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अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के ब्लॉक पर आज दिनांक 27/8/ 2021 को आप सब रचनाकारों के चौका पढ़िए और आनंद लीजिए डॉअलका मुंबई


चोका ———-अलका 
मेरा मन है
मन के हारे हार 
मेरी जीत है 
मन के जीते जीत 
जैसा देखोगे 
दुनिया होगी वैसी
रीत है बने
पाँव पाँव चला जा 
गिरो न तुम
माँ की एक हंसी से 
खुश होती हूँ 
नही ज्ञात था मुझे
विषाद क्या है 
माँ की मुस्कान ही है 
 अपना जहाँ 
पाठ ये जीवन का 
मुझे है याद 
बाकी के जंझावत 
आते जाते है 
जीवन अनमोल 
तुम को पाना 
ध्येय बना अपना 
जतन करु
पा कर तुमको में
जीवन सफल हो 

अलका पाण्डेय :-अग्निशिखा मंच —9920899214
8369853084

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[27/08, 8:31 am] 
लीला कृपलानी🍑जोधपुर: चोका छंद***जीवन यात्रा
जीवन शुरू-5🌹
होता है शैशव से--7🌹
बचपन का--5🌹
वह देखे वैभव--7🌹
कैशौर्य वय--5🌹
होती साहस भरी--7🌹
नव यौवन--5🌹
होता वीरता पूर्ण--7🌹
आगे दिखता--5🌹
है जीवन का लक्ष्य--7🌹
पुरुषार्थ से--5🌹
मिलती सफलता--7🌹
हुआ विवाह--5🌹
पाया अमृत घठ--7🌹
यात्रा सुरम्य--5🌹
सहज बोधगम्य--7🌹
दायित्व बोझ--5🌹
हुआ शुरू संघर्ष--7🌹
कभी जय तो--5🌹
कभी मिली शिकस्त--7🌹
बुढ़ापा व्याधि--5🌹
हुई चिड़िया मौन--7🌹
आ गया अवसान--7🌹
******************
मौलिक लेखन**
        लीला कृपलानी
[27/08, 8:54 am] 💃
इंद्राणी साहू: *साँची-सुरभि*
                 *प्रेम मय सदन*
*नवमालिनी छंद* 

सदन सुगंध युक्त, सुख देता ।
दुखद दुरूह कष्ट, हर लेता ।
सब निज पीर भूल, सुख पाते ।
मधुर सुगीत गान, सब गाते ।।

सुमन भरे पराग, मन भाते ।
मनुज सुबुद्धि धार, हरषाते ।
कपट न द्वेष भाव, मन जागे ।
कर शुचि प्रेम गान, बढ़ आगे ।।

सुदृढ अटूट बंध, जब होता ।
सहज दुरूह काम, तब होता ।
सुखद निवास गेह, शुभकारी ।
कट हर कष्ट जाय, अति भारी ।।

मनुज कुसंग त्याग, सजते हैं ।
प्रभुवर को सदैव, भजते हैं ।
प्रभु पद कंज ध्यान, कर प्राणी ।
मधुर सुभाषितान, कर वाणी ।।

विनय दयानिधान, सुन लीजे ।
अतुल समृद्धि कीर्ति, प्रभु दीजे ।
अमृत समान भाव, सब पाएँ ।
मधुरिम प्रेम गीत, सब गाएँ ।।

         *इन्द्राणी साहू"साँची"*
         भाटापारा (छत्तीसगढ़)
[27/08, 9:08 am] 
श्रीवल्लभ अम्बर: 🌹अग्नि शिखा काव्य मंच मुंबई🌹

 दिनांक,,,,२७/८/२०२१

 विषय ,,, विधा,,,,चोकाा

                     विरोध

     कैसा विरोध,
     किसका विरोध है,
     खाली विरोध,
      करना ही काम है,

    सच तो देखो,
    असलियत को जानो
     देश को आग,
      के हवाले से रोको,

     जहर हवा,
     में क्यो घोलते हो
     तुम स्वयं 
     क्या बच पाओगे।

     धर्म की आग,
     पे राजनीति रोटी,
      मत पकाओ
      स्वार्थ की हांडी में।

    हाथ मलते,
    रह जाओगे जब,
    खुद के पाप
     जब नजर होंगे,

     जय हिन्द वन्दे मातरम
🙏 श्रीवल्लभ अम्बर🙏
[27/08, 9:11 am] 
वैष्णवी Khatri वेदिका: 27 अगस्त 2021 चोका

