते पानी की सतह पर लहरा सके (जैसे-कमल, नीलकमल) |
(3) पानी पर स्वतंत्र रूप से तैरने वाले पौधे: लैमना, पिस्टिया, वाटर हायसिंथ या जलकुंभी आदि सामान्य रूप से पाए जाने पौधे इसके उदाहरण हैं । ये पौधे पानी की सतह को आच्छादित करते हुए पाए जाते हैं ।

© डॉ. कुँवर वीर सिंह मार्तण्ड, कोलकाता
[11/05, 12:01 pm] वीना अचतानी 🧑🏿‍🦽: वीना अचतानी, 
विषय**पेड़  कितने प्रकार के होते हैं 
पेड़  हवा शुद्ध  करते हैं,  प्रकृति  की सुन्दरता को बढ़ाते हैं ।वातावरण   के तापमान  को  कम करते हैं, पथिकों  को छाया देते हैं, इनसे  आयुर्वेदिक  फायदे बहुत  हैं ।औषधियों का  भंडार है ।ईश्वर  द्वारा दिया गया मानव के लिये अनुपम  उपहार  है।।
        छायादार  वृक्ष हैं,  मौलश्री, पुत्रजिवक,नीम, कंदब, पीपल, शिरीष,आम,करंज, शीशम,अर्जुन  का पेड़, गुलमोहर,  कटहरी, चम्पा, नीम,
कटहल,नारियल,ईमली,खैर, महुआ,सहजन,पीपल,आदि अनेक पेड़  है जो न केवल प्रकृति  की शोभा बढ़ाते हैं,  बल्कि  औषधीय गुणों से भरपूर  हैं ।।।
वीना अचतानी 
जोधपुर ।।।
[11/05, 12:46 pm] शेभा रानी तिवारी इंदौर: पेड़ कितने प्रकार के होते हैं 

पेड़ हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं ।यह तापमान को सामान्य रखते हैं। पर्यावरण संतुलन को बनाकर रखते हैं।
 पौधों के आकार के आधार पर इन्हें तीन भागों में बांटा जा सकता है।
 1, शाक   यह कम ऊंचाई के पौधे होते हैं तुलसी वह हल्दी का पौधा शाक ही है।
 2,झाड़ी   झाड़ी मध्यम आकार के होते हैं जिनकी ऊंचाई 6 मीटर से कम होती है जैसे  मेंहदी,गुलाब, बेर आदि।
3, वृक्ष  येबहुत लंबे व कठोर तने वाले होते हैं, इनके तने से  कई शाखाएं सामान्यतः ऊपरी हिस्सों से निकलती है ।आम ,नीम,बरगद, पीपल आदि।

 श्रीमती शोभा रानी तिवारी इंदौर मध्य प्रदेश
[11/05, 12:47 pm] रवि शंकर कोलते क: बुधवार दिनांक ११/५/२२
विधा****लेख
विषय**संसार में कितने प्रकार के
                  ^^^^^^^^^^^^^   
                     पेड़ पौधे होते हैं ?
                           ^^^^^^^
    इस धरती पर अनगिनत प्रकार के पेड़ पौधे हैं जिसकी जानकारी शायद किसी भी देश के पास नहीं होगी । परंतु जिन पेड़ पौधों का मनुष्य जीवन में , सांसारिक उपयोग के लिए काफी मदद होती है, उसके आधार पर हमारे वैज्ञानिकों और वैद्यक शास्त्र ने उनका उपयोग और अध्ययन किया है । 
         मेरे अल्प बुद्धि अनुसार मैं पेड़ पौधों की कुछ निम्न प्रकार दे रहा हूं ।
१) छोटे -- तुलसी जास्वंद गुलाब
     बड़े --  चिनार ताड़ नारियपेड़
२) फूल और कांटे वाले
             गुलाब जाई जुई / बबूल
३) पत्ते और बिन पत्ते वाले वृक्ष
४) चिकने तथा रफ तने वाले
५) ऊपर फल लगने वाले पौधे
      जमीन के भीतर सब्जी वाले
६ ) फर्नीचर के लिए उपयुक्त/ न     
        किसी काम आने वाले
७ ) मजबूत तने के वृक्ष -बरगद
        बड , पीपल ,बांस, सागवान
८ ) मौसम के हिसाब से फल 
               फूल देने वाले
९) शर्मीले पौधे -लाजवंती का 
                         पौधा
१०) औषधि युक्त पेड़ पौधे--
            पीपल बबूल इत्यादि
११) संगीत सुनाने वाले 
१२) मनुष्य भक्षी वृक्ष (  man          
              Eating trees ) ये
       पेड़ दक्षिण अफ्रीका के घने 
           जंगल मे पाए जाते हैं ।

      संसार में न जाने कितने अनगिनत पेड़ पौधे हैं, जिसके कारण हमारी वसुंधरा हरी-भरी है 
जो इस संसार के समस्त मनुष्य पशु पक्षी और जीव-जंतुओ को  अन्ना हवा पानी देकर जिंदा रखे हुए हैं ।
       तो आओ दोस्तों हम पेड़ पौधों को जिंदा रखे, कभी ना काटे और भरपूर जहां वहां वृक्षारोपण करें ।

प्रा रविशंकर कोलते ,
      नागपुर
[11/05, 1:16 pm] Dravinasi🏆🏆: अग्नि शिखा मंच दिनांक 11 मई 2022 विषय कितने पेड पौधे होते हैं विधा लेख।        ‌‌। ‌।     पेड़ पौधे असंख्य होते। जिनकी सही गणना नहीं की जा सकती।मुख्य रूप से ये एक वर्षीय द्विवर्षीय एवं बहुवर्षीय और जिनमे फल वाले, छायादार एवं खाद्यान्न व औषधियों के रूप में बांट दिए गए हैं। इन्हीं में अलग अलग नई प्रकार के भी होते रहते हैं। पेड़ पौधे कैसे भी हो सभी से कुछ ना कुछ लाभ अथवा हानि होती है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। जिससे ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगा कर प्रकृति को हरी भरी रखना जरूरी है। जिससे पर्यावरण संतुलन रहता है।इसी से मौसम का संतुलन बनते और बिगडते हैं।             डां देवीदीन अविनाशी
[11/05, 1:46 pm] वैष्णवी Khatri वेदिका: बुधवार /11/5/ 2022
विषय/संसार में कितने प्रकार के पेड़ होते हैं।
 विधा -  लेख

पेड़ पौधों के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। इनका हमारे जीवन में अनमोल योगदान है।
ये हमारे द्वारा छोड़ी गयी कार्बनडाईऑक्साइड को ग्रहण कर हमें प्राण वायु ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। वृक्ष हमें विभिन्न प्रकार की वस्तुए जैसे-औषधियाँ, मसाले,सब्जियाँ, तेल,फल,अनाज देते हैं। यहाँ होने वाले प्रदूषण को भी कम करते हैं। 

पौधों में पायी जाने वाली विभिन्न विशेषताओं और आकार के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है। 

शाक (Herbs) 

ये पौधे आकार में बहुत छोटे, अत्यधिक कोमल और हरे रँग के तने वाले होते हैं। जैसे-मेथी ,पालक ,धनिया आदि।
  
झाड़ी (Shrubs) 
इन पौधों का आकार शाक की तुलना में बड़ा और इसका तना मोटा और कठोर होता है।  इस तने के आधार से कई शाखाएँ निकलती हैं।  जैसे-गुड़हल, नीबूं, गुलाब आदि। 

वृक्ष (Tree) 
ये बड़े एवं विशाल, कठोर तने वाले और मोटे एवं भूरे रंग के होते हैं। इनसे कई शाखाएँ निकली होती हैं।  जैसे- पीपल, नीम , जामुन, आम आदि।

लताएँ (Creepers) 
इस प्रकार के पौधे अत्यंत कमज़ोर और इनमें सीधे खड़े होने की क्षमता नहीं होती। इनको दूसरे की सहायता की आवश्यकता पड़ती है। 

ये लताएँ दो प्रकार की होती हैं। 

विसर्जी लता- 
ये लताएँ जमीन के बहुत बड़े भूभाग पर फैली होती हैं। जैसे-तरबूज, खीरा, खरबूजा , पुदीना आदि।

आरोही लता- 
वे लताएँ जिनको सीधा खड़े होने के लिए किसी दूसरे का सहारा लेना पड़ता है उन्हें आरोही लताएँ कहा जाता है। जैसे-अमरबेल, मटर, मनीप्लांट आदि।

पर्णपाती पेड़

पर्णपाती पेड़ वे पेड़ होते हैं जो ठंड में क्षतिग्रस्त होने वाले पत्तों को पतझड़ के दौरान गिराकर पोषक तत्वों को संरक्षित कर लेते है। सर्दी के मौसम के में धूप कम होने के कारण ये अपना प्रकाश संश्लेषण कार्य सफलतापूर्वक नहीं कर सकते हैं। ये वृक्ष विशिष्ट ठंड और शुष्क जलवायु होने पर भी महान ऊँचाइयों तक पहुंचकर लंबे जीवन तक उपयोगी रहते हैं।

सदाबहार
सदाबहार वृक्ष पूरे मौसम अपने पत्ते नहीं गिराते और धीरे-धीरे पूरे वर्ष नवीन होते रहते हैं। कोनिफ़र सदाबहारों का मुख्य समूह है जिन्हें सबसे ऊँचे और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली पेड़ प्रजातियों के रूप में पहचाना जाता है। जैसे-ब्रिसलकोन पाइन 5.000 से अधिक वर्षों तक और तटीय रेडवुड जो 100 वर्ष से अधिक जीवित रहते हैं। ये वृक्ष ठंड या आक्रामक जलवायु के लिए बहुत प्रतिरोधी होते हैं।

फलोंवाले पेड़-
कई पेड़ फलते-फूलते हैं और फल देते हैं। जो मनुष्य फल के रूप में खाते हैं, उन्हें फलदार वृक्ष कहते हैं। 

सजावटी पेड़-
सजावटी पेड़ सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक और आँख को भाने वाले होते हैं। ये महान मूल्य की प्रजातियाँ हैं जो बगीचों या हरे भरे स्थानों को सजाती हैं। उन्हें उनके आकार, रंग, या विभिन्न जलवायु और वातावरण का सामना करने की क्षमता के लिए चुना जाता है। 

क्रोटन- 
यह पौधा खेत में पानी की मात्रा की कमी होने पर मुरझाने लगता है जिससे फसल की सिंचाई की आवश्यकता का पता चलता है।  

बरगद-
बरगद एक विशालकाय वृक्ष जिसकी शाखाओं से निकली जड़ें स्तम्भ का कार्य करती है। इन जड़ों को स्तम्भ जड़े भी कहा जाता है। 

खेजड़ी- 
यह एक अधिक पानी की आवश्यकता वाला वृक्ष है।
यह एक छायादार वृक्ष होता है। जिसकी खेती मुख्यतः भारत के रेगिस्तान क्षेत्रों में की जाती है। इसकी फलियों का प्रयोग सब्जी तथा छाल का प्रयोग दवाओं के रूप में होता है। 

रेगिस्तानी ओक-
यह वृक्ष मुख्यतः ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी जड़े गहरी होने से यह पानी में स्थित रहता है। इसमें से पाइप की सहायता से पानी बाहर निकाला जाता है। 

केला- 
ये आकार में छोटा तथा हरे रंग के तने वाला अत्यधिक कोमल पौधा होता है। इसके फूल और फल दोनों खाये जाते हैं। 

घटपर्णी- 
यह कीड़ों, मकोड़ों, चूहों, मेढकों तथा अन्य छोटे जीवों को खाने वाला एक कीट भक्षी पौधा होता है। यह बनावट में घड़े के समान और खुशबू होने के कारण कीड़े मकौड़े आकर्षित होकर इसके अन्दर चले जाते हैं। जिनको पचा कर यह भूमि में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करता है। 

पेड़ पौधे प्रकृति में संतुलन बनाये रखते हैं। वातावरण में गैसों का सन्तुलन बनाये रखने, मृदा क्षरण को रोकने तथा उसकी उर्वरक शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। 

वैष्णो खत्री वेदिका
जबलपुर मध्यप्रदेश
[11/05, 3:19 pm] कुम कुम वेद सेन: विषय पेड़ कितने प्रकार के होते हैं

पेड़ पौधे का इतिहास वनस्पति शास्त्र पर जब अध्ययन किया गया तो बहुत सारी बातें जो सामान्य जानकारी में नहीं है वह पता चला ।पेड के प्रकार की जहां तक बात है या जलवायु क्षेत्र , मिट्टी के ऊपर निर्भर करता है। गर्म जलवायु का अलग प्रकार का पेड़ होता है बालू रेत में पनपने वाले पौधे का प्रकार बिल्कुल अलग ही होता है आश्चर्य की बात यह होती है जहां चारों ओर बालू ही बालू है पीने के पानी के लिए लोग दूर-दूर तक जाते हैं वैसे जगह में उन फलों का उत्पादन होता है जिसमें सिर्फ पानी रहता है जैसे तारबुज ।यह प्रकृति का अजब करिश्मा है जिस पानी को हम लोग गंदा मटमैला पीने लायक नहीं समझते उस पानी में पानी फल सिंघाड़ा होता कमल खिल जाता यह भी प्रकृति का अद्वितीय नमूना है ।किसी एक जंगल में चले जाइए फिर पेड़ों को देखिए तरह तरह के पेड़ हैं औषधीय पेड़ हैं फलदार पेड़ हैं लकड़ियों के लिए पेड़ हैं बांसों के लिए पेड़ हैं इन पेड़ों की गिनती या नहीं की जा सकती है जिस प्रकार आसमान में छाए तारों को हम समझ नहीं सकते गिन नहीं सकते उसी प्रकार संसार में कितने किस्म के पेड़ हैं इस पर हम अपना सही मत नहीं दे सकते ।
पुस्तकों के अनुसार पेड़ पौधे के निम्नलिखित प्रकार हैं
छायादार पेड़
फलदार पेड़
लत्तर वाले पौधा
औषधीय पौधा
झाड़ी, घास
पानी के भीतर पनपने वाले पौधे
धरती के भीतर फल देने वाले पौधे
नारियल और खजूर के पेड़
नुकीले पत्ती वाले पौधे और पेड़
बिना पत्तों वाले कटीले पौधे
थोड़ी बहुत जानकारी के आधार पर इन पत्तों वाले पेड़ पौधों का मैं विवरण दे रही हूं।
पर मुख्य बात यह है कि पेड़ पौधा ही हमारा जीवन है उनसे हमें ऑक्सीजन मिलती भी है और वह हमारा कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण कर लेते हैं
आज जो भोजन हम लोग कर रहे हैं या चिकित्सा जो हो रही है वह सभी इन पौधों के ऊपर ही निर्भर है कोई भी प्राणी चाहे वह पशु व पक्षी हो मानव जाति हो सब का आधार है पेड़ पौधा।
जब तक या फल फूल देता है उसका उपयोग करते हैं उन के पत्तों का उपयोग करते हैं कभी खाद बनाते हैं कभी पत्तों का जलावन बनाते हैं उनसे जो लकड़ियां प्राप्त होती हैं उनके द्वारा फर्नीचर बनाए जाते हैं यहां तक कि इन लकड़ियों के सहारा लेकर के ही हमारे पार्थिव शरीर को भी जलाया जाता है अब सोच लीजिए कि यह पेड़ पौधे मेरे लिए कितना उपयोगी है
इसलिए हर मनुष्य का यह कर्तव्य होना चाहिए आसपास आप पेड़ पौधे लगाएं उनकी सेवा करें वही आपके सच्ची सेवा है
संदर्भ में एक छोटी सी कहानी याद पड़ी है उसे लिख रही हूं चेन्नई राज्य में एक महिला हैं जिनका नाम है मां अम्मा उन्हें कोई संतान नहीं उन्होंने अपने जीवन का एक उद्देश्य बनाया और अकेले हर दिन वह सैकड़ों पौधों को रोड के किनारे जंगलों में लगाया करती थी उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी पुरस्कृत किया गया।
कुछ ऐसे जगह है जहां पेड़ पौधों को जब काटना रहता है तो उन्हें उन पौधों का इतना तिरस्कार किया जाता है गालियां दी जाती है जिससे वह पेड़ पौधा धीरे-धीरे अपने आप सूख जाता है और वह खत्म हो जाता है इस प्रकार से पेड़ पौधों ही हमारा जीवन है चाहे बरगद हो आमला हो नीम हो पीपल हो कनैल हो गुल्लर हो या गुलमोहर इन पौधों को सड़क के किनारे लगाइए छाया पाइए और इनकी खुशबू से वातावरण को सुगंधित करते हुए शुद्ध बनाइए

कुमकुम वेद सेन
[11/05, 4:10 pm] Anita 👅झा: विषय -संसार में कितने प्रकार के पेड़ होते है 
विधा -लेख 
संसार में दो पेड़ प्रकृति में संचार ऊर्जा भरते है विशाल रूप धारण कर अपना अस्तित्व से सह अस्तित्व बनाते है अपनी ऊर्जा देकर लेकर विश्व आगे बढ़ते है 
पीपल देवता निवास करते मातृत्व का दर्जा प्रदान करते है और दूसरा पिता की रूप अस्तित्व क़ायम रखते है सफलता अवश्य मिलती 
पीपल और बड़ विशाल काय शाखायें सर्वत्र फैल अपना अस्तित्व बनाये रखती है आम नीम, बबूल पेड़ अपने अपने ग़ुणो से पहचान कराते कहावत के लिये मशहूर बोयें पेड़ नीम का तो आम कहाँ से होये , बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर पंछी को छाया नही फल लागे अति दूर। 
इस तरह दैनिक जीवन में  रुप गुण  स्वाद , सुगंध स्वास्थ के लिये ऋषि मुनि तपस्वी बोधि वृक्ष की तरह चरक ,दारूका वन  प्राकृतिक छटा के लिये मशहूर है एक पेड़ सौ पुत्रों के बराबर है स्वस्थ पर्यावरण के लिये ज़रूरी पेड़ लगाओं जीवन बचाओं । इस तरह  संसार में अनेको पेड़ पशु ,पक्षी ,सजीव निर्जीव ,खान ,पान सभी के लिये आवश्यक है पेड़ पौधें जान है तो जहान है अपना अस्तित्व बनायें है   
अनिता शरद झा
[11/05, 4:14 pm] ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: पेड़ों के प्रकार ( लेख) -- ओमप्रकाश पाण्डेय
प्रमुखतः पेड़ दो प्रकार के होते हैं. एक फलदार पेड़ दूसरे जो फल नहीं देते हैं. फलदार पेड़ में आम, जामुन, कटहल, अमरूद आदि हैं. बिना फलदार पेड़ में शीशम, सागौन, देवदार आदि.
पेड़ हमारे जीवन के अभिन्न अंग है. चाहे वे फलदार हों या बिना फल के हों. पेड़ पर्यावरण संरचना के अभिन्न अंग हैं. इसलिए पेड़ को हम भारतीय देवता का स्थान देते हैं और इनकी पूजा करते हैं. पीपल, बरगद, बेल की तो पूरे भारतवर्ष में देवता की तरह पूजा किया जाता है.
धरती को उपजाऊ बनाये रखने में पेड़ों का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है. पेड़ों के कारण ही हमें प्राणवायु अर्थात आक्सीजन मिलती है. पेड़ दुनिया के सारे पक्षियों का निवास स्थान है और उनके फल उनके भोजन देते हैं. पेड़ों के कारण ही वर्षा होती है और जमीन में जल का संग्रह होता है. पेड़ की जड़ें, जमीन के भीतर पानी को बांधे रहतीं हैं.
हमें पेड़ों का विनाश होने से बचाना चाहिए और जितना हो सके, पौधे, फलदार और बिना फलदार भी, लगाना चाहिए.
[11/05, 4:15 pm] साधना तोमर: विश्व में असंख्य प्रकार के पेड़ होते हैं जिनकी गणना करना संभव नहीं है जिनमें से कुछ फल प्रदान करने वाले, कुछ आर्युवेदिक औषधि संबंधी, कुछ छाया प्रदान करने वाले, कुछ पूजा सम्बन्धी और कुछ कांटे वाले होते हैं।
-फल व सब्जी प्रदान करने वाले वृक्ष-
                  फलदार वृक्ष भी अनेक प्रकार के होते हैं यथा-लीची,आडू,केला, आम, पपीता,सेव, अमरूद आदि। फलों की हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी फल हमारे स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं।पेड़ पौधों से हमें सब्जियां भी प्राप्त होते हैं जो छोटे पौधों से तथा बेलों से हमें प्राप्त होती हैं।
-आयुर्वेदिक औषधि के पौधे एवं वृक्ष-
                     आयुर्वेदिक औषधि के भी कुछ वृक्ष होते हैं जिनसे आयुर्वेदिक औषधि बनती है।यथा-तुलसी,नीम,सौंफ, हल्दी, अलसी, गिलोय, एलोवेरा आदि। आयुर्वेद में इन वृक्षों और पौधों का अत्यधिक महत्व है जो हमें स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
-छाया प्रदान करने वाले वृक्ष-
                         छाया प्रदान करने वाले वृक्षों की भी विशेष महत्व हमारे जीवन में है।बहुत से छायादार वृक्ष होते हैं यथा-नीम,पीपल, वटवृक्ष आदि अन्य भी कई प्रकार के छायादार वृक्ष होते हैं। इनकी शीतल छाया हमें गर्मी, वर्षा व धूप से बचाती है। वृक्षों की शीतल छाया थकान मिटा कर शांति प्रदान करती हैं।
-कंटीले वृक्ष-
              कुछ वृक्ष, पौधे और बेल कंटीले भी होते है यथा-गुलाब,कैक्टस,बेर, बेलपत्र ,बोगनवेलिया। इनमें से कुछ सौंदर्य वर्धक होते हैं तो कुछ फल प्रदान करने वाले होते हैं। गुलाब, कैक्टस,बोगनविलिया घर में सौंदर्य बढ़ाने के लिए लगाये जाते हैं और बेर और बेलपत्र के वृक्ष हमें फल प्रदान करते हैं।
-फूल वाले पेड़-पौधे-
                  कुछ पेड़ पौधे घर और उपवन में सौंदर्य बढ़ाने के लिए लगाए जाते हैं जिन पर सुंदर-सुंदर पुष्प खिल कर सौंदर्य वृद्धि करते हैं यथा-कचनार, पलाश, गुलमोहर, रात की रानी, हारसिंगार, गुलाब, चंपा, चमेली, कनेर आदि अपनी सौंदर्य से सभी का मन मोह लेते हैं।
इनके अतिरिक्त भी शाक, सब्जी और भी बहुत तरह के वृक्ष होते हैं  जिनका विवरण संभव नहीं है परंतु हर वृक्ष, पौधा,  लता हमारे लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं उनका कोई न कोई महत्व अवश्य  होता है। वृक्ष हमें फल, छाया, शुद्ध वायु देकर जीवन प्रदान करते हैं और हमारे पर्यावरण को शुद्ध बनाते हैं। सुख शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं। वृक्ष लगाना और उनका संरक्षण करना हमारा परम कर्तव्य है।
डा. साधना तोमर
बड़ौत (बागपत)
उत्तर प्रदेश
[11/05, 5:10 pm] सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन

आज की विधा * *लेख*

विषय  *संसार में कितने प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं*

     पानी के बिना नदी बेकार है  
अतिथि के बिना आंगण बेकार है
पेड पौधौ के बिना जीवन की कल्पना भी सोच नहीं सकते।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक
हिमाचल प्रदेश से हरियाणा तक  
अरुणाचल से आंध्र प्रदेश तक
आसाम से लेकर अंदमान तक
भारत की धरती विपुल वनसंपदा से फलश्रुत है।
     पेड़ पौधे कितने हैं इसकी सही गणना करना संभव नहीं है।
धरती माता ने हर जगह हरे भरे पेड़ दिए हैं इसकी रक्षा करना यह मानव का कर्तव्य है। वृक्ष हमें विभिन्न प्रकार की वस्तुएं देती है
रोजमर्रा जीवन में शाक सब्जी नहीं होती भोजन कैसा करते?
दाल रोटी खाओ प्रभु का गुण गाओ उसमें भी गेहूं एवं दाल भी
पेड़ पौधों से मिलती भारत कृषि प्रधान देश है सत्तर प्रतिशत जनसंख्या पेड़ पौधे पर ही उपजीविका करते हैं तेल वो मसाला पेड़ पौधे से मिलती है
लौंग विलायती काली मिर्च केसर  अजवाइन इत्यादि। पेड़ मानव जीवन को प्राणवायु प्रदान करते हैं। इसकी अनुभूति सभी कोरोना काल में देख ली प्राणवायु के बिना कही लोग काल के गाल समा गए। पर्यावरण को संतुलित रखते हैं। 
     पौधों इस प्रकार वर्गीकरण कर सकते हैं
शाक यह कम ऊंचाई के पौधे हैं जैसे हल्दी तुलसी तुलसी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है यही कारण है की भारत हर घर में तृलसी वृंदावन आंगन में लगाई जाती है
हल्दी का महत्व शादी विवाह में हर धर्म - जाती में उपयोग होता है।
झाड़ी यह मध्यम आकार में जिनकी उंचाई ६ मीटर से कम होती है जैसे मेंहदी गुलाब जांस्वंद
चंपा चमेली यह भगवान एवं फुलों की सजावट देखते ही बनती है ।
     *वृक्ष* संत तुकाराम जी वृक्ष वल्ली हमारे जीवन साथी है! यह कहा है आम नीम बरगद पीपल इत्यादि आम फलों का राजा है
स्वादिष्ट पौष्टिक होता है हर प्रकार रसपान फलोंद्वारा  ही प्राप्त होता है। 
    दक्षिण भारत में कटहल नारियल के ऊंचे ऊंचे वृक्ष यह कल्पवृक्ष की संज्ञा दी तेल से सब का उपयोग होता है
नीम का पेड़ आयुर्वेद की दवा बनती है।
    हर मानव पेड़ लगाओ यह नारा देना पेड़ों रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।
  *पेड़ लगाओ पेड़ जगाओ जीवन अपना सुरक्षित करो*

सुरेंद्र हरडे
नागपुर
दिनांक ११/०५/२०२२
[11/05, 5:32 pm] निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच
विषय;-संसार में कितने तरह के पेड़ हैं।
दिनाँक;-11/5/2022

प्रकृति ने सदा हमें माँ स
सा प्यार दुलार दिया है।प्रकृति की हरित शीतल छांव सदा जीवन दायिनी रही है।ये हरे वृक्ष अपनी शुद्ध शीतल छांव से हमेंअभयदान देते रहे हैं।।
वृक्ष नीड़ पेड़ पौधे भला इन नामों  से कौन परिचित नहीं है।।
ये हमारे  प्राणदाता हैं इनसे  हमें शुद्ध वायु,भोजन शीतल छाया औषधि मिलती है।।ये वृक्ष वर्षा को भी लाते हैं।।
वृक्षों के इतने गुणों के कारण ही इन्हें हमारी भारतीय संस्कृति में पूज्यनीय माना गया है।कहा जाता है कि हरेक पेड़ में भगवान का निवास होता है।।इनके पूजन अर्चन से उन देव की कृपा प्राप्त हो जाती है।
उम्र व  भोजन आवास आकार के अनुरूप वृक्ष अनेक  प्रकार के होते हैं।
जैसे सदाबहार मरुदभिद,(नागफनी)जलीय(जलकुंभी,सिंघाड़ा) स्थलीय (आम पीपल बरगद नीम)आदि
कुछ परजीवी (अमर बेल), लताएं (सेम करेला कद्दू)
झड़ी(गुलाब) मृतोपजीवी(मशरूम) आदि।।
हर एक वनस्पति ,पौधे पेड़ अपने आप में एक अद्भुत गुण समेटे हुए है।
ये पेड़ पौधे खाद्य श्रृंखला में उत्पादक का स्थान रखते हैं।इनके बिना जीव संसार का अस्तित्व सम्भव ही नहीं है।।
निहारिका झा
खैरागढ़ राज.(36 गढ़)
[11/05, 6:35 pm] Dravinasi🏆🏆: अग्नि शिखा मंच दिनांक 11 मई 2022 विषय कितने पेड पौधे होते हैं विधा लेख।        ‌‌। ‌।     पेड़ पौधे असंख्य होते। जिनकी सही गणना नहीं की जा सकती।मुख्य रूप से ये एक वर्षीय द्विवर्षीय एवं बहुवर्षीय और जिनमे फल वाले, छायादार एवं खाद्यान्न व औषधियों के रूप में बांट दिए गए हैं। इन्हीं में अलग अलग नई प्रकार के भी होते रहते हैं। पेड़ पौधे कैसे भी हो सभी से कुछ ना कुछ लाभ अथवा हानि होती है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। जिससे ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगा कर प्रकृति को हरी भरी रखना जरूरी है। जिससे पर्यावरण संतुलन रहता है।इसी से मौसम का संतुलन बनते और बिगडते हैं।             डां देवीदीन अविनाशी
[11/05, 7:08 pm] रागनि मित्तल: जय मांँ शारदे
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 अग्निशिखा मंच
 दिन -बुधवार 
दिनांक- 11/5/2022 लेख-
प्रदत्त विषय- *पेड़ कितने प्रकार के होते हैं*

 सांसारिक दृष्टि से देखा जाए तो पेड़ हजारों प्रकार के होते हैं। जिनकी गणना करना या जिनको परिभाषित करना मुश्किल है ।
     यदि यह विषय दिया गया है तो यह स्वयं सिद्ध है कि यह संसारी पेड़ों के लिए तो नहीं दिया गया है।
       अब मूलतः मै उन पेड़ों की ओर चलती हूं जो हर व्यक्ति के जीवन से संबंधित है। तब मैं बताती हूं कि पेड़ चार प्रकार के होते हैं ।
पहला) *पुण्य का पेड़* दूसरा ) *पाप का पेड़* तीसरा) *मां-बाप रुपी पेड़* और 
चौथा ) *भक्ति रुपी पेड़*
          पहला पेड़ जो है उसमें हम जैसे कर्म करते हैं। यदि अआपने सत्कर्मों का योगदान किया है और सब के प्रति दया दृष्टि रखी है, दान किए हैं, सबकी सहायता की है और सभी प्रकार के अच्छे कार्य किए हैं। तो निश्चित ही हमारे इस पेड़ में पुण्य रूपी फल लगेंगे जो हमारे इस लोक को और उस लोग को भी सफल बनाएंगे।
               दूसरा पेड़ है पाप का। इस पेड़ में हमारे बुरे कर्मों का,हमारे  बुरे कर्मों का, किसी को सताने का, हत्या का जैसे कर्मों का फल मिलता है ।जो पाप के रूप में होता है और यह फल हमें बहुत ही अधिक कष्ट देता है। इसलिए ऐसा पेड़ लगाना ही नहीं चाहिए ।
         तीसरा पेड़ माता-पिता रूपी पेड़। इस पेड़ में हम जितनी सेवा भाव का पानी डालते हैं। इनकी आज्ञा मानते हैं ।इनके पद चिन्हों में चलते हैं  यह पेड़ ही बरगद का रूप ले लेता है।जिसकी छत्रछाया में हम हमेशा सुरक्षित रहते हैं ।
            चौथा पेड़ हुआ भगवत भक्ति का है।इसमें हम जीवन भर जो भी धर्म करते हैं ।भगवान की भक्ति करते हैं ।भगवान के कार्यों को सफल बनाते हैं ।उससे इस पेड़ से आशीर्वाद रूपी भगवान की कृपा रुपी फल होते हैं ।जिससे हमारे जीवन की सार्थकता निखर कर आती है।

 रागिनी मित्तल 
कटनी ,मध्य प्रदेश

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