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अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के ब्लॉक पर आज दिनांक 21 /1/2022 को गणेश जी की स्तुति रचनाकारों द्वारा पढ़ें अलका पांडे मुंबई


21/1/2022

गणपती बप्पा

नमन करूं मैं गणपति बप्पा 
हाथ में दो लेखनी गणपती बाप्पा
मां शारदे दे दो आशीष 
रख दो सिर पर हाथ मेरे 
निशिदिन दुआ करूं मैं 
नित्य करूं मैं नवसृजन 
एकदंत गणपति बप्पा 
गोरा के गोदी मे विराजो
शिव जी हो साथ 
 नमन करूं मैं गणपति बप्पा
 दे दो ना आशीष 

दीन दुखियों का दुख हरो 
करोना से सब को बचाओ
 ना दुखी हो कोई बाप 
ना माता हो  अकेली 
भाई बहन का साथ न छूटे 
ना सुहागन का सिंदूर रूठे 
ना बच्चों के सर से बाप का साया हटे

रिद्धि सिद्धि के साथ विराजो
सर्वप्रथम तुम पूजे जाते
 करोना को दे दो तुम मात
हे गणपति बप्पा 
नमन करूं मैं 
दे दो हमको अशीष

अलका  पाण्डेय मुम्बई

🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵🔵








[21/01, 8:54 am] वैष्णवी Khatri वेदिका: शुक्रवार -21/1/202 
विषय - गणेश चतुर्थी पर

गणपति मेरे सब के प्यारे।
शिव गौरी के राज दुलारे।
मोदक तुमको सबसे भाते।
चटकारे ले तुम हो खाते।।

सबसे पहले पूजते सारे।
बस तेरा ही नाम पुकारे।
देवों में पहले तुम देवा।
हम सब करते तेरी सेवा।।

जो तेरी पूजा को करते।
उनके संकट को तुम हरते।
तुम ही मेरे पालनहारा।
सौंप दिया ये जीवन सारा।।

रिद्धि सिद्धि सँग सँग में आती।
मनवांछित फल देकर जाती।
मेरे मन में तुम बस जाना।
यहाँ पर ज्ञान चक्षु जगाना।

वैष्णो खत्री वेदिका
[21/01, 9:06 am] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
विधा:-- *भक्ति गीत*
शीर्षक:-- *गणेश चतुर्थी*

विनती सुनो गणराजा आज,
मेरे घर में जरूर आ जाना,
आज ही मेरे घर में आ जाना।
*विनती सुन लो गणराजा आज।।*

रिद्धि- सिद्धि के तुम हो दाता, 
भक्तजनों के भाग्य विधाता,
शंकर-पार्वती के लाल गणराजा,
आज मेरे घर जरूर आ जाना
विनती सुन लो गणराजा आज
आज ही मेरे घर में जरूर आ जाना।।

माथे मुकुट गले मोतियन माला
कानन कुंडल हाथ भला
मस्तिष्क सिंदूरी गणराजा
आज मेरे घर में जरूर आ जाना
बिनती सुन लो गणराजा आज
आज मेरे घर में जरूर आ जाना।।

देवता में इन से बड़ा न कोई दूजा
सर्वप्रथम होती है जो इनकी पूजा।
बुद्धि के दाता गणराजा,
आज मेरे घर जरूर आ जाना
विनती सुन लो गणराजा
मेरे घर में आ जाना।।

विजयेन्द्र मोहन।
[21/01, 9:07 am] 👑सुषमा शुक्ला: जय गणेश🙏 मां शारदे को नमन🙏 मंच को प्रणाम🙏

मेरे मन मस्तिष्क पर,,,
 सदा मां शारदे का अधिकार है,,,, 
वीणा के जैसे गूंज है,,,,,
 मां,,, 
का प्रातः यह शुभ्र विचार है,,,,,
 हर शब्द हर वाणी को तुमने ,,,,,
मांत निज हाथों से बुना,,,
 कलरव मधुरिम ध्वनियो का,, एक सच ओंकार है,,,,, 
श्वेत कमल, श्वेत वस्त्र ,,,,,
श्वेत ही मात तेरा आसन वाहक,,,
 निर्मल ज्ञान है, स्वस्थ पान है,,, सम्मोहक ओंकार है,,,
मन मस्तिष्क पर मां शारदे तेरा ही अधिकार है🙏🙏🙏🙏

🌷आपका जीवन मंगलमय हो🌹 स्वास्थ्य से भरपूर हो🌷

 सुषमा शुक्ला इंदौर
[21/01, 9:27 am] Nirja 🌺🌺Takur: अग्निशिखा मंच
तिथि-21-1-2022   
विषय -भक्ति गीत

   गणपति वंदना

गणपति हो तुम शंकर के प्यारे
मॉं गौरा के राज दुलारे
शुभ लाभ के पिता हो तुम
ऋध्दि-सिध्दि के हो पति प्यारे

चतुर्थी तिथि है भाती तुमको
हमारी याद सताती तुमको
आते हो तब पास हमारे
आशीष देते हो जी भर के हमको 

मोदक लड्डू तुमको भायें
मूषक राज सवारी करायें
संकट सबके हर लेते हो
भक्त जन तुम्हरे गुण गायें