स्वयंवर में 🌹
द्रौपदी के जाते ही🌹
माधव बोले🌹
लक्ष्य मछली आँख🌹
पे केंद्रित हो🌹 
पार्थ ध्यान रखना🌹
पार्थ ने कहा🌹 
हे प्रभु सब कुछ🌹
मैं ही करूँगा🌹
तो आप क्या करोगे🌹
श्री वासुदेव🌹
हँसते हुए सखा🌹
पार्थ से बोले🌹
जो आप से न होगा🌹
वो मैं करूँगा🌹
विस्मित पार्थ बोले🌹
ऐसा क्या है🌹
जो न मेरे वश का।🌹
माधव बोले🌹
पानी स्थिर रखूँगा🌹
जब भी आप🌹
लगाओगे निशाना।🌹
मतलब है🌹
आप हो कितने भी🌹
विवेकपूर्ण🌹
बुद्धिमान निपुण🌹 
प्रयास करो🌹
ये आपका काम है🌹 
जो बागडोर🌹 
संभालता है आगे🌹
वही भगवान है।🌹

वैष्णो खत्री वेदिका
जबलपुर मध्यप्रदेश
[27/08, 10:00 am] 
वीना अचतानी 🧑🏿‍🦽: वीना अचतानी 
अग्निशिखा मंच को नमन 
 विषय ***** चोका *******
शबनम के --------5
लरज़ते क़तरों------7
में जब कोई-------5
अक्स उभरता है-----7
उन मासूम-------5
आँखों का छलकना-----7
याद आता है------5
साँवली घटाओं में------'7
माह-ए-रोशन--------5
दमकता काँपते--------7
हाथों घूँघट---------5
उलटना याद है--------7
मचलती हैं---------5
मौजें आबशार में -------7
उस पायल---------5
का खनकना याद-------7
याद आता है-------5
कूकती है कोयल ---------7
शाखसार पै--------5
उसका आहिस्ता से------7
गाना याद आता है--------7
स्वरचित मौलिक 
वीना अचतानी 
जोधपुर ।।।।।।
[27/08, 10:03 am]
 विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
विधा:--- * *चोका*

         **प्रार्थना*
         (1)
समय तुम-----5🌹
रुक जाओ जाने दो----7🌹
इस सारे को------5🌹
दे उड़ने भी हम----7🌹
बादलों और------5🌹
सभी धूल लहरों---7🌹
दूर जाने दो----5🌹
       (2)
संभालने को---5🌹
कोशिश मत करो----7🌹
केवल रुके-----5🌹
बिल्कुल शांत रहो----7🌹
मैं भी ध्यानस् ---5🌹
तुम भी हो सकता---7🌹
      (3)
इस तरह---5🌹
से अपने भीतर--7🌹
अवस्थित की---5🌹
प्रभु की छवि ठीक---7🌹
हमेशा देख पाए---7🌹

विजयेन्द्र मोहन।
[27/08, 10:21 am] 
Anita 👅झा: अग्नि शिखा मंच नमन 
चौका 
शीर्षक -कृष्णा

जन्म मथुरा 
बचाना कँस से है
माया मोहनी
मन मन्दिर बसे
यमुना पार 
वासुदेव देवकी
वात्सल्य जागे 
कृष्ण जन्मआष्टमी 
उत्सव मनाना है 

वृंदावन में
ढोल नगाड़े बाजे 
नाचे गोपियाँ 
कृष्ण कन्हाई आयें 
बाजे बधाई 
बाल सुदामा आये 
यशोदा मैया 
नाचे पँख लगायें 
काला टीका लगायें 

कृष्णा की भक्ति 
अद्भुत ज्ञान आस्था 
हिर्दय बसे
श्रीमद भागवत 
कथा का सार
गीता भक्ति संचार 
लिये जीवन 
गीता उपदेश है 
करे गुणगान है 

अनिता शरद झा
[27/08, 10:22 am] 😇
ब्रीज किशोर: अग्नि शिखा मंच
    २७/०८/२०२१/
    बिषय-चोका
 बाँके बिहारी जी

मेरे बिहारी५
 शरण तीहारी जी ७
 तेरे संग है५
 राधा प्यारी सखिया७
 संग है कृष्ण५
 मुरारी वंशी धारी७
 वृन्दावन में५
 रास रचावे नन्द७
  दुलारे ब्रज५
  के प्यारे बिहारी जी७
   उगली पर छत्र७
    उठाये गोबर्धन७
     धारी कृष्ण मुरारी७
बृजकिशोरी त्रिपाठी।
[27/08, 10:24 am] 👑
सुषमा शुक्ला: मंच को नमन🙏
5,7,5,7,5,7,7

🍃राधा मुरारी
बाजत पेजनिया

सावन आया
भू ओढ़े चुनरिया

नदिया बहे
कल कल सी करे।

शहादत पे
सुमन बरसाए।

वीरों की भूमि,
भू छाती पे सुलाए
 
ये फूलों से सजाए
आद्र आंसू बहाए

स्वरचित 
सुषमा शुक्ला
[27/08, 10:34 am] 
डा. बैजेन्द्र नारायण द्िवेदी शैलेश🌲🌲 - वाराणसी - साझा: सम्माननीय मंच को नमन।
एक सजल
++++++++
मेरी गलतियों को इस तरह अयाँ ना कीजिए।
महफिल में सरेआम तो, बयाँ न कीजिए।।
मालूम नहीं आपको, हद दोस्ती की क्या।
अपनी जुबाँ को यूँ, तीर -ओ- कमाँ न कीजिए।।
वजूद किसका क्या, मालूम सभी को है यहां।
मुझको जमीं और खुद को आसमाँ न कीजिए।।
तक्सीम -ए-फ़न में आप हैं
माहिर, हूं मानता।
बर्बाद खुद का आप यूं, मकाँ न कीजिए।।
"शैलेश"हर किसी में ही होती हैं खा़मियां।
इस तरह तो काबिलियत पर
गुमाँ न कीजिए।।
--------
डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेद्वी शैलेश वाराणसी
[27/08, 10:52 am] 
स्नेह लता पाण्डेय - स्नेह: नमन पटल
आज की विधा चोंका 
शीर्षक

सर्वश्रेष्ठ हिन्दी

हमारी भाषा
सर्वश्रेष्ठ है हिंदी
माथे इसके
प्यारी लगती बिंदी
प्रथम भाषा
जब सीखें बोलना
हिंदी शब्द मां
इसका क्या कहना
देश की शान
तिरंगे की है आन
दिलों को जोड़े
सबमें घुले मिले
मधु सी मीठी
समझ में आ जाती
चहकती है
देश के कोने कोने 
विदेशों में भी
दिलवाया सम्मान
लेखकों की है
अभिव्यक्ति माध्यम
ओज से भरी
गुंजायमान
होता वातावरण
काव्यपाठ हो
भाषण या कुछ भी
प्रभाव पूर्ण
प्रवाहपूर्ण अति
इसी से मिला 
राष्ट्र भाषा का मान
गर्व से कहो
सबका अभिमान
अति समृद्ध हिंदी
माथे इसके 
प्यारी लगती बिंदी
हमारी भाषा हिंदी

स्नेहलता पाण्डेय


[27/08, 11:38 am] कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार
27,  /8/2021
चोंका
कृष्ण कन्हैया
तू है बंशी बजैया
ब्रज के प्यारे
बलदाऊ के भैया
राधा पुकारे
कुंज गलियन में
सखियां खोजें
फूलों में कलियन में
कहां छिपा है
यशुदा के दुलारे
नंद के सुत प्यारे



आजा आजा आजा रे
तुझे राधा पुकारे।


ओ गिरधारी
जाऊं तुझपे वारी
माखन चोर
तू ही तो बनवारी
पूतना मारी
दिया कंस पछारी
गाय चराईं
खूब खेले कन्हाई
कालिया नाथा
फन पे खूब नाचा
पार्थ रथ हांका
बने थे रण बांका।

© कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड, कोलकाता
[27/08, 11:44 am] चं
दा 👏डांगी: $$ चोका $$
           $$ कसक  $$

जिन्दगी भर
की कसक देती है 
चुभती हुई
कही जो बात कभी
आपने उन्हें 
भुल  नहीं पायेगा 
वह आपकी
कही कड़वी बात
खोले जबान 
सोच-विचार कर 
फिर बोले तो
रोक पाओगे 
दिल दुखाना तुम 
 हमारे अपनो का 

चन्दा डांगी रेकी ग्रैंडमास्टर 
रामटेकरी मंदसौर मध्यप्रदेश
[27/08, 12:15 pm] रवि शंकर कोलते क: शुक्रवार दिनांक ***२७/८/२१
 विधा****** चोंका 
विषय****
   #***** कन्हैया*****#
            """"""""""""""

 १)      हे  राधाजी के ।
       बंसी  बजैया  सुनो ।।
 २)      तरसा   हूं   मैं  ।
       दिव्य  रूप   देखने ।।
 ३)     तेरा    कन्हैया ।
        राधा गोपी मीराको
  ४)    दिखा दिया है ।
        मुझको भी दिखादो ।।
   ५)    भजन    करूं ।
         क्याक्या जतन करूं।।
   ६)    मैं   रहूं   पड़ा  ।
         पावन   चरणों   में ।।
   ७)    जन्मों के फेरे  ‌।
         मिटा  दो  प्रभु मेरे ।
   ८)    दुख    निराशा ।
        ना सताए भक्क्तको ।।
   ९)    अरज     मेरी।
        पूरी कर दो कान्हा ।।
 १०)  एक  तूही  सहारा ।।
         कोई  नहीं  हमारा ।।

प्रा रविशंकर कोलते
     नागपुर ।
[27/08, 1:40 pm] 
रजनी अग्रवाल जोधपुर: शीर्षक-चोका

 5.काले बादल ,
 7 रंगीन है बादल  ,    
   5 करते धोखा , 
    7.  घुमड़ते रहते ,
     5.घटा बन के , 
      7.छलकते रहते , 
      5.उमड़ते हैं  , 
       7.भावों के घन बन
      5.धड़कते हैं , 
    7. दिल में उमंग से,    
    5.घटा बनके  , 
    7.छाये उम्मीदों पर
5.    यही बादल  , 
  7.फिर आज देखी है,
     5.   फोटो तुम्हारी,
  7.  फिर आज यादों में ,
   7.     बरसेंगे बादल ।

    स्वरचित रचना 
    रजनी अग्रवाल
      जोधपुर
[27/08, 2:16 pm] 
सुरेन्द्र हरडे: अग्निशिखा मंच को नमन

विधा :----- चोंका 
विषय ----- *भगवान*

प्रभु   करते
बड़ी अनोखी लीला
समझे नहीं
हम   सारे   मानव

नटखट  ने
गोकुल की धर्ती पे
भाग्यवान थे
गोकुल के निवासी

फिर से आओ
हे   यशोदा   नंदन
भाग्य  हमारे
भी  बदल  जाएंगे

गीता ज्ञान से 
सारे जगको दे दो
मिटा दो पीड़ा सारी
सुनो  अर्ज  मुरारी

कवि - सुरेंद्र हरड़े
        नागपुर
दिनांक:- २७/०८/२०२१
[27/08, 2:32 pm] 
शेभारानी✔️ तिवारी इंदौर: रक्षाबंधन
का पर्व है पावन
भाई बहन
बंधे एक धागे में
रक्षासूत्र में
भाई रक्षा करेगा
अपनी बहन की

आया त्यौहार
सावन में राखी का
बहन आई
मायके में अपने
राखी बांधने
प्यारे भैया राजा को
रिश्तों की डोर में

शोभा रानी तिवारी इन्दौर
[27/08, 2:33 pm] 
आशा 🏆🏆जाकड इन्दौर: 🌹अग्नि शिखा काव्य मंच मुंबई🌹

 दिनांक,,,,२७/८/२०२१

 विषय ,,, विधा,,,,चोकाा

                     विरोध

     कैसा विरोध,
     किसका विरोध है,
     खाली विरोध,
      करना ही काम है,

    सच तो देखो,
    असलियत को जानो
     देश को आग,
      के हवाले से रोको,

     जहर हवा,
     में काहे घोलते हो
     तुम  खुद ही
      कैसे बच पाओगे?

     धर्म की आग,
     पे राजनीति रोटी,
      मत पकाओ
      स्वार्थ की हंडिया में।

    हाथ मलते,
    रह जाओगे जब,
    खुद के पाप  
    ही  नजर  आयेंगे।
अन्तिम दो पंक्तियों में 7 वर्ण होनी चाहिए

     जय हिन्द वन्दे मातरम


🙏 श्रीवल्लभ अम्बर🙏
[27/08, 2:34 pm]
 निहारिका 🍇झा: नमन अग्निशिखा मंच
दिनाँक 27/8/2021
विधा-;चौका

     खिलता मन
      महका  उपवन
      मनभावन
     बहती है पवन 
    घुले सुगन्ध
    खुश हो जाता मन
     सुन्दरतम
    दिखते  हर रंग
      मन हरते 
     प्यारे लगे सुमन
     पवित्र तम
     करते हैं अर्पण
      देव चरण
       देवता हों प्रसन्न
        हो आराधन
         मनोरथ हो पूर्ण
          हो पूजन अर्चन
         
निहारिका झा🙏🏼🙏🏼🌹🌹
[27/08, 2:39 pm] 
nirja 🌺🌺takur: अग्निशिखा मंच 
तिथि-२७-८-२०२१
विषय -चोका (५,७,५,७,५,७,७)

छोटी गुड़िया
आई मेरी गोद में
नन्हीं सी कली
हंसी मेरी गोद में
जाती है शाला
 पढ़ने में तेज है
थकती नहींं
जब वो पढ़ती है
बेटी  हमारी
अनमोल खजाना
कदर नहींं
निष्ष्ठुर है जमाना
जब चढ़ती
 ससुराल देहरी
भूलती सब 
माता पिता देहरी
चुप रहती
सहती  दु:ख सुख
ससुराली हो जाती


नीरजा ठाकुर नीर
पलावा डोम्बिवली
महाराष्ट्र
[27/08, 2:46 pm] 
वीना अडवानी 👩: चोका शैली
*********

अभिमान है
तो काम ना आता ये
नाम कमा ले
नाम याद आता है
कमाई यही
 संग हमारे जाती
तो छोड़ अभिमान।।

पानी ही पानी
प्रलय है सयानी
ना छेड़ो कोई
प्रकृति को नादान
प्रकृति सुनो
देती इतनी सुविधा
प्रकृति है महान।।

वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र
*******************
[27/08, 3:13 pm] सरोज दुगड गोहाटी: * अग्नि शिखा काव्य मंच *
* चोंका विधा * 

 प्रर्युषण है
आत्म उत्थान पवॆ 
ज्ञान, दर्शन  
धर्म ध्यान करने
आत्म शोधन 
मन के वैर भाव
मिटाकर के 
मैत्री ,करूणां ,प्रेम 
सत्य अहिंसा
का फूल खिला कर 
 सुखी जीवन
शांत सहवास हो
परस्पर प्रेम
सदा निष्काम कर्म
नहीं राग -विराग 
सम्भाव रख 
प्राणीं मात्र से प्रेम
धर्म का मूल
करूणां-अनुकंपा
विमल भावना है  !

सरोज दुगड़
खारूपेटिया 
असम
[27/08, 3:14 pm] 
रामेश्वर गुप्ता के के: अग्नि शिखा मंच ।
।देश हमारा। 
विधा : चोंका 
देश हमारा,   5
सबसे है प्यारा ।....7
तन मन ये,....5
उसपर है वारा।......7
भारत माता,......5
बहती प्रेमधारा।......7
जय हे अम्बे,......5
जय हे जगदम्बे.....7
कष्ट निवारे....... 5
मेरी जय माता दी।...7
शेर सवारी.........5
माता जी है करती....7
जीवन मेरा.........5
सुखी वो कर देती.....7
ये मेरी सच्ची देवी ....7
स्वरचित, 
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता
[27/08, 3:31 pm] 
ओम 👅प्रकाश पाण्डेय -: चोका ---- ओमप्रकाश पाण्डेय
विरह वेदना

जो टिप टिप 
बरस रहा पानी
ये कुछ और 
नहीं तेरी विरह 
में मेरे आंसू
बह जाने दो मेरी
सूनी आंखों से 
कब से देख रहे
थे तेरी राह
व्याकुल मन कब
से चाह रहा
तेरा मन भर के 
करने को दर्शन
( यह मेरी मौलिक रचना है ---- ओमप्रकाश पाण्डेय)
[27/08, 3:36 pm] 👑
पदमाकाक्षी शुक्ला: 🙏🌹अग्नि शिखा मंच🌹🙏
🙏🌹जय अम्बे🌹27/8/21🌹🙏
🙏🌹चोकाः *वसंतोत्सव* 🌹🙏

पतझड़ की। 
हो गई है विदाई।।  
लता झूमती । 
शीतलता है छाई  ।।
सरसों पीली  ।
खेतों में पथराई  ।।
गेहूँ की बाली  ।
झूम रही है डाली।।
मोर वन में ।
नर्तन करते है  ।।
गुंज रहे है । 
भँवरा भी वन में  ।।
चूम रहे है। 
सुधा रस फूलों से।। 
आम्रमंजरी। 
कोयलिया टहूके  ।।
धरती पर  ।
हरियाली है छाई  ।।
पिया मिलन । 
मन प्यास जगाई  ।।
बाल कृष्ण ने  ।
बाँसुरी है सुनाई  ।।
राधिका दौड़ी आई  ।।

🙏🌹पद्माक्षि शुक्ल🌹🙏
[27/08, 3:37 pm] 
कुंवर वीर सिंह मार्तंड कोलकाता: 🌺शुक्रवार 27,  /8/2021
चोंका
कृष्ण कन्हैया 5
तू है बंशी बजैया 7
ब्रज के प्यारे 5
बलदाऊ के भैया 7
राधा पुकारे 5
कुंज गलियन में 7
कहां छिपा है 5
यशुदा के दुलारे 7
नंद के सुत प्यारे 7


ओ गिरधारी 5
जाऊं तुझपे वारी 7
माखन चोर 5
तू ही तो बनवारी 7
पूतना मारी 5
दिया कंस पछारी 7
कालिया नाथा 5
फन पे खूब नाचा 7
बने थे रण बांका। 7

© कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड, कोलकाता

कृपया पुनः देख लें आशा जी
[27/08, 3:47 pm]
 padma✔️✔️ tiwari damoh: चौका प्रेम

प्रेम डगर
मैं जो आए ही नहीं
वह तो क्या जाने
प्रभु अनुराग को
मन निर्मल
अपना कर पाए
पाएगा वही
प्रभु के ही प्यार को
प्रेम की बात
नहीं जानत जात
ज्ञान वैराग्य
बौने भये प्रेम में
प्रेम से बड़ा
नाता नहीं है कोय
जाने जो प्रेम
राम मय है होय।
पदमा तिवारी दमोह मध्य प्रदेश
[27/08, 3:53 pm] रानी अग्रवाल: २७-८-२०२१,शुक्रवार,
विधा- चौंका,विषय_पिकनिक
चल री सखी,
मौज मानने चलें,
मन बहला,
नाचने_गाने चलें,
ग्रुप बनाओ,
सब मिलके आओ,
बहुत सारी,
बड़ी टोली बनाओ,
साथ में ले लो,
खाना, खेल_खिलौने,
याद कर लो,
मस्ती गीत सलोने,
बड़ी मोटर,
सवारी के लिए है,
मन की मस्ती,
खुमारी के लिए है,
दोस्ती का वास्ता,
हंसते कटे रास्ता,
क्या ही अच्छा हो,
मिले कोई अंजाना,
बनाए उसे,
अपना ही दीवाना,
थोड़ी सी मस्ती,
कर जी बहलाएं,
बहलाकर,
उसको छोड़ आएं,
खाके_पीकर,
लौटें अपने घर,
आनंदमयी,
रहे जीवन भर,
जिंदगानी में,
अपनी कहानी में,
आनंद रहे,
ऐसे ही हरदम,
सखी और "रानी"में।
स्वरचित मौलिक चोंका___
रानी अग्रवाल,मुंबई,२७.८.२१.
[27/08, 4:21 pm]
 padma✔️✔️ tiwari damoh: चौका प्रेम

प्रेम डगर
मैं जो आए ही नहीं
वह तो क्या जाने
प्रभु अनुराग को
मन निर्मल
अपना कर पाए
पाएगा वही
प्रभु के ही प्यार को
प्रेम की बात
नहीं जानत जात
ज्ञान वैराग्य
बौने भये प्रेम में
प्रेम से बड़ा
नाता नहीं है कोय
जाने जो प्रेम

पदमा तिवारी दमोह मध्य प्रदेश
[27/08, 4:27 pm] 👑
पदमाकाक्षी शुक्ला: 🙏🌹अग्नि शिखा मंच🌹🙏
🙏🌹जय अम्बे🌹27/8/21🌹🙏
🙏🌹चोकाः *वसंतोत्सव* 🌹🙏

पतझड़ की। 
हो गई है विदाई।।  
लता झूमती । 
शीतलता है छाई  ।।
सरसों पीली  ।
खेतों में पथराई  ।।
गेहूँ की बाली  ।
झूम रही है डाली।।
मोर वन में ।
नर्तन करते है  ।।
गूँज रहे है । 
भँवरा भी वन में  ।।
चूम रहे है। 
सुधा रस फूलों से।। 
आम्रमंजरी। 
कोयलिया कुहुके  ।।
धरती पर  ।
हरियाली है छाई  ।।
पिया मिलन । 
मन प्यास जगाई  ।।
बाल कृष्ण ने  ।
बाँसुरी है सुनाई  ।।
राधिका दौड़ी आई  ।।

🙏🌹पद्माक्षि शुक्ल🌹🙏
[27/08, 4:43 pm] 
पुष्पा गुप्ता / मुजफ्फरपुर: 🌹🙏अग्नि शिखा मंच 🙏🌹
    विधा :  *चोका छंद*
    विषयः  स्वच्छन्द
    दिनांक :27/8/21
***************************
कृष्ण सुदामा 
दोनों की मित्रता में ,
मधुर भाव
कितना अनमोल
दीन सुदामा
की दुर्बल दशा से
रोक सके ना
पिघले  बनवारी
नयन जल
बरस पड़े जैसै-
बहता हो सागर ।
🌹
***************************************
स्वरचित एवं मौलिक 
डॉ पुष्पा गुप्ता
मुजफ्फरपुर 
बिहार 
🙏
[27/08, 5:08 pm] 👑
मीना त्रिपाठी: चोका
न रूप रंग
न सुंदरता कोई
गाती फिर भी
गीत मधुर वह
मौसम सारा
होता गुंजायमान
कोयल की कूक से

मीना गोपाल त्रिपाठी
[27/08, 5:13 pm] 
anshu tiwari patna: चोका
--------
 सावन  बीता
 आया माह भादो का
 कृष्ण कन्हैया
 मुरली बंसीवाले का
 जन्मदिन है,
 खुशी मनाओ सब
 बाल श्री कृष्ण
 को भोग लगाओ
 हलवा पूरी
 लड्डू मेवा मिश्री से,
 भजन गाओ
 झूला झुलाओ सभी
 जय कन्हैया लाल।
 धन्यवाद 
अंशु तिवारी पटना
[27/08, 5:51 pm] 
रामेश्वर गुप्ता के के: अग्नि शिखा मंच ।
।देश हमारा। 
विधा : चोंका 
देश हमारा,   5
सबसे यह प्यारा ।....7
तन मन ये,....5
उसपर है वारा।......7
भारत माता,......5
बहती प्रेमधारा।......7
जय हे अम्बे,......5
जय हे जगदम्बे.....7
कष्ट निवारे....... 5
मेरी जय माता दी।...7
शेर सवारी.........5
माता जी है करती....7
जीवन मेरा.........5
सुखी वो कर देती.....7
ये मेरी सच्ची देवी ....7
स्वरचित, 
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता
[27/08, 5:52 pm] 😇
ब्रीज किशोर: अग्नि शिखा मंच
    २७/०८/२०२१/
    बिषय-चोका
 बाँके बिहारी जी

मेरे बिहारी५
 शरण तीहारी जी ७
 तेरे संग है५
 राधा प्यारी सखिया७
 संग  है कृष्ण५
 मुरारी वंशी धारी७
 वृन्दावन में५
 रास रचावे  नन्द७
  दुलारे ब्रज५
  के प्यारे बिहारी जी७
   उगली पर छत्र७

     बृजकिशोरी त्रिपाठी।
[27/08, 5:57 pm] +91 70708 00416: मंच को नमन 🙏
विधा-चौका छ्न्द
27/8/21

कृष्ण कन्हैया
 बड़ा नटखट है
 माखन चोर
 गोपियन के संग
 वंशी की धुन
 हैं ग़ज़ब बजावे
 मोर मुकुट
 वंशी वाले  कन्हैया
 यमुना तट पर

 रास रचावे
 वो गोकुल का ग्वाला
मटकी फोड़
गोप संग कन्हैया
 ये नटखट
 मुस्काते हौले-हौले
 नन्द किशोर
छवियां गोकुल का
जन्म लिये मथुरा

 डॉ मीना कुमारी परिहार
[27/08, 5:59 pm] ♦️
तारा प्रजापति - जोधपुर: अग्निशिखा मंच
27/8/2021  शुक्रवार
विषय-चोंका विद्या

जीवन-साथी

मेहंदी रची
हो गये फेरे सात
जीवन-साथी
 हुई अब मैं तेरी

सजना मेरे
 तुमसे लागी प्रीत
 सदा निभाना
 गाये मिलन गीत

जन्म-जन्म का
है रिश्ता हमारा
मेरे साजन
रहे सदा अमर

तुम मेरे हो
तुमसे ये जीवन
मन में छवि
रहती है तुम्हारी

चाँद-चकोरी
बनके हम-तुम
देखा करेंगे
भूले दुनियां सारी

घर-संसार
सुंदर हो हमारा
खुशियां रहे
हमारे आँगन में

सात जन्मों का
नाता हमारा
 बात  याद रखना
कभी न भूल जाना
         
                 तारा "प्रीत"
              जोधपुर (राज०)
[27/08, 6:05 pm] 
कुम कुम वेद सेन: चौका

संबोधन से 5
रिश्ते कायम है 7
मधुर वाणी  5
हर लेती तनाव 7
दूर होती है5
अशांति परेशानी 7
मानस सुख 5
का असीम आनंद 7
जीवन सार 5
हर मानव का है 7

बचपन का 5
समय जीवन में 7
अनमोल है 5
उम्र बढ़ती जाती 7
तभी आभास 5
होता है यह बात 7

मेरा अतीत 5
कितना सुनहरा 7
खुशियों भरा 5
फिर से लौट चलें 7
उस जीवन 5
मे, पर असंभव 7



कुमकुम वेद सेन






[27/08, 6:11 pm] श्रीवल्लभ अम्बर: 🌹अग्नि शिखा काव्य मंच मुंबई🌹

 दिनांक,,,,२७/८/२०२१

 विषय ,,, विधा,,,,चोकाा

                     विरोध

     कैसा विरोध,
     किसका विरोध है,
     खाली विरोध,
      करना ही काम है,

    सच तो देखो,
    असलियत को जानो
     देश को आग,
      के हवाले से रोको,

     जहर हवा,
     में क्यो घोलते हो
     तुम स्वयं 
     क्या बच पाओगे।

     धर्म की आग,
     पे राजनीति रोटी,
      मत पकाओ
      स्वार्थ की हांडी में।

    हाथ मलते,
    रह जाओगे जब,
    खुद के पाप
     जब नजर होंगे,

     जय हिन्द वन्दे मातरम
🙏 श्रीवल्लभ अम्बर🙏
[27/08, 6:16 pm] Nilam 👏Pandey👏 Gorkhpur: अग्नि शिखा मंच
२७/८/२१

चोका

मेघा रे मेघा
थोड़ा सा थम जाना
ना बरसना
 कहीं भीग जाए ना
रास्ते में बाबा
जब आ जाए घर
तू बरसना
मगर थोड़ा सा ही
छांनी टूटी है
सब भींग जाएगा
अनाज, बिछौना भी

बुखार में मां
बाबा भी लौटे नहीं
छोटा-सा भाई
भूख से व्याकुल है
रोता ही जाता
भाई के लिए खाना
मां की दवाई
कहां से मैं ले आऊं
प्रभु कुछ तो कहो

स्वरचित
नीलम पाण्डेय
गोरखपुर उत्तर प्रदेश
[27/08, 6:19 pm] Chandrika Vyash Kavi: जन्मदिन की ढेरों बधाई और शुभकामनाएं बिटिया🌹🌹🎂🍬🍨

नमन मंच 
दिनांक-: 27/8/2021
विधा -: चोका

जन्मदिन पोती का (दादी और पोती) 
***************
मुबारक हो
पोती का जन्मदिन 
खुशी से भरा
शोभारानी का दिन !

स्वर्ग से आई
मेरे घर अप्सरा
दौलत मेरी 
इद्रं की ये अप्सरा !

बिटिया मेरी 
तू सदा खुश रहे
आशीर्वाद है
तेरी दादी का तुझे !

नया जीवन
मुझे है तुने दिया
बचपन मेरा
है तुने लौटा दिया !

संग तेरे मैं
बच्ची बन जाती हूँ
पीठ पे बैठा
मैं घोड़ी बन जाती हूँ !

पोती है मेरी
खुशीयों का खजाना
तेरी खुशीयों
 से संसार है मेरा !

सरस्वती का
रुप देखूं तुझमें
लेखनी चली
माँ शारदा की कृपा !

पोती भी मेरी
मेरी मित्र है बनी 
शोभारानी जी
कवियित्री है बनी
कवयित्री है बनी! 

         चंद्रिका व्यास
        खारघर नवी मुंबई
[27/08, 6:32 pm] आशा 🏆🏆जाकड इन्दौर: चोका


कृष्ण मुरारी 
तुम हो गिरधारी 
गिरि को थामा
 उंगली पर उठाया 
 ग्वाल वालों ने 
जयकारा लगाया 
कृष्ण मुस्काया 
श्रीकृष्ण तो सभी के
 दीनदयाल
रक्षक कहलाