Friday, 10 September 2021

Akhil Bharati Agni Shikha Manch ke block per Aaj Ganesh chaturthi ke din Ganpati Bappa ke rachnaon ka Anand len 10 tarikh 10 2021 ko sabhi ras ka shandar Ganpati Bappa ke aagman per likhi hai vah shubhkamna Dr Alka Pande Mumbai



१०/९/२०२१

प्र्थम पूजा आराध्य गजानन 

हे विध्नहर्ता  कल्याण करो जग का 
हे प्रथम पूज आराध्य गजानन 
हे लम्बोदर कष्ट निवारण कर्ता 
आज गणेश चतुर्थी पावन 
घर घर में आम विराजे गजानन।।

दे दो आशिष जगत को कोरोना दूर भगा दो । 
भक्तों का सब कष्ट हर कर ख़ुशहाली ला दो ।।
तेरा नाम हम सुबह शाम सुमिरन करते हैं । 
तेरी कृपा के बिना समाज का कल्याण नहीं हैं । ।


हे प्रथम पूज्य आराध्य गजानन 
देश के ऊपर संकट मंडरा रहा हैं 
आपकी कृपा हो जाए , लाचार मजबूर खुशहाल हो जाए ।।
हे शिव के नंदन पार्वती के लाला गजानन। 
सबके मन की इच्छा पूरी करना गजानन।।

मंडप में तुम्हें बुला कर विधि विधान से पूजा करके ।
पिताम्बर वस्त्र पहना कर मोदक का भोग लगाकर ।।
ढोल ताशों बजा कर तेरी आरती गाते हैं तुझे रिझाते हैं ।
बार बार तेरा नाम कर शीश झुकाते हैं वंदन करते हैं ।।

हे प्रथम पूज्य आराध्य गजानन।
रिद्धि सिद्धि के दाता हो । 
तेरा ही तुझको अर्पित करके 
गणेशोत्सव मनाते है 
आनंद और ख़ुशियाँ आती हैं ।।
भक्तों की झोलियाँ भर जाती हैं ।।
हे प्रथम पूज्य आराध्य गजानन 

डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई

E🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴🔴





[10/09, 7:41 am] रेखा शर्मा 🧑🏿‍🦽: श्री गणेश चतुर्थी की आप सबको बहुत बहुत बधाई शुभकामना🙏🙏

*🙋‍♀️गणपति देवा*🌹

गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी हमरा गणपति देवा।।

लाओ जी लाओ, गंगाजल लाओ, गणपति देवा को मल कर नहलाओ,
रेशम वस्त्र पहनाओ जी हमरा गणपति देवा।।

शीश पर इनके मुकुट सजाओ, माथे पर तिलक लगाओ,हमरा गणपति देवा,
कानों में कुंडल पहनाओ, हमरा गणपति देवा।।

गणपति देवा पधारो जी, हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी, हमरा गणपति देवा।।

गले में फूल माला मोतियन सजाओ, बाजूबंद कंगन पहनाओ,
कमरबंधा से सजाओ , हमरा गणपति देवा।

पाँव में पायल नूपुर पहनाओ, धम- धम ढोल बजाओ, हमरा गणपति देवा,
मोदक भोग लगाओ, हमरा गणपति देवा ।

गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी हमरा गणपति देवा।।

रेखा शर्मा 'स्नेहा' मुजफ्फरपुर बिहार
[10/09, 10:21 am] गोवर्धन लाल बघेल "गुँजन" टेढी़नारा जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ Bagera♠️♠️: गणेश जी को प्रार्थना
**********************

हे गौरी सुत गणपती
            विनती करों कर जोर।
कृपा दृष्टी तव बना रहे
             उदय ज्ञान हो भोर।।
एक दंत प्रभु गजबदन
                  एक हमारी आस।
जग के तिमिर सब नष्ट कर
             करो ज्योत प्रकाश।।
जीवन के सब क्लेश से
              मुक्त करो हे नाथ।
बार बार तव चरण में
             दास नवाऊ मांथ।।
प्रथम पुज्य हे गणपती
            मोदक प्रिय भगवान।
तुम्हरे कृपा जब होत है
              रंक से हो धनवान।।
कोई भी शुभ कार्य में
              प्रथम करें सब ध्यान।
चाहे गृह निर्माण हो
              जन्म विवाह या ज्ञान।।
भाद्र माह चतुर्थी तिथी
                 शुक्ल पक्ष शुभ वार।
पुजन करें नर नारीयां
                  जाने यह संसार।।

स्वरचित

गोवर्धन लाल बघेल
टेढी़नारा (बागबाहरा)
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
[10/09, 11:12 am] वीना अचतानी 🧑🏿‍🦽: वीना अचतानी 
मंच को नमन *****
******गणेशोत्सव पर भक्ति गीत***
[10/09, 11:12 am] वीना अचतानी 🧑🏿‍🦽: *********भक्ति गीत******
जो गणपति को प्रथम मनाता 
उसका सारा दुख मिट जाता 
रिद्धि सिद्धि सुख सम्पति पाता
भव से बेड़ा पार उतारता
पार्वती के पुत्र हो प्यारे
सारे जग के तुम रखवाले 
भोलेनाथ हैं पिता तुम्हारे 
सूर्य चंद्रमाँ मस्तक धारे
मेरा सारा दुख मिट जाए
दे दो यही वरदान 
रिद्धि सिद्धी तेरे संग में सोहे
मूसक सवारी मन को मोहे
तेरी दया जिस पर हो जाए
उसका दुःख सुख मे मिल जावे
माला जपू मैं तेरी गणपति 
कंरू तेरा गुणगान 
अन्न धन मे प्रभू बरकत तुम हो
विद्या में तुम बड़े निपुण हो
प्रथम सभी में तुम ही बने हो
नाम गजानंद पा ही गए हो
दूर करो प्रभू कष्ट हमारे 
देव दया के निधान ।।।।।
वीना अचतानी 
जोधपुर ।।।।
[10/09, 11:14 am] ♦️तारा प्रजापति - जोधपुर: अग्निशिखा मंच
10/9/2021 शुक्रवार
विषय-गणेश जी

गणेश चतुर्थी है 
आज गणेश का
जन्म दिवस मनाये,
मोदक मिष्ठान का
गणपति बप्पा को
हम भोग लगाये,
खिले जीवन का उपवन
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
समस्त जगत में  
समस्त देवो में,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
शिव के अंश
पार्वती नंदन,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
मात-पिता की
परिक्रमा करके,
जीत लिया था
उनका मन,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
रिद्धि-सिद्धि के दाता
कार्तिकेय के भ्राता,
सिद्धि विनायक
देते सबको धान्य-धन,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
छोटे नेत्र
पर दिव्य दृष्टि है,
मानती उनको
सारी सृष्टि है,
मूषक जिनका वाहन
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
बड़े पेट में
जितना डालो,
मर्जी हो चाहे 
जितना खा लो,
मोदक प्रिय है भोजन,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
पिता की भी
बात न मानी,
जान की अपनी
दे दी कुर्बानी,
निभाया माता को
दिया हर वचन,
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
विघ्नहर्ता
कलायण कर्ता,
शुभ-कर्मों के
तुम कर्ता-धर्ता,
अर्पण तुम्हें तन-मन
प्रथम पूज्य बने हैं
आराध्य गजानन।
                   तारा "प्रीत"
                जोधपुर (राज०)
[10/09, 11:16 am] 💃वंदना: गणेश वंदना

आओ गजानन गौरी के लाला
शिव शंकर के लाल गणराज
सब देवन में देव कहाए 
महिमा तुमरी बरणी ना जाए...

आओ गजानंद गोरी के लाला
शिव शंकर के लाल गणराज।

खजराना दरबार लग्यो है
खाली हाथ भगत नहीं जाएं
जो जो मांगे सो सो दे वे
महिमा तुमरी बरणी ना जाए...

आओ गजानंद गोरी के लाला
शिव शंकर के लाल गणराज।

रिद्धि सिद्धि भरतार कहांए है
मोदक लडु़वा के भोग लगाए
भगत की नैया पार लगाएं
महिमा तुमरी बरणी ना जाए...

आओ गजानंद गोरी के लाला
शिव शंकर के लाल गणराज।

कर जोड़ू मैं करूं वंदना
गणपति लागू तुमरे पांय
दर्शन की मोरी अखियां प्यासी
तुमरी महिमा बरणी ना जाए...

आओ गजानंद गोरी के लाला
शिव शंकर के लाल गणराज।

वंदना शर्मा बिंदु 
देवास मध्य प्रदेश
[10/09, 11:24 am] डा. बैजेन्द्र नारायण द्िवेदी शैलेश🌲🌲 - वाराणसी - साझा: आदरणीय मंच को नमन
गणपति वंदन
----------------
 हे एकदंत प्रभु दयावंत ,मंगल दाता गणनायक।
रिद्धि सिद्धि देने वाले गणपति
तुम हो बुद्धि विधायक।।
हाथ जोड़कर विनती है
हे गौरी नंदन नाथ।
दीन हीन पर दया दृष्टि कर
रखो सीस पर हाथ।।
तुम ही तो मेरी आशा के
एक मात्र हो पूरक।
जल्दी आओ हमें बचाओ
गणेश वाहन मूषक।।
मन व्याकुल है इसे शांति दो
विद्या वारिधि मेरे।
जीवन पथ में भटक न जाएं
काटो गहन अंधेरे।।
इसीलिए तो नाम हूँ जपता
जग कर नित्य सवेरे।
रहना चाहूं प्रतिपल मोदक प्रिय
छाया में तेरे।।🙏🙏
*******
ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेद्वी शैलेश वाराणसी12 94501867
[10/09, 12:31 pm] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
विधा:-- भक्ति गीत
विषय:-- गणेश उत्सव

 गणपति है प्रथम देवता है
 सारे जग के रखवाला।
विनती सुनो मेरी गण राजा
मेरे घर में जरूर आ जाना,
मेरे घर में जरूर आ जाना।।
सारे जग के तुम हो रखवाला,
विनती सुनो गण राजा
रिद्धि सिद्धि के तुम हो दाता
भक्तों के भाग्य विधाता
शंकर के लाल गण राजा
आज मेरे घर जरूर आ जाना।।
माथे मुकुट गले मोतियन माला
कानन कुंडल हाथ में भाला
मस्तक सिंदूरी शोभे गण राजा
सूर्य चंद्रमा मस्तक धारे।
आज मेरे घर जरूर आ जाना
आने से सारा दुख मिट जाए दे दो 
 वरदान, तुम ही हो देवता में बड़ा न कोई दूजा सर्वप्रथम होती है तुम्हारी पूजा
बुद्धि के दाता गण राजा।
आज मेरे घर जरूर आना
आज मेरे घर जरूर आना।।

विजयेन्द्र मोहन।
[10/09, 12:35 pm] वीना अडवानी 👩: गजानना
*******

गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

मोदक, लड्डू, बूंदी, मेवा
आओ खिलाऐं तुझे मना
तू हर दे पूरे विश्व के विघ्न
पुकारे तुझको हर एक जना।।


गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


सर्वप्रथम तुझे ही पूजे भक्त
यही आशिष दिये पिता महा
शिव पार्वती का प्यारा तू कहत
समस्त ब्रम्हांड मात पिता मे ही समा।।


गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


प्रिय अपने वाहन मुशक संग भी 
नटखट अटखेली कर बांधे समां
ढ़ोलक बजा अपने पिता का गणु
नाचे तू कभी कदम उठा कभी जमा।।

गजानना गजानना 
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।


वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र
*******************
[10/09, 12:38 pm] 😇ब्रीज किशोर: *फलक फाउंडेशन*
    *१०/०९/२०२/*
*भजन गणपति बप्पा*
###$$$###$$$###
मेरे घर पधारो.आज हो गणपति बप्पा।
राह बहारू चन्दन डालु,
फूल बिछाऊँ सारे राह मोरे गणपति बप्पा।
मेरे घर पधारो....।।
गंगा जल से चरण पखारू,
पूजा करू धरू ध्यान मोरे गणपति बप्पा।
कमल फूल चुन चुन के चढा़ऊँ करू सुन्दर श्रीगांर मोरे गणपति बप्पा।
मेरे घर पधारो आज...।।
फल फूल का भोग लगाऊँ
मोदक चढा़ऊँ तुझे चार मोरे गणपति बप्पा।
मेरे घर पधारो आज....।।
धूप दीप नैवेद्य चढ़ाऊँ आरती करू सपरिवार हो गणपति बप्पा।
मेरे घर पधारो आज...।।
दूध,पूत, धन सम्पत्ति देना आशीश देना बारम्बार हो गणपति बप्पा।
मेरे घर पधारो आज हो गणपति बप्पा।
     ... *भानुजा*
[10/09, 12:39 pm] शेभारानी✔️ तिवारी इंदौर: गणेश वंदना

 तुम गणराज हो, गौरी नंदन तुम कहलाते हो,
 शुभ कार्य से पहले, तुम ही तो पूजे जाते हो।

 एकदंत हो वक्रतुंड हो ,तुम ही तो लंबोदर हो विघ्नहर्ता मंगलकर्ता, सबकी बिगड़ी बनाते हो, रिद्धि सिद्धि के दाता हो ,सुख समृद्धि देते हो,
 तुम ही गणों के नायक, तुम ही तो विनायक हो, अपने भक्तों की जीवन नैया ,भव से पार लगाते हो।

 गणपति जी सबके प्यारे,गौरा के राज दुलारे हैं, 
प्रथम प्रणाम गणेश को, वही जग के रखवाले हैं,
 मूषक वाहन में चलते हैं,मोदक लड्डू खाते हैं, जो भक्त मन से उन्हें पुकारे, दौड़े चले आते हैं गणपति बुद्धि के दाता जीवन के गुर सिखाते हो,
 तुम गणराज हो, गौरी नंदन तुम कहलाते हो।

 श्रीमती शोभा रानी तिवारी 
619अक्षत अपार्टमेंट खातीवाला टैंक
इंदौर मध्यप्रदेश मोबाइल 8989409210
[10/09, 12:43 pm] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार -10/9/ 2021
🌺विषय -भक्ति गीत 
आज गणेश पूजा के शुभ अवसर पर उन्ही के लिए भजन

हे गण नायक, बनो सहायक
तुम्हें पुकारूं आज, 
लाज मेरी रख लेना

दुखहारी सुखकारी तुम हो
कष्ट हरण मनहारी तुम हो
बुद्धि विधायक, तुम सब लायक
हे मेरे सरताज 
लाज मेरी…..

मोदक प्रिय तुम मूषक वाहन
आज तुम्हें करता आवाहन
पार्वती सुत शंकर के प्रिय
हे मेरे महाराज
लाज मेरी…..

आया हूं मैं शरण तुम्हारी
लाज बचाना प्रभु हमारी
श्री गणेश किया जिसका
पूर्ण करना काज
लाज मेरी…….

देवों के प्रिय आप गजानन
किया महा भारत का लेखन
ऋद्धि सिद्धि के तुम हो दाता
सिद्ध करो मम काज
लाज मेरी ……….

© कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड, कोलकाता
[10/09, 12:53 pm] वैष्णवी Khatri वेदिका: हे शिव-पार्वती तनय!

हे शिव-पार्वती तनय!, गणपति प्यारे।
मेरे घर आजा, यह हृदय तुम्हें पुकारे।
हे विघ्न विनाशक देवा, करूँ तेरी सेवा।
बाजे सुर-ताल हम, सब हैं तुझे पुकारे।

आपके हैं हम पर, अनगिनत उपकार।
कैसे करूँ बखान, महिमा है अपरम्पार।
कष्टों को हरें शिव, गौरी के राजदुलारे।
हे गणनायक!, अग्र पूजा करते हैं सारे।

हे शिव-पार्वती तनय!, गणपति प्यारे।
मेरे घर आजा, यह हृदय तुम्हें पुकारे।

वैष्णो खत्री वेदिका
से नि शिक्षिका
केन्द्रीय विद्यालय
[10/09, 1:00 pm] रामेश्वर गुप्ता के के: ।आओ गणपति।
आओ गणपति जी को मनायें,
अपने घर गणपति जी ले आये।
सुबह शाम आरती उनकी उतारें,
जीवन में सुख शांति लेकर आयें।।
आओ............................ 1 
गणपति जी प्रथम पूज्य वे रहते,
दुख दर्द सब भक्तों के वह हरते।
मधुर मुस्कान चेहरे पर वे रखते,
सभी भक्तजन पूजा कर रिझाते।।
आओ.......................... 2 
गणपति हमारे सबके कष्ट हरते,
भक्त उनके द्वारे हाजरी लगाते।
भजन उनके सबको प्रिय लगते,
भजन गाकर सुख शांति में रहते।। 
आओ............................3
गणपति के द्वारे एक लंगड़ा पुकारे,
मागे गणपति से वे सारे कष्ट निवारे।
घर में पधारे है मेरे प्यारे गणपति जी,
वह जग को सुख सम्पत्ति देने वाले।।
आओ...............................4
स्वरचित,
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ।
[10/09, 1:23 pm] 👑सुषमा शुक्ला: *श्री गणेश*, 

 कविता विधा

बाल गणपति सबसे प्रिय,, रखते हर पल हमें सक्रिय l एकदंत इक दांत वाले ।
गजानन हाथी मुख वाले 🙏🙏🙏🙏🙏

प्रथम पूज्य तुझे शीश झुकाऊं,,, हर पल आगे बढ़ती जाऊं,,, भालचंद्र तुम कहलाए ,,,
दुनिया के दुख दूर भगाएं 🙏

लड्डू मोदक प्रिय लागे l
 छोटे चूहे पर तुम साजे,,
 गौरी सुत सदा सहाय,,, मात-पिता की परिक्रमा कर आए ।🕉️

महागणपति देवाधिदेवा l
आए तेरे द्वारे खाएं हम तो मेवा ।
शुभम कार्य सब साजे l
 ऐसे गणपति प्रेम विराजे🌹

भूवन पति देव की वाणी,,
 *गुणन सभी गुणों के ज्ञानी । प्रमोद आनंद बरसाने वाले,, सर्वात्मक ब्रह्मांड की रक्षा धारे l✒️

सुमुख शुभ मुख वाले,,
 उमा शिवा के तुम प्यारे ।
यज्ञकाय यशस्कर कृपा करो ।
शिवनंदन तुम विघ्न हरो🕉️


हे गजानन घर घर आओ ,,,
भक्तों पर कृपा बरसाओ ।।
🕉️🕉️🕉️🕉️
 स्वरचित रचना सुषमा शुक्ला
[10/09, 1:54 pm] निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच 
विषय;-श्री गणेश
दिनाँक;-10/9/2021
🌹गणेश आराधना🌹
शिव नन्दन दीन दयाल हरि
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
तुम एक दन्त ,तुम भाल चन्द्र
तुम लम्बोदर तुम विकट मेव
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव......।।1।।

तुम जग के पालनहारे हो
माँ पार्वती के दुलारे हो
तुम विघ्न हरण तुम दुखहर्ता
तुम ही हो हम सब के भर्ता।
तुम बाल रूप तुम आदिदेव
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव.....।।2।।

तुम सिद्धेश्वर तुम रिद्धेश्वर
तुम जग के हो पालन कर्ता।
शुभ लाभ के तुम हो परम् पिता,
तुम जग के हो कर्ता धर्ता
तुम तीन लोक के तारे हो 
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव .......।।3।।
कण कण में तुम रज रज में तुम
तुम हम सबके रखवाले हो
तुमसे करते विनती हम सब
तुम हम सबके सन्ताप हरो।
हे विघ्न हरण मंगलमूरत 
गणराज तुम्हारी जय होवे।।
शिव .....।।4।।
 ॐ गं गणपतये नमो नमः🌹🌹🙏🙏
श्रीमती निहारिका झा ।।🙏🙏
[10/09, 2:04 pm] 👑पदमाकाक्षी शुक्ला: 🙏🌹अग्नि शिखा मंच🌹🙏
🙏🌹जय अम्बे🌹10/9/21🌹🙏
🙏🌹भजनः *मंगल मूर्ति पधारो* 🌹🙏

हे, पार्वती पुत्र गजानना। 
श्री मंगल मूर्ति गजानना ।।(2)

देख रहे हैं राह गजानन ।
जल्दी से तुम आना ।।
मेरे अंतर में प्रकाश की ।
ज्योत जलाकर जाना ।। 
श्री मंगल मूर्ति गजानना !!!! (2)

पावन शुभ दिन गणेश चतुर्थी ।
प्रागट्य दिन तुम्हारो ।।
विघ्न विनाशक बापा तुम ही ।
भवसागर से तारों ।। 
श्री मंगल मूर्त गजानना!!!!!!! (2)

अनेक नाम गणेश तुम्हारा ।
किस नाम से पुकारे ।।
अणु अणु में हो व्यापक *बापा* ।
*आज पधारो द्वारे* ।।
श्री मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!!! (2)

स्वरुप है अद्भुत तुम्हारा ।    
एकदंत सुखनंदन ।। 
रिद्धि सिद्धि के तुम हो स्वामी ।
चरणों में है वंदन ।।
श्री, मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!!! (2)

 पूजन होता प्रथम आपका ।
 लड्डू भोग लगाए ।।
 सदा रहे मुख पर प्रसन्नता ।।
 दुख को दूर भगाए ।। 
श्री मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!!! (2)

ईच्छा पूर्ण सदा तुम करते ।   
मनवांछित फल देते ।।
पूजन प्रथम करें जो निशदिन ।
विघ्न हमारे हरते ।।
श्री मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!!!! (2)

बुद्धि के तुम देव हो स्वामी ।
दुर्गुणों को हटाना ।।
सब के अंतर में रहते हो ।
सद्गुणों को बढ़ाना ।। 
श्री मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!!!! (2)

सदा रहो तुम मुझ अंतर में। 
दूर कभी ना जाना ।।
तेरे चरणों में आई हूं ।
चरण कमल रज पाना ।। 
श्री मंगल मूर्ति पधारो!!!!!!! (2)

🙏🌹स्वरचित रचना🌹🙏
🙏🌹पद्माक्षि शुक्ल🌹🙏
[10/09, 2:31 pm] 👑मीना त्रिपाठी: *गणेश भजन*

लिए थाल आरती द्वार खड़े हम
हे! गजानन घर पधारो हमारे
सुख- समृद्धि तुम साथ लाना
राग, रोग, द्वेष हर लेना हमारे
शांति, धैर्य का देना आशीष 
सेहत का देना वरदान गजानन
ले के छोटे - छोटे पैयां तुम्हारे
हे! गजानन घर पधारो हमारे
लड्डू, मोदक,फल-फूल अर्पित
हर रोज नए - नए भोग समर्पित
हर लेना प्रभु जी हर संकट हमारे
हे! गजानन घर पधारो हमारे!!

*मीना गोपाल त्रिपाठी*
[10/09, 2:38 pm] रानी अग्रवाल: १०_९_२०२१,शुक्रवार।
विषय_गणेश जी पर भक्ति गीत।
शीर्षक_"गणेश महिमा" रानी अग्रवाल,मुंबई द्वारा।
पिता आदिदेव महेशा,
आप गौरी_पुत्र गणेशा।
पिता देवों के देव महादेव,सुरेश,
आप प्रथम पूज्य,श्री प्रथमेश।
आप अपार विद्या के दाता,
हर कोई ज्ञान आपसे पाता।
तुमरा रूप हर जन को भाता,
जो ध्यावे, सोही फल पाता।
कितने तिहारे रूप_रंग,
हर मुद्रा में हैं नए ढंग।
कहीं करकेआए साइकिल सवारी 
कहीं खींच रहे सूटकेस सफारी।
कहीं मयूर_सिंहासन विराजै,
आ गए बाप्पा, आ गए आजै।
सबके सकल संवारै काजै,
डमरू,घंटा,शंखनाद बाजै।
हम करें तुम्हारा आवाहन,
संग लाओ ,मूषक वाहन।
गणपति आला,गणपति आला,
नीरज चोपड़ा का लिए भाला।
ओलंपिक की याद कराई,
अबके खूब सोना_चांदी दिलवाई।
करी सजावट,बहुत रोशनाई,
फूल_पत्र द्वार तोरण सजाई।
भोग लगाएं लड्डुअन को हम,
खाएं रसमय,मिष्ठ भोजन हम।
अतिथि आएं,दर्शन पाएं,
पूजन कर,प्रसाद खाएं।
आप निष्कर्मी,निश्चल हो बाप्पा,
आप निष्पाप,निवृत्ति हो बाप्पा।
आप आए बढ़ गई शोभा,
छाई चहुंदिशी आपकी आभा।
आप पधारे हो घर_घर,
देते जाते सबको वर।
झोली सबकी,भर भरकर,
कोई न जाए खाली लौटकर।
कहीं सार्वजनिक मंडप पधारे,
भक्त जन तुमरो,रूप निहारें।
आप भए ,निहाल बाप्पा,
हम भए मालामाल बाप्पा।
करूं प्रार्थना दोऊ कर जोरी,
करोना की खत्म करो मजबूरी।
दो कुछ अनमोल संदेशा,
करूं वही,जो हो आदेशा।
बाप्पा तुम महान हो,
आप गुणों की खान हो।
बाप्पा प्यारा रूप,प्यारे नयन है,
आपको मेरा शत_शत नमन है।
स्वरचित मौलिक भक्ति_गीत__
रानी अग्रवाल,मुंबई,१०_९_२१.
[10/09, 2:56 pm] रवि शंकर कोलते क: #****श्री गणेश वंदना****#
               ^^^^^^^^

उतारूं तेरी आरती ।
       मैं करूं सुमरन ।।
विघ्न हरो बाप्पा मेरे ।             
         दे दो दर्शन ।।             
पाप ताप हरलो सब । 
         हे दुख भंजन ।।                
श्री चरणों में तेरे           
        कोटि कोटि वंदन ।।धृ।।

मोदकदुर्वांकुर है तुमको प्रिय बड़े । 
श्रद्धासुमन लिए हम है यहां खड़े ।। 
               आलोकित है
                 भक्ति से अंतर्मन ।।१                                     

तू ही गणपति गणाध्यक्ष भूपति ।
तू सकलदेव ओंकार भुवनपति।।       
              सहस्त्र तेरे नाम है ।
                   करूं क्या वर्णन ।।२

है पूजामें तेरा ही पहला मान ।  
सब देवता करें तेराही गुणगान ।।
             विपदा करो दूर ।
                हे शिव गौरी नंदन ।।‌३

प्रा रविशंकर कोलते
      नागपुर
         महाराष्ट्र
[10/09, 3:33 pm] सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन🙏
विधा :- *भक्ती-गीत*
विषय:- गणेश आराधना

गणेश जी तुझे नमन
गौरी-शिव पुत्र तुझे वंदन
गणपति तूझे अनेक नामों
से पुकारे जाते हो लंबोदर।।१।।

शिव गौरी के हो लाडले
महिमा है तेरी अपरंपार
विघ्नहर्ता,सुखहर्ता हो
दस दिन धरा पर बिराजते हो।२।

माथे चंदन तिलक लगाऊं
गणेश वंदना गाकर तुझे
रिझाऊं हे !प्रभु तुझे मोदक,
लड्ड है प्रिय एक्कीस मोदक का भोग लगाऊं।।३।।

स्वातंत्र संग्राम में लोकमान्य 
तिलक ने तुझे  
सार्वजनिक रूप दिया,
तेरी कृपा से हे गणेशजी, 
भारत स्वतंत्र हुआ।।४।।
हे विघ्नहर्ता 
हे शिव गौरी नंदन ,
स्विकारो हमारा
कोटि कोटि वंदन
कोटि कोटि वंदन



सुरेंद्र हरडे 
नागपुर
दिनांक १०/०९/२०२१
[10/09, 3:38 pm] कुम कुम वेद सेन: विषय गणेश वंदन

गणपति गजानन गणेश
वंदन वंदन वंदन
सर्वशक्ति विघ्नहर्ता 
मंगल मूर्ति सौभाग्य दाता
वंदन वंदन नमन नमन

मूषक की करे सवारी
मात-पिता का कर परिक्रमा
कार्तिक को पीछे छोड़
ब्रह्मांड की परिक्रमा पूरी कर
जय गणपति गजानन गणेश
वंदन वंदन नमन नमन
विघ्नहर्ता मंगल मूर्ति
सौभाग्य दाता आनंद करता

मोदक का भोग लगे
घर घर मंगल गान बजे
हर यज्ञ की पूजा बिन गणेश
ना हो कभी पूरा
गजानन गणेश लक्ष्मी रिद्धि सिद्धि मंगलकारी परिवार
वंदन वंदन वंदन
नमन नमन नमन

कुमकुम वेद सेन
[10/09, 3:46 pm] रजनी अग्रवाल जोधपुर: भक्ति गीत--
शीर्षक"प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद"

1. मन मंदिर के हो राजकुमार ,
करो मेरी भक्ति तुम स्वीकार , 
 प्रथम पूज्य आराध्य गजानन , 
 हम तुम्हें मनाए बारंबार .
प्रथम पूज्य,,,,,,,,
2. मैं अबला नहीं हूं लाचार ,
हूं भोली भाली सी नार,
 और है सीधा सरल व्यवहार,
अब तो तू ही मुझको तार , 
प्रथम पूज्य,,,,,,
3. अब तू भी मुझे निहार ,
मैं तेरी हूं दावेदार , रखना मेरी भी अब लाज , 
नैन मेरे तुझसे हुए हैं चार , 
 प्रथम पूज्य,,,,,,
4. यह जग का सब विस्तार , 
लिया है तूने ही अवतार , 
लुटा दे जग में सारा प्यार ,  
सब जग का कर उद्धार, 
 प्रथम पूज्य,,,
5. जुड़े मेरे तुझसे दिल के तार , 
लगा दे जग से तू अब पार , 
जग में बरसा दे तू प्यार , 
 बरसे दुलार भरी ये फुहार ,
 प्रथम पूज्य,,,,,,,
6. शुभ लाभ के हो दातार ,
हो रिद्धि सिद्धि के भरतार ,
 पूजूं तुम्हें यूं ही हर बार,
तुम्ही हो जन जीवन का सार ,
प्रथम पूज्य,,,,,,,,

स्वरचित भक्ति गीत रजनी अग्रवाल
  जोधपुर
[10/09, 4:01 pm] Anita 👅झा: नमन गणपति चरण वंदन 
हे गणपति 
हे सिद्धिविनायक हे कृपानिधान ,
कोरोना से करो निदान ।
कर जोड़ मै स्तुति गुणगान करूँ 
हे जगवंदन गणपति कृपा निधान  
 करो कोरोना से निदान ,
जग उजियारा करने आये हो ,
सबके द्वारे हो गणपति हमरे द्वारे आये हो !
करते जगत कल्याण हो ,
पार्वती के तुम राज दुलारे हों ,
बुद्धि परीक्षा में पिता को सताते हो !
सिद्धि बुद्धि के तुम रखवाले हों 
सुख शांति वैभव के दाता हों !
कर्म प्रभाव से तिहु लोक उजागर हो !
शुभ लाभ से जुड़ी मनमोहक छवि हो !
करो कोरोना से निदान !
एक ही पुकार एक ही पूजा हों !
अक्षत दूर्वा पुष्प मोदक से ,
मन मुस्कानो में छा जाते हो !
सात ,पाँच ,ढाई ,देड़ दिन दस दिन ,
की पुकार बन कोरोना को साथ ले जाना हैं !
शोभा है न्यारी रूप है निराला ,
दया निधान कृपा निधान बन जाते हो !
मंगल मिलन हो तीज त्योहार हों !
प्रथम पूज्य गणपति गौरी कहलाते हो !
विदाई अपनी रंग गुलाल नित्य गीत संग !
फिर आने की प्यास जगा जाते हों !
हे गणपति हे सिद्धिविनायक ,
करो कोरोना से निदान ,
फिर पधारो हमरे द्वारे रहो !
हो गणपति हमरे द्वारे रहो !
स्वरचित मौलिक अनिता शरद झा रायपुर 
    अभिलाषा
[10/09, 4:09 pm] 💃💃sunitaअग्रवाल: गणेशजी का भक्ती गीत


है गजानन, है गणनायक प्रथम मनावाजी__२

है लंबोदर देवा, सबसे पहले करे तेरी सेवा जी,
धूप दीप की ज्योत जलाए, मन मंदिर में बिठाए जी, 
रिद्धि सिद्धि लेकर आओ जी, संग लाभ शुभ को लाना जी ,
थारा चरणा में धोक लगावाजी, है गजानन, है जननायक थारा कू प्रथम मनावाजी__२
अन्न धन से भर दीजो भंडारों जी, 
मन के क्लेश विकार मिटा दिजो जी, 
हे सूंड सुंडालो दे दो भक्ती का वरदान जी ,
थारा दिल से ध्यान लगावा जी,
है गजानन, है गणनायक थारे प्रथम मनावा जी
पग में घुंघरू बांधकर, कीर्तन में नाच नचावा जी, 
है विध्न विनाशक, है गजानना
भक्ता की नैया पार लगाजो जी, 
नहान धोकर करा रे आरती
थारा गुण गाए बनवारी रे 
है गजानन, है जननायक थारे कू प्रथम मनावा जी ___२
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

सुनीता अग्रवाल इंदौर मध्यप्रदेश स्वरचित धन्यवाद 🙏🙏
१०सितम्बर२०२१
[10/09, 4:41 pm] ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: जय जय गणपति बप्पा --- ओमप्रकाश पाण्डेय

जय जय हे गणपति बप्पा
तुम हो विघ्नेश्वर महाराज
गिरजा पुत्र जय गजानन
शिवशंकर के प्रिय पुत्र
कृपा सब पर बनाये रक्खो
जय जय गणपति बप्पा....... 1
लड्डू तुमको सबसे प्रिय
मोदक भी तुमको है प्रिय
महाबली बुद्धिमान तुम हो
महादयालु तुम हो प्रभु
जय जय गणपति बप्पा...... 2
मूषक तुम्हारा है वाहन
माँ पिता की प्रदिक्षणा करके
तुम बने देवाधिदेव
दुष्टों के तुम हो संहारक
जय जय गणपति बप्पा....... 3
विद्या के देवता तुम हो
बुद्धि के देवाधिदेव
हम सब पर कृपा करो महाराज
जय जय गणपति बप्पा........ 4
एक दन्त दयावान हो
चारभुजा धारी महाराज
सिन्दूर सोहे आपके उपर
आर्शीवाद दो कृपा करो प्रभु
जय जय गणपति बप्पा......... 5
( यह मेरी मौलिक रचना है -- ओमप्रकाश पाण्डेय)
[10/09, 5:32 pm] +91 70708 00416: मंच को नमन 🙏
   गणपति वंदना
   10/9/21

      मंगलमूर्ति गजानना
  *********************
घर में पधारो गजानन जी
 मेरे घर में पधारो
 हे मंगलमूर्ति गजानना
तुम सुखकर्ता मूषकवाहना
शिवगौरा के तुम हो लल्ला
एकदंत लम्बोदर कहलाते
मोदकप्रिय हे गणपति नंदन
भक्त करें तेरा सब वंदन
प्रथम पूजा आपका होवे
ले कर नाम काज पूर्ण होवे
विह्महर्ता, मंगलकर्ता नाम सुहावे
गणपति जी के रूप निराले
आज्ञा पालन हेतु दिया शीश कटाया
वचन दिया माता को उसे है निभाया
गणपति बप्पा मोरया गूंजे
घर-घर आज 
देते खूब हर्षित हो आशीष
वर दो!वर दो! हे गणेश देवा जी
हमको बचा लो प्रभु, घोर विपदा से जी
आ के हर लो हमारे, प्रभु सारे दु:ख क्लेश जी

 डॉ मीना कुमारी परिहार
[10/09, 5:34 pm] चंदा 👏डांगी: $$ भक्ति गीत $$

    $$ गणेश स्तुति $$

प्रथम पूज्य गणपति नूं
नमूं गजानन देव
कारज हमारे सिद्ध करो 
जोडूं दोनो हाथ 
बालगणपति तुम भालचंद्र हो 
बुद्धिनाथ तुम धूम्र वर्ण हो 
एकाक्षर, एकदंत,गजकर्ण गजनान 
गजवक्र,गजवक्त्र ,गणाध्यक्ष 
महाबल,गौरीसुत,लंबकर्ण,तुम्हे नमन 
लम्बोदर,महागणपति,महेश्वर तुम
मंगल मूर्ति,मूषक वाहन कहाते 
निदीश्वरम् ,प्रथमेश्वरम्,शूपकर्ण,शुभम
सिद्धीदाता,सिद्धिविनायक, सुरेश्वरम 
वक्रतुण्ड,अखूरथ,अलपंत,अमित अनन्त,चिदरूपम,अवनीश कहाये
अविघ्न,भीम भूपति,बुद्धि प्रिय तुम 
बुद्धिविधाता,चतुर्भुज कहूँगा देव देव
देवांतक,नाशकारी,देवव्रत,देवेन्दर्शिक 
धार्मिक दूर्जा,द्वै मातुर,
[10/09, 5:35 pm] रेखा शर्मा 🧑🏿‍🦽: श्री गणेश चतुर्थी की आप सबको बहुत बहुत बधाई शुभकामना🙏🙏

*🙋‍♀️गणपति देवा*🌹

गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी हमरा गणपति देवा।।

लाओ जी लाओ, गंगाजल लाओ, गणपति देवा को मल कर नहलाओ,
रेशम वस्त्र पहनाओ जी हमरा गणपति देवा।।

शीश पर इनके मुकुट सजाओ, माथे पर तिलक लगाओ,हमरा गणपति देवा,
कानों में कुंडल पहनाओ, हमरा गणपति देवा।।

गणपति देवा पधारो जी, हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी, हमरा गणपति देवा।।

गले में फूल माला मोतियन सजाओ, बाजूबंद कंगन पहनाओ,
कमरबंधा से सजाओ , हमरा गणपति देवा।

पाँव में पायल नूपुर पहनाओ, धम- धम ढोल बजाओ, हमरा गणपति देवा,
मोदक भोग लगाओ, हमरा गणपति देवा ।

गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा,
आज जन्मदिन तुम्हारा जी हमरा गणपति देवा।।

रेखा शर्मा 'स्नेहा' मुजफ्फरपुर बिहार
[10/09, 5:59 pm] रागनि मित्तल: जय मां शारदे
************
 अग्निशिखा मंच 
*************
दिन-शुक्रवार 
दिनांक-10/9/2021
       भक्ति गीत
      *********
प्रदत्त विषय- *प्रथम पूज्य आराध्य गजानन*

प्रथम मनाऊं तुम्हें शंभू सुत गणनायक ,गणराज। 
सभा मे राखो मेरी लाज।

नमो-नमो शंभू सुत प्यारे।
पार्वती की आंखों के तारे।
सब देवों में बड़े देव हो, देवों के सरताज ।
सभा में राखो मेरी लाज।

नमो-नमो दशरथ सुत प्यारे ।
कौशल्या की आंखों के तारे ।
सिया लखन, हनुमान सहित तुम आन विराजो आज ।
सभा में राखो मेरी लाज।

जय-जय-जय हनुमंत हठीले ।
रोम- रोम में रास रसीले। 
सिया की सुध तुम लेकर आए, राम के कीन्हे काज।
सभा में राखो मेरी लाज। 

जय काली कलकत्ते वाली।
जय शारदा मैहर वाली। 
सिंहवाहिनी दुर्गे माता, आन विराजो आज ।
सभा में राखो मेरी लाज ।
प्रथम मनाऊं तुम्हें शंभू सुत गणनायक, गणराज।
सभा में राखो मेरी लाज।

 रागिनी 
 कटनी, मध्य प्रदेश

क्यों
[10/09, 6:17 pm] Chandrika Vyash Kavi: विघ्न विनाशक मंगल दायक
 ***********************

   विघ्न विनाशक मंगल दायक
   गणपति पधारे हैं हमारे घर द्वार
     एक दो दिन चार गणपति 
      बाप्पा की जय जयकार 
    तुम ही हमारे जीवन आधार !

        दिवस चतुर्थी का जन्म है
          खडे़ विनायक द्वार
        दीप, धूप, मोदक चढे़
           दूर्वा पुष्प का हार !

      स्वागत को खडे़ भक्तजन
           सिंदूर लगाये भाल
        तुम्हारे आने से सजते हैं 
           जगह जगह पंडाल !

      विघ्न विनाशक मंगल दायक
         जय जय हो गणराज !

       ढोल नंगाडे़ और शंख से
           गूंजता है आकाश
      साक्षात तुमसे मिलने का
            होता है आभास !

      विघ्न विनाशक मंगल दायक
          जय जय हो गणराज !

      संकट मोचन पार्वती नंदन
        सर्वोपरि होवे तेरा वंदन
      विघ्न विनाशक मंगल दायक
        जय हो मंगल गणनायक !

         रिद्धि सिद्धि के हो दाता
       कार्तिकेय के तुम हो भ्राता
          उमा गौरी के नंद दुलारे 
            महादेव को हो प्यारे !

       विघ्न विनाशक मंगल दायक
           जय जय हो गणराज !

      आरती करुं मैं रोज तुम्हारी
           करुं तेरी मनुहारी 
      संकट मोचन तुम कहलाये 
          सब तुमको ही ध्यावे !

       विघ्न विनाशक मंगल दायक 
          जय जय हो गणनायक !
    
    गणपति बाप्पा कोरोना भगाओ
    अज्ञानी जन में पर्यावरण की 
             ज्योत जगाओ 
          सृष्टि का उद्धार करो
              हे गणु महाराज !

        हे लंबोदर पितांबर धारी
          जय हो एक दंत धारी
     विघ्न विनाशक मंगल दायक 
         जय हो गजमुख धारी !

              चंद्रिका व्यास
            खारघर नवी मुंबई
            दिनांक - 10-8-2021
[10/09, 6:48 pm] पुष्पा गुप्ता / मुजफ्फरपुर: ❤🌿❤🌿❤🌿❤🌿❤🌿❤🌿❤                                                 
    🧡☘️🌹हरियाली तीज 🌹☘️🧡
         ☘️🌹सोलहो-श्रृंगार 🌹☘️             

सखी, आया है तीज त्यौहार 
सजन तेरे आएंगे.........×2                          
सखी, कर लो जी सोलह श्रृंगार
सजन तेरे आएंगे .........×2
सिन्दूर लगाओ सखी,बिन्दी लगाओ
लाली लगाओ चटकार ,सजन तेरे,,,,
सखी, कर लो......×2
नेकलेस भी पहनो, झुमका भी पहनो 
हँस-हँस कर पहनो चंद्रहार,सजन तेरे ......
सखी, कर लो .......×2
लहठी-चूड़ियाँ पहनो,कंगना भी पहनो 
अंगूठा भी पहनो नगदार, सजन तेरे...... 
सखी, कर लो........×2
कजरा लगाओ सखी, गजरा लगाओ 
टीका पहन लो रतनार, सजन तेरे ........
सखी, कर लो .......×2
कमरधनी पहनो, बाजूबंद पहनो 
नथिया पहन लो रतनार, सजन तेरे .........
सखी, कर लो........×2
पायल भी पहनो, पाजेब भी पहनो 
बिछिया पहन लो चमकदार,सजन तेरे .....
सखी, कर लो .........×2
लहँगा भी पहनो ,चोली भी पहनो  
चुन्नी तो डालो गोटेदार, सजन तेरे ........
सखी कर लो ..........×2
मेंहदी रचा ओ, महावर लगाओ 
तू तो नवेली कचनार, सजन तेरे..........
सखी, कर लो .........×2
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 रचनाकार-डॉ .पुष्पा गुप्ता, मुजफ्फरपुर बिहार ~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
[10/09, 6:54 pm] 💃ममता तिवारी: अग्नि शिखा मंच
भक्ति गीत
सरस्वती वंदना 

  शतशत नमन सरस्वतीभारती मां
   हम पर अनुग्रह करो शारदे मां

  विद्या की देवी हो मां हंसवाहिनी 
   ज्ञान संगीत कला की हो देवी
   हाथ में वीणा सर पे मुकुट मां 
   हम पर अनुग्रह करो शारदे मां

  मन की गहराइयों से पुकारूँ
 आपकी करुणासच्चाई मैंजानूँ
   सबको ज्ञान सद्बुद्धि दे दो
    हम पर अनुग्रह करो शारदेमां 

    महिमा मां की है अपरंपार 
   नतमस्तक है मां भक्त तुम्हारे
   सारी सृष्टि का धन्यवाद ले लो
   हम पर अनुग्रह करो शारदे मां

  सुखविलासियोंके उपहाससेमां
  अहंकारियों के अपमान से मां
  प्राण अत्यधिक भर गए हमारे
  हम पर अनुग्रह करो शारदे मां

ममता तिवारी इंदौर
स्वरचित
[10/09, 7:10 pm] पुष्पा गुप्ता / मुजफ्फरपुर: 🌹🙏अग्नि शिखा मंच 🙏🌹
विषयः * भक्ति गीत *
दिनांक:10/9/21
*******************************🌹
हे आनंद दाता, आनंद दीजै
आनंद, आनंद, आनंद दीजै

मूषिक वाहन पर हैं शोभे-
हाथ मे लड्डू आपको भावै ।

शिव के दुलारे पार्वती प्यारे,
रिद्धि सिद्धि संग विराजै ।

अज्ञानी को सीख सिखावे ,
तेरी पूजा करे सो फल पावै। 

सिन्दूर चंदन तुमको भावे ,
जो भक्त तूझे द्रुवा चढावे ।

उनके रक्षक तुम हो विधाता,
ज्ञान प्रभा से हमें भर दीजै।

हे आनंद दाता आनंद दीजै,
आनंद, आनंद ,आनंद दीजै ।
🌹
******************************
डाॅ.पुष्पा गुप्ता 
मुजफ्फरपुर
 बिहार
🌹🙏
[10/09, 7:25 pm] सरोज लोडाया कवि: *सिद्धिविनायक* 

 गजानन तू दुःख हर्ता ,
 विनायक सुख कर्ता,
 नमन सिद्धिविनायक।

 प्रथम पूजित इश सपुत,
 माँ गौरी का निष्ट दूत,
प्रणाम गणेश तुझे नमन।

भाद्रपद मास चौति के दिन,
आव्हानित ,आज हमें सुदिन,
वंदन विघ्नेश्वर तुझे वंदन।

क्लिष्ट कार्य सरल कर गणेश
अनुदिन स्मरण मैं करती गणेश
नमन करूंगी मैं तुझे नमन।

डाॅ.सरोजा मेटी लोडाय
[10/09, 9:11 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: गणपति आज पधारो श्री राम जी की धुन में 
गजानन तू दुख हर्ता
 विनायक सुखकर्ता। हे आनन्द दाता,आनंद दीजे। शत शत नमन सरस्वती भारती मां 
सखी, आया है तीज त्यौहार।विघ्न विनाशक मंगल दायक गणपति पधारे हैं, हमारे घर द्वार 
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन प्रथम मनाऊँ तुम्हें शंभू सुत।गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा ।
प्रथम पूज्य गणपति नूं नमो गजानन देव।
 मंगल मूर्ति गजानना
 घर में पधारो गजानन जी
आप सबकी बहुत सुंदर गणेश वंदना।बहुत बहुत बधाई।
आज बुखार आने पर समय पर समीक्षा नहीं कर पाई।

डा अँजुल कंसल"कनुप्रिया"
[10/09, 9:26 pm] आशा 🏆🏆जाकड इन्दौर: गजानन आ जाओ एक बार 
 संपन्नता का भर दो भंडार 
कोरोना ने किया अत्याचार
अब मुक्ति चाहता है संसार।

अक्षत कुंकू टीका लगाएँ
 कंठ पु्ष्प हार पहनाएँ
 सब मोदक भोग लगाएं 
फिर तुमसे आशीष पाए ।

हर घर में खुशियां बरसा दो 
जहाँ तम,ज्ञान दीप जला दो 
आँखों अश्रु, मुस्कान ला दो 
नवीन राह ,ऊर्जा दिखा, दो।

गजानन सुन लो विनती हमार
बस दर्श दिखा दो एक बार।।


आशा जाकड़
9754969496
[10/09, 9:39 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: जय जय हे गणपति बप्पा जय जय जय गणपति बप्पा तुम हो विघ्नेश्वर महाराज 
हे गजानन, है गणनायक प्रथम मनाववाजी-- नमन गणपति चरण वंदन हे गणपति
हे सिध्दीविनायक हे कृपा निधान 
कोरोना से करो निदान। मनमंदिर के हो राजकुमार करो मेरी भक्ति तुम स्वीकार,
गणपति गजानन गणेश
 वंदन वंदन वंदन 
गणेश जी तुझे नमन 
गौरी- शिव पुत्र तुझे वंदन उतारू तेरी आरती 
मैं करूं सुमिरन 
पिता आदिदेव महादेव महेश आप प्रथम पूज्य,श्री गौरी पुत्र गणेश 
लिए थाल आरती द्वार खड़े हम
हे! गजानन घर पधारो हमारे
 हे पार्वती पुत्र गजानना
श्री मंगल मूर्ति गजानना

आप सबने गणपति आराधना बहुत सुंदर की।सभी को बधाई।
डा अंजुल कंसल"कनुप्रिया"
[10/09, 9:41 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: प्रथम पूज्य आराध्य गजानन

भादों शुक्ल चतुर्थी पावन
मूषक है तेरा छोटा वाहन 
भाते मोदक मन ही मन 
हे गौरी सुत, हे गौरी नंदन
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन ।

देवाधिदेव मंगलदायक तुम गणेशा 
विघ्नेश्वर विघ्नहर्ता भाग्यविधाता 
तुमने की शिव गौरी की परिक्रमा 
तुमने नापी सर्वप्रथम धरा,सजे चंदन
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन ।

गौरा पार्वती तुम्हारी मैया 
भूत भूतेश्वर तुम्हारे पिता 
रिद्धि-सिद्धि के तुम स्वामी 
शुभ लाभ पुत्र, करें अभिनंदन 
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन।

सर्वव्यापी मंगलकारी 
करोना काल में रक्षा धारी 
एकदंत एकाग्र चित्त स्वामी 
लम्बोदर,एकदंत करें वंदन
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन ।

प्रथम पूज्य सिद्धिविनायक
कलम मेरी चलती रहे निरंतर 
शक्ति दाता,बुद्धि दाता,करूँ वंदन
मेरी लेखनी को कर दो कुंदन 
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन 

डॉक्टर अंजुल कंसल "कनुप्रिया"
10-9-21
[10/09, 10:59 pm] डा. अंजूल कंसल इन्दौर: मेरा प्यारा जमाई संदीप बाबू को शुभ जन्मदिवस की बहुत-बहुत बधाई 
गणपति देवा पधारो जी हमरा गणपति देवा,
 हे! शुभंकर स्वागत
हे! विघ्नहर्ता स्वागत
भक्ति गणपति! शक्ति गणपति। सिद्धि गणपति,लक्ष्मी गणपति
 हे गौरी सुत गणपति
 विनती करों कर जोर 
जो गणपति को प्रथम मनाता उसका सारा दुख मिट जाता 
गणेश चतुर्थी है आज गणेश का,
जन्म दिवस मनाए।
 आओ गजानन गौरी के लाला
 शिव शंकर के लाल गणराज।
हे एकदंत प्रभु दयावंत, मंगल दाता गणनायक।
 गणपति है प्रथम देवता है सारे जग के रखवाला।
गजानना गजानना
तू ही मेरा गजानना।
 मेरे घर पधारो, आज हो गणपति बप्पा।
तुम गणराज हो, गौरी नंदन तुम कहलाते हो,
 हे गणनायक, बनो सहायक तुम्हें पुकारूं आज,
 लाज मेरी रख लेना।
हे शिव- पार्वती तनय!, गणपति प्यारे।
मेरे घर आजा, ये हृदय तुम्हें पुकारे ।
आओ गणपति जी को मनाएं 
अपने घर गणपति जी को ले आएँ
बाल गणपति सबसे प्रिय,
 शिवनंदन दीनदयाल हरि गणराज तुम्हारी जय होवे ।।
हे पार्वती पुत्र गजानन ।।
श्री मंगल मूर्ति गजानना।। 
लिए थाल आरती द्वार खडे़ हम।
पिता आदिदेव माहेशा
आप गौरी पुत्र गणेशा।।
उतारूँ तेरी आरती
मैं करूँ सुमिरन
आप सबने बहुत सुँदर गणपति को नमन एवं वंदन किया।बधाई।
गणेश वंदना मिलती जुलती होती है अतः अलग से समीक्षा का कोई औचित्य नहीं।
डा अंजुल कंसल"कनुप्रिया"


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