गई मां स्नान को,द्वार पर तुम्हें बिठायें। 
शिव रोका ,चाहे वो जो अंदर को जायें
काटा सिर फिर क्रोध के कारण
गज शिशु का फिर शीश लगायें

प्रथम पूज्य कौन हो,हुआ इस पर विवाद
किसे पूजें पहले और किसकी पूजा होये बाद
शिव ने कहा ब्रह्मांड के लगाओ चक्कर
पहले आये मेरे पास, सबकी पूजा उसके बाद

माता पिता ही ब्रह्मांड हैं मेरे
मातापिता के लगाये फेरे
पहले पहुंचे गौरा शंकर के पास
आशीष पाये,पहली पूजा होय तुम्हारे

नीरजा ठाकुर नीर
पलावा डोंबिवली
महाराष्ट्र
[21/01, 9:46 am] 💃वंदना: गणपति नमस्कार

रिद्धि सिद्धि के दाता गजानंद तुम्हें।
सबसे पहले हमारा नमस्कार है।

सारी दुनिया मनाती है पहले तुम्हें।
तेरी लीला का ऐसा चमत्कार है।

यह वरदान कमलापति ने तुम्हें।
पहली पूजा के हकदार माने गए।

तुम से बढ़कर कोई देव दूजा नहीं।
सभी देवों का तू ही तो सरताज है।

तेरी महिमा के आगे मैंने ही तो क्या।
तीनों लोगों ने मस्तक झुकाया सदा।

सर्व शक्ति है दाता तेरे हाथ में।
विद्या बुद्धि वा शक्ति का भंडार है।

रिद्धि सिद्धि के दाता गजानन तुम्हें।
सबसे पहले हमारा नमस्कार है।

वंदना शर्मा बिंदु।  देवास।
[21/01, 11:02 am] डा. बैजेन्द्र नारायण द्िवेदी शैलेश🌲🌲 - वाराणसी - साझा: आदरणीय मंच को सादर प्रणाम🙏🙏
एक सजल
--------------
आपको भी वहां बुलाऊंगा ।
मैं जहां जिस जगह पर जाऊंगा ।।
आपका प्यार जो मिला मुझको।
 कैसे एहसान चुका पाऊंगा ।।
झूठ जो लगी है मर जाने दो आपके पास कभी आऊंगा ।।
जिंदगी के हर एक लम्हे को आपके साथ रह निभाऊंगा।। मेरा यह वादा नहीं है झूठा आएगा समय तब बताऊंगा।।
आप बहुमूल्य हीरा हैं मेरे
नहीं संभव कि भुला पाऊंगा
शैलेश हूं यकीन दिलाता अब दिल नहीं आपका दुखाऊंगा।।
--*****
डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश वाराणसी🌻🌷🌻🌷🌻🌷
[21/01, 11:10 am] श्रीवल्लभ अम्बर: 🙏नमन मंच🙏

     गणेश चतुर्थी,,,

    जय जय हो गणेश,
     हरो सकल कलेश,
     में जाऊ बलिहारी हो।
     जय गणपति विजय हमारी हो।

     मस्तक मणियों का मुकुट है सोहे,
     सिंदूरी काया मन भाए मोहे,
     लाल ध्वजा तेरी शिखर पे सोहे,
     तेरी चतुर्थी वृत पे बलिहारी हो,
     जय गणपति विजय हमारी हो।

    पार्वती ,शिव के तुम हो लालना,
    प्रथम पूज्य हो तुम्हारी गण ना,
    रिद्धि सिद्धि संग बैठे पलना।
    बड़ी अनोखी मुसक सवारी हो,
    जय गणपति विजय हमारी हो ।

    भक्त जनों के तुम हो दाता,
    मोदक, लड्डू, तुम्हे चढ़ता,
     लंबोदर भी नाम सुहाता,
      अब दूर करो ये महामारी हो,
      जय गणपति विजय हमारी हो।

   🙏 श्रीवल्लभ अम्बर🙏
[21/01, 11:18 am] पल्लवी झा ( रायपुर ) सांझा: गणेश वंदना

हे लम्बोदर, गजानन बप्पा,
आतुर स्वागत,बच्चा-बच्चा ।
महामंडल है, शरण तुम्हारा,
पिताम्बर है तन पे साजा ।

हरित दूब तुम्हें अति भाये,
मोदक लड्डू तुम्हें नित चढ़ाये ।
अनुपम मुख-मंडल है तुम्हारा,
जिसमें मोहित है जग सारा 

प्रथम पूजनीय हे गौरी के लाला,
रिद्धि सिद्धि संग शुभ -लाभ भी लाना।
भव सागर से मुझे पार कराना ,
प्रेम सुधा हर पल बरसाना ।


एकदंत और सूप कर्णं वाले ,
बैठे मूषक पर गणपति सूढ वाले ।
हे बुद्धि के दाता, हे भाग्यविधाता,
विघ्न हर लो सारे हे गणराजा।

    पल्लवी झा
रायपुर छत्तीसगढ़
[21/01, 11:47 am] रामेश्वर गुप्ता के के: ।गणेश चतुर्थी।
गणेश चतुर्थी का दिन है,
विध्न हरण का दिन है।
मंगल मूर्ति मंगल करते है,
आज आया वो शुभ दिन है।।
गणेश...................... 1 
गणपति बप्पा प्रिय अपने है,
उनके दर्शन शुभ होते है। 
मोदक उनका प्रिय भोजन है, 
प्रथम पूज्य यह अपने होते है।। 
गणेश.........................2 
आरती इनकी नित होती है, 
जीवन में सब सुख करती है। 
दूब चंदन फूल इन्हें चढता है, 
माथे तिलक खूब सजता है।। 
गणेश.........................3
आओ लड्डू का भोग लगायें, 
इनकी झांकी मन में बिठाये। 
दर्शन इनका जो करता है, 
वह कल्याण,सबसुख पाता है।। 
गणेश......................... 4
स्वरचित, 
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ।
[21/01, 12:08 pm] शेभारानी✔️ तिवारी इंदौर: गणेश वंदना

 तुम गणराज हो, गौरी नंदन तुम कहलाते हो,
 शुभ कार्य से पहले, तुम ही तो पूजे जाते हो।

 एकदंत हो वक्रतुंड हो ,तुम ही तो लंबोदर हो विघ्नहर्ता मंगलकर्ता, सबकी बिगड़ी बनाते हो, रिद्धि सिद्धि के दाता हो ,सुख समृद्धि देते हो,
 तुम ही गणों के नायक, तुम ही तो विनायक हो, अपने भक्तों की जीवन नैया ,भव से पार लगाते हो।

 गणपति जी सबके प्यारे,गौरा के राज दुलारे हैं, 
प्रथम प्रणाम गणेश को, वही जग के रखवाले हैं,
 मूषक वाहन में चलते हैं,मोदक लड्डू खाते हैं, जो भक्त मन से उन्हें पुकारे, दौड़े चले आते हैं गणपति बुद्धि के दाता जीवन के गुर सिखाते हो,
 तुम गणराज हो, गौरी नंदन तुम कहलाते हो।

सुबह-शाम पूजा करेंगे, श्रीफल पुष्प चढ़ाएंगे,
घी का दीप जला , श्रद्धा से शीश झुकाएंगे,
मंगलध्वनियों के संग, गणेश वंदना गाएंगे,
कृपा आपकी होगी, आशीर्वाद पाएंगे,
हम याचक तुम दाता ,खाली झोली भर देते हो।

 श्रीमती शोभा रानी तिवारी 
619अक्षत अपार्टमेंट खातीवाला टैंक
इंदौर मध्यप्रदेश मोबाइल 8989409210
[21/01, 12:08 pm] वीना अचतानी 🧑🏿‍🦽: वीना अचतानी 
विषय ****भक्ति गीत*****
*****गणेश चतुर्थी *****
जो गणपति को प्रथम मनाता 
उसका सारा दुख मिट जाता 
रिद्धि सिद्धि सुख सम्पति पाता
भव से बेड़ा पार उतर जाता 
मेरी नैया पार करो तेरा ध्यान लगाऊँ
पार्वती के पुत्र हो प्यारे
सारे जग के तुम रखवाले 
भोलेनाथ है पिता तुम्हारे 
सूर्य चन्द्र है मस्तक धारे
मेरा सारा दुख मिट जाए
दिजिये यही वरदान 
रिद्धि सिद्धि तेरे संग सोहे
मूसक सवारी मन को मोहे
माला जपूं मैं तेरी गणपति 
करूँ तेरा गुणगान 
अन्न धन्न में प्रभू बरकत तुम हो
विद्या में तुम बड़े निपुण हो
प्रथम सभी में तुम ही बने हो
दूर करो प्रभू कष्ट हमारे
देव दया के निधान ।।।।
वीना अचतानी 
जोधपुर ।।।
[21/01, 12:37 pm] ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: जय जय गणपति बप्पा --- ओमप्रकाश पाण्डेय

जय जय हे गणपति बप्पा
तुम हो विघ्नेश्वर महाराज
गिरजा पुत्र जय गजानन
शिवशंकर के प्रिय पुत्र
कृपा सब पर बनाये रक्खो
जय जय गणपति बप्पा....... 1
लड्डू तुमको सबसे प्रिय
मोदक भी तुमको है प्रिय
महाबली बुद्धिमान तुम हो
महादयालु तुम हो प्रभु
जय जय गणपति बप्पा...... 2
मूषक तुम्हारा है वाहन
माँ पिता की प्रदिक्षणा करके
तुम बने देवाधिदेव
दुष्टों के तुम हो संहारक
जय जय गणपति बप्पा....... 3
विद्या के देवता तुम हो
बुद्धि के हो तुम देवाधिदेव
महा शक्तिशाली हो गणपति
हम सब पर कृपा करो महाराज
जय जय गणपति बप्पा........ 4
एक दन्त दयावान हो
चारभुजा धारी महाराज
सिन्दूर सोहे आपके उपर
आर्शीवाद दो कृपा करो प्रभु
जय जय गणपति बप्पा......... 5
( यह मेरी मौलिक रचना है -- ओमप्रकाश पाण्डेय)
[21/01, 12:43 pm] Anita 👅झा: नमन मंच 
संकष्टी चतुर्थी 
माघ चतुर्थी जन्म उत्सव आया 
पार्वती के पुत्र कहावव 
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता हो 
करत जग कल्याण हों 
नाम अनेक है रूप एक है
ग़ज़ाननाय ॐ ग़ज़ाननाय 
तिल गुड़ पहाड़ बन लड्डुओं भोग 
हे सिद्धिविनायक हे कृपानिधान ,
कर जोड़ मै स्तुति गुणगान करूँ 
हे जगवंदन गणपति कृपा निधान  
 करो कोरोना से निदान ,
जग उजियारा करने आये हो ,
सबके द्वारे हो उजियारा 
गणपति हमरे द्वारे आये हो !
करते जगत कल्याण हो ,
पार्वती के तुम राज दुलारे हों ,
बुद्धि परीक्षा में पिता को सताते हो !
सिद्धि बुद्धि के तुम रखवाले हों 
सुख शांति वैभव के दाता हों !
कर्म प्रभाव से तिहु लोक उजागर हो !
शुभ लाभ से जुड़ी मनमोहक छवि हो !
एक ही पुकार एक ही पूजा हों !
अक्षत दूर्वा पुष्प मोदक से ,
मन मुस्कानो में छा जाते हो !
शोभा है न्यारी रूप निराला ,
दया निधान कृपा निधान बन आये  
मंगल मिलन हो तीज त्योहार हों !
प्रथम पूज्य गणपति गौरी कहलाते हो !
हे गणपति हे सिद्धिविनायक पधारो हमरे द्वारे रहो !
 गणपति हमरे द्वारे रहो !
स्वरचित मौलिक अनिता शरद झा रायपुर
[21/01, 1:01 pm] रवि शंकर कोलते क: शुक्रवार दिनांक २१/१/२२
विधा****भक्ति गीत
विषय***
#****श्री गणेश वंदना****#
               ^^^^^^^^

उतारूं तेरी आरती ।
       मैं करूं सुमरन ।।
विघ्न हरो बाप्पा मेरे ।             
         दीजिए दर्शन ।।             
पाप ताप हरलो सब । 
         हे दुख भंजन ।।                
श्री चरणों में तेरे           
        कोटि कोटि वंदन ।।धृ।।

मोदकदुर्वांकुर है तुमको प्रिय बड़े । 
श्रद्धासुमन लिए हम है यहां खड़े ।। 
                  आलोकित है मेरा
                    भक्ति सेअंतर्मन।।१                                     

तू ही गणपति गणाध्यक्ष भूपति ।
तू सकलदेव ओंकार भुवनपति।।       
                   सहस्त्र तेरे नाम है ।
                   करूं क्या वर्णन ।।२

है पूजामें तेरा ही पहला मान ।  
सब देवता करें तेराही गुणगान ।।
                     विपदा करो दूर ।
                  हे शिवगौरी नंदन।।‌३

प्रा रविशंकर कोलते
      नागपुर
         महाराष्ट्र
[21/01, 1:06 pm] वीना अडवानी 👩: गजानना
*******

गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

मोदक, लड्डू, बूंदी, मेवा
आओ खिलाऐं तुझे मना
तू हर दे पूरे विश्व के विघ्न
पुकारे तुझको हर एक जना।।


गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


सर्वप्रथम तुझे ही पूजे भक्त
यही आशिष दिये पिता महा
शिव पार्वती का प्यारा तू कहत
समस्त ब्रम्हांड मात पिता मे ही समा।।


गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


प्रिय अपने वाहन मुशक संग भी 
नटखट अटखेली कर बांधे समां
ढ़ोलक बजा अपने पिता का गणु
नाचे तू कभी कदम उठा कभी जमा।।

गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र
*******************
[21/01, 1:18 pm] निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच
विषय;- भक्ति आराधना
दिनाँक;-21/1/2022
🌹गणेश आराधना🌹
   🙏ॐ श्री गणेशाय नमः🙏
शिव नन्दन दीन दयाल हरि
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
तुम एक दन्त ,तुम भाल चन्द्र
तुम लम्बोदर तुम विकट मेव
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव......।।1।।

तुम जग के पालनहारे हो
माँ पार्वती के दुलारे हो
तुम विघ्न हरण तुम दुखहर्ता
तुम ही हो हम सब के भर्ता।
तुम बाल रूप तुम आदिदेव
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव.....।।2।।

तुम सिद्धेश्वर तुम रिद्धेश्वर
तुम जग के हो पालन कर्ता।
शुभ लाभ के तुम हो परम् पिता,
तुम जग के हो कर्ता धर्ता
तुम तीन लोक के तारे हो 
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव .......।।3।।
कण कण में तुम रज रज में तुम
तुम इष्ट देवता हमारे हो
तुमसे करते विनती हम सब
तुम हम सबके सन्ताप हरो।
हे विघ्न हरण मंगलमूरत 
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव .....।।4।।
 
श्रीमती निहारिका झा ।।🙏🙏
[21/01, 1:56 pm] आशा 🌺नायडू बोरीबली: (भक्ति गीत)
      ***************
       🌹गणेश स्तुति🌹
      **************** 

हे, गणनाथाय नमोस्तुते।

गजाननाय ,लंबोदराय , हे गणनाथाय नमोस्तुते ।।       

एकदंताय, महाकालाय,। हे गणनाथय नमोस्तुते।। 

विघ्नविनाशाय, जगतसिध्दाय हे गणनाथाय नमोस्तुते।। 

उमासुताय शोकविनाशकाय ,
हे, गणनाथाय नमोस्तुते।।
 
 गणाध्यक्षाय, सूपकर्णाय,
 हे ,गणनाथाय नमोस्तुते। 

गणनायकाय , संकटमोचनाय,
हे, गणनाथाय नमोस्तुते।।

अष्टविनायकाय, विशालकाय,
हे, गणनाथाय नमोस्तुते।।

सुखदाताय, गजनाथाय,
हे, गणनाथाय नमोस्तुते।।

हे गणनाथाय नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते।।
********************स्वरचित रचना.
डॉ . आशालता नायडू .
मुंबई . महाराष्ट्र .
********************
[21/01, 2:11 pm] डा. बैजेन्द्र नारायण द्िवेदी शैलेश🌲🌲 - वाराणसी - साझा: आदरणीय मंच को नमन***
एक दंत मंगल करण विघ्न हरण गणराज सादर विनवउं आपको, सिद्ध करो मम काज।।
आप दया के धाम हो करो मेरा उद्धार।
 जीवन है यह आपका दे दो हे प्रभु प्यार।।
सुकृत नित्य ही मैं करूं जग का होए साथ। परहित में अपना रहे, अपना भी एक हाथ।।
साथ न जब कोई दे प्रभु, आप दीजिए साथ।
 कभी नहीं असमर्थ हों, मेरे दोनों हाथ।।
-------
डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी शैलेश वाराणसी
[21/01, 2:16 pm] सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन

विधा। *भक्ति गीत*

सुखकर्ता दुखहर्ता हो तुम
शिव-पार्वती के नंदन हो
विघ्नहर्ता हो तुम ही तुम
भक्ति में लीन होते भक्तजन।।१।।

मोदक लड्डू का भोग चढ़ाते
जय गजानन बोलते हो
सारे विश्व में तुम पूजे जाते
प्रथम तुम पूजे जाते हो।।२।।

दुर्वांकुर लाल पुष्प तुम्हें प्रिय
श्रद्धासुमन खड़े है भक्त 
आज के दिन है तीलचतृर्थी
तील के लड्डू चढाते।।३।।

गणेश जी प्रिय वाहन मूषक
ढोल बजा कर पिता शिवजी
की गुणगान करते अष्टविनायक 
है महाराष्ट्र में तुम ही जगहर्त।।४।

गणपति बप्पा मोरया 
गणपति बप्पा मोरया बोलते 
भक्तजन के दुख दर्द हरते
विघ्नहर्ता ही सब बोलते ।।५।।

सुरेंद्र हरड़े
नागपुर
दिनांक २१/०१/२०२२
[21/01, 2:52 pm] Anshu Tiwari Patna: गणेश चतुर्थी-
----------'
 हे गणपति गजानन ,
लंबोदर हे पार्वती पुत्र 
 गणेश गजानन ,
हे प्रथम पूज्य
 तेरे चरणों में वंदन
तुझे प्रणाम।
 मैं हूं शरण तिहारी 
 रक्षा करो सुन लो अरज हमारी,
 हे गणनायक हे गणराज
 संकष्टी चतुर्थी आई आज
 संकट से हमको उबारो 
ना डर डर के जिए हम
 इसओमीक्रान को मार भगाओ।
 हे गणनायक विघ्न हरता 
गजानन गणराज
 पूजा करऊं अक्षत चंदन से 
 मोदक और दुर्वांकुर चढाऊं
  इस संकष्टी तिल गुड़ 
और तिलकुट चढ़ाऊं
हे प्रभु, अरज सुनो हमारी 
गणनायक, गणराज 
 हे पार्वती पुत्र गणेश
 रिद्धि-सिद्धि के स्वामी 
तुझे चरण वंदन।
 धन्यवाद
अंशु तिवारी पटना
[21/01, 3:25 pm] रागनि मित्तल: जय मां शारदे
************
 अग्निशिखा मंच 
*************
दिन-शुक्रवार 
दिनांक-21/1/2021
       भक्ति गीत
      *********
प्रदत्त विषय- *गणेश चतुर्थी पर प्रथम पूज्य से निवेदन*

प्रथम मनाऊं तुम्हें शंभू सुत गणनायक ,गणराज। 
सभा मे राखो मेरी लाज।

नमो-नमो शंभू सुत प्यारे।
पार्वती की आंखों के तारे।
सब देवों में बड़े देव हो, देवों के सरताज ।
सभा में राखो मेरी लाज।

नमो-नमो दशरथ सुत प्यारे ।
कौशल्या की आंखों के तारे ।
सिया लखन, हनुमान सहित तुम आन विराजो आज ।
सभा में राखो मेरी लाज।

जय-जय-जय हनुमंत हठीले ।
रोम- रोम में रास रसीले। 
सिया की सुध तुम लेकर आए, राम के कीन्हे काज।
सभा में राखो मेरी लाज। 

जय काली कलकत्ते वाली।
जय शारदा मैहर वाली। 
सिंहवाहिनी दुर्गे माता, आन विराजो आज ।
सभा में राखो मेरी लाज ।
प्रथम मनाऊं तुम्हें शंभू सुत गणनायक, गणराज।
सभा में राखो मेरी लाज।

 रागिनी 
 कटनी, मध्य प्रदेश

क्यों
[21/01, 3:40 pm] 👑सुषमा शुक्ला: भक्ति गीत,

 *गणेश लाला*
🙏🌷

*गणेश चतुर्थी पर अरदास*

गणेश चतुर्थी पर
 पूजू तुमको, तुमको ही मनाऊं
लड्डू अन भोग धाराऊ ,,,
हे विघ्नहर्ता तुमसे जीवन पाऊ।

🌷आवो आवो
 पधारो गनू बाबा,
ऐसा मोहक है गोरा का लाडला,,,
 मोदक का है वो मतवाला,,
 सबके दिल को लुभाए गोरा लाला,

नन्ना सा गनु दौड़ा आया,,,, देखो मंचित को कैसा सजाया,,,,, ब्रह्मांड का है वो मालि,,,, 
बालक बनकर वो कैसे आया,,l

इसको ह्रदय में बसाओ ,।
,मन के सारे कलुष मिटाओ,,,,,
छोटी पैजनिया उसको पहनाऊ,,
अपने आंचल में उस को छुपाऊ,,,,,
भोला भोला सा दौड़ा आया,,, देखो मंच को उसने सजाया।।

भक्तों का है रखवाला,,
रिद्धि सिद्धि का है वो प्यारा,,
दुष्ट को मार भगाए ,,
सृष्टि का तारणहारा



स्वरचित गीत सुषमा शुक्ला
[21/01, 4:03 pm] रानी अग्रवाल: श्री गणेश संकष्टी पूजन
२१_१_२०२२,शुक्रवार।
विधा_ भक्ति गीत।
शीर्षक_ श्री गणेश संकष्टी पूजन

हम करें श्री गणेश आराधन,
तन से, मन से और सह धन।
प्रथम पूज्य गणेश को नमन,
बुद्धि के देवता करें सृजन।
मेरी लेखनी के प्रणेता तुम,
ऋद्धि_ सिद्धि के दाता तुम।
विघ्न हरो विघ्नेश्वर,
कृपा करो लंबोदर।
सुख सम्पत्ति तुम देते,
शुभ_ लाभ सब पाते।
खुशियों से भरा आंचल,
संतान दे महकाओ आंगन।
आज करूं मैं व्रत पूजन,
आओ मेरे सर्व कष्ट हरन।
कर चंद्रमा का दर्शन,
कुमकुम,जल कर अर्पन।
बड़ों के कर स्पर्श चरन,
तत्पश्चात करूं भोजन।
चिंतामणि चिंताएं हरो,
पूरन हर काज करो।
मूषक करीब तुमरे चरण,
राखो हमें अपनी शरण।
शिव_ गौरी के पुत्र महान,
हमें न विसारियों,कृपानिधान।।
स्वरचित मौलिक रचना______
रानी अग्रवाल,मुंबई।
२१_१_२०२२,शुक्रवार।
[21/01, 4:28 pm] अंजली👏 तिवारी - जगदलपुर: हे विध्न हरता
गणपति देवा
विध्न हरन करो
हे विध्न हरता
गौरी पुत्र गणेश देवा
अरे सुनो हमारी
दूर्वा अर्पित करें तुम्हें
मोदक का भोग लगाएं तुम्हें
तिल गुड़ का भोग लगाएं 
संकट में जो तुम्हें है।
हर कार्य को पूर्ण करो
आये हैं तुम्हारे शरण में
अब दया करो हे दयानिधि
हर काम को‌ पूर्ण मेरी।
अंजली तिवारी मिश्रा जगदलपुर छत्तीसगढ़
[21/01, 4:35 pm] Chandrika Vyash Kavi: विघ्न विनाशक मंगल दायक
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   विघ्न विनाशक मंगल दायक
   गणपति पधारे हैं हमारे घर द्वार
     एक दो दिन चार गणपति 
      बाप्पा की जय जयकार 
    तुम ही हमारे जीवन आधार !

        दिवस चतुर्थी का जन्म है
          खडे़ विनायक द्वार
        दीप, धूप, मोदक चढे़
           दूर्वा पुष्प का हार !

      स्वागत को खडे़ भक्तजन
           सिंदूर लगाये भाल
        तुम्हारे आने से सजते हैं 
           जगह जगह पंडाल !

      विघ्न विनाशक मंगल दायक
         जय जय हो गणराज !

       ढोल नंगाडे़ और शंख से
           गूंजता है आकाश
      साक्षात तुमसे मिलने का
            होता है आभास !

      विघ्न विनाशक मंगल दायक
          जय जय हो गणराज !

      संकट मोचन पार्वती नंदन
        सर्वोपरि होवे तेरा वंदन
      विघ्न विनाशक मंगल दायक
        जय हो मंगल गणनायक !

         रिद्धि सिद्धि के हो दाता
       कार्तिकेय के तुम हो भ्राता
          उमा गौरी के नंद दुलारे 
            महादेव को हो प्यारे !

       विघ्न विनाशक मंगल दायक
           जय जय हो गणराज !

      आरती करुं मैं रोज तुम्हारी
           करुं तेरी मनुहारी 
      संकट मोचन तुम कहलाये 
          सब तुमको ही ध्यावे !

       विघ्न विनाशक मंगल दायक 
          जय जय हो गणनायक !
    
    गणपति बाप्पा कोरोना भगाओ
    अज्ञानी जन में पर्यावरण की 
             ज्योत जगाओ 
          सृष्टि का उद्धार करो
              हे गणु महाराज !

        हे लंबोदर पितांबर धारी
          जय हो एक दंत धारी
     विघ्न विनाशक मंगल दायक 
         जय हो गजमुख धारी !

              चंद्रिका व्यास
            खारघर नवी मुंबई
            दिनांक - 21/1/2022
[21/01, 4:35 pm] 😇ब्रीज किशोर: गणेश स्तुति
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मेरे घर पधारो गणराज जन्म दिन मनाऊँ तेरा आज।
शंकर पार्वती के तुम लाल,
विनती तुमसे करु मै आज।


आओ आओ मेरे गण राज,
रिद्धि सिद्धि ले कर साथ ।
ओ मेरे गण राज तुम करते हो मंगल काज,
पधारो मेरे घर तू आज।
माथे मुकुट गले मोतियन माला,
 माथे सिन्दूर सोभे पार्वती शंकर के लाला।

तुम देवता मे प्रथम पुज्य हो,
सबसे बडा़ बुद्धि के दाता तम हो। 
सबके बनाते बिगडे़ काज,
मेरे घर पधारो ओ गण राज।
बनाये तरह तरह के लड्डू
भोग लगाऊँ तुमको आज।


गाजर का मै खीर बनऊँ,
उस मे मेवा डाल तुझे भोग लगाऊँ।
केला सेव अमरुत संतरा
जोडा़ पान का बीण चढाऊँ।
घी कपूर से आरती बारू,
घर आंगन मे वास कराऊँ।
  विनती सुन लो हे महाराज,        
  पूरन किजौ मेरो काज।
  आओ आओ गणपति महराज।
                   भानुजा
[21/01, 4:49 pm] चंदा 👏डांगी: *!! संकष्टी चतुर्थी !!*
संतान सुख खातिर व्रत करे 
दिनभर भुखी रहे हर माँ
विधि विधान पूजा करे 
लेकर लड्डू का प्रसाद 
प्रथम पूज्य गणपति 
सर पर धर दो हाथ 
मात पिता को चंहु धाम समझो 
 करो परिक्रमा जन्मदाता की आप 
बच्चों को भी दो समझाय
मात पिता को घर मे रखे
करे सेवा भरपूर 
क्यों वृद्धाश्रम की जरूरत पड़े 
ये समझ नही आय 

चन्दा डांगी रेकी ग्रैंडमास्टर मंदसौर मध्यप्रदेश
[21/01, 5:00 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: आओ संकट चतुर्थी मनाएं 

संकट चतुर्थी पर बुलाएं गणपति राजा,  
तुम पूजे जाते ,करते तुम्हें नमन-वंदन
सुहागिनें रखें व्रत-उपवास,करें कामना 
तारा चांद देखकर देतीं अर्ध्य जगवंदन। 

हे विघ्न विनाशक,एकदंत कृपा निधान 
संकट हरो तुम जग का करते कल्याण कोरोना हाहाकार अब मुक्ति दिलाओ रे
पार्वती दुलारे घर- घर उजियारा फैलाओ।

रिद्धि सिद्धि तुमरे संग- संग सजत हैं
शुभ- लाभ द्वारे- द्वारे मुस्कात-हंसत हैं
रोली-चंदन अक्षत-दूर्वा से तुम्हें पूजत हैं  
तिल-गुड़ के लड्डुवन तुम्हें चढा़वत हैं।

करजोड़़ कर तुम्हारी स्तुति कर रहे हैं 
तिल-मोदक चढ़ाऊं, दीपक जलाऊं
तेरी मुस्कान से घर में छाए खुशहाली  
हे विनायक बाग-बगीचे छाई हरियाली।
 
डॉक्टर अंजुल कंसल ,"कनुप्रिया"
21-1-22
[21/01, 5:02 pm] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार -21/1/2022
🌺विषय - गणेश चतुर्थी पर

जय गणेश जय मूषक वाहन
तेरा आज करूं आवाहन।
जय गणेश ……

जय गण नायक, जय जग वंदन,
शंकर सुत, गिरिजा के नंदन।
सिद्धि प्रदाता, आप विनाय,
संकट के क्षण, सदा सहायक।

एक दंत, गज वदन, गजानन
जय गणेश, ………

जय मोदक प्रिय, जय लंबोदर,
बुद्धि प्रदाता, देव कृपा कर।
आशुलिपिक तुम,लेखक नामी,
लिखा महाभारत, भरि हामी।

तुझसे शुरू हुई रामायण।
जय गणेश ……….

सबसे प्रथम तुम्हारी पूजा,
उसके बाद देवता दूजा।
जब भी काम शुरू हैं करते 
श्री गणेश उसे हम कहते। 

इति श्री है काम समापन
जय गणेश ………

जो लड़के बुद्धू होते हैं 
गोबर गणेश उन्हें कहते हैं।
अगर हमें है आगे बढ़ना
कभी न भूलो गणपति कहना।

सभी रसों के आप रसायन।
जय गणेश …………

डॉ. कुँवर वीर सिंह मार्तण्ड, कोलकाता
[21/01, 5:29 pm] कुम कुम वेद सेन: विषय भक्ति गीत
शिवपुत्र गजानन
करो हम सब प्रणाम
गजानन कहूं या गणेश
सब की पीड़ा कष्ट हरण
प्रथम पूजा श्री गणेश
गणनायक गणराज गजानन
मनोकामना पूर्ण करो गजानन
रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ
सभी के जन्मदाता गजानन
घर-घर दरवाजे पर लिखो
लाभ शुभ का चित्र बनाओ
मन में यह विश्वास बना है
विघ्नहर्ता देवता श्री गणेश
हर घर की रक्षा करें गजानन
सर्व मंगल मांगल्ए शिवे सर्वार्थ साधिके
गौरी नंदन करूं तुझे नमन

कुमकुम वेद सेन
[21/01, 6:48 pm] मीना कुमारी परिहारmeenakumari6102: मंच को नमन 🙏
   गणपति वंदना
  

      मंगलमूर्ति गजानना
  *********************
घर में पधारो गजानन जी
 मेरे घर में पधारो
 हे मंगलमूर्ति गजानना
तुम सुखकर्ता मूषकवाहना
शिवगौरा के तुम हो लल्ला
एकदंत लम्बोदर कहलाते
मोदकप्रिय हे गणपति नंदन
भक्त करें तेरा सब वंदन
प्रथम पूजा आपका होवे
ले कर नाम काज पूर्ण होवे
विह्महर्ता, मंगलकर्ता नाम सुहावे
गणपति जी के रूप निराले
आज्ञा पालन हेतु दिया शीश कटाया
वचन दिया माता को उसे है निभाया
गणपति बप्पा मोरया गूंजे
घर-घर आज 
देते खूब हर्षित हो आशीष
वर दो!वर दो! हे गणेश देवा जी
हमको बचा लो प्रभु, घोर विपदा से जी
आ के हर लो हमारे, प्रभु सारे दु:ख क्लेश जी

 डॉ मीना कुमारी परिहार
[21/01, 7:09 pm] पुष्पा गुप्ता / मुजफ्फरपुर: 🙏🌹
अग्नि शिखा मंच
श्री गणेशोत्सव 
दिनांक :21/01/22
*******(((*******(((*******(((****
विघ्नहरण गणपति देवा
तुम्हें चढाऊँ मोदक मेवा
ओ गणपति देवा,,,,,,,×2

घर में आओ ,ऋद्धि,सिद्धि लाओ
शुभ और लाभ को भी लाना
ओ गणपति देवा,,,,,,×2

एक दंत तुम गिरिजा नंदन
तूझे चढाऊँ अक्षत -चंदन
ओ गणपति देवा,,,,,,,×2

देवो में तुम प्रथम पूजित
भोले नाथ केतुम हो बालक
ओ गणपति देवा,,,,,,,×2

तेरी सब जन आरती गावै
घर में पधारो मेरे देवा
ओ गणपति देवा ,,,,,×2

सबको आशीष अब देना 
हमरी अरजी सुन लेना
ओ गणपति देवा,,,,,×2
🙏🌹
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 स्वरचित एवं मौलिक रचना
 रचनाकार-डॉ पुष्पा गुप्त
 मुजफ्फरपुर
 बिहार 
🙏🌹
[21/01, 7:23 pm] 💃💃sunitaअग्रवाल: गणेशजी का भक्ती गीत


है गजानन, है गणनायक प्रथम मनावाजी__२

है लंबोदर देवा, सबसे पहले करे तेरी सेवा जी,
धूप दीप की ज्योत जलाए, मन मंदिर में बिठाए जी, 
रिद्धि सिद्धि लेकर आओ जी, संग लाभ शुभ को लाना जी ,
थारा चरणा में धोक लगावाजी, है गजानन, है जननायक थारा कू प्रथम मनावाजी__२
अन्न धन से भर दीजो भंडारों जी, 
मन के क्लेश विकार मिटा दिजो जी, 
हे सूंड सुंडालो दे दो भक्ती का वरदान जी ,
थारा दिल से ध्यान लगावा जी,
है गजानन, है गणनायक थारे प्रथम मनावा जी
पग में घुंघरू बांधकर, कीर्तन में नाच नचावा जी, 
है विध्न विनाशक, है गजानना
भक्ता की नैया पार लगाजो जी, 
नहान धोकर करा रे आरती
थारा गुण गाए बनवारी रे 
है गजानन, है जननायक थारे कू प्रथम मनावा जी ___२
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

सुनीता अग्रवाल इंदौर मध्यप्रदेश स्वरचित धन्यवाद 🙏🙏
१०सितम्बर२०२१

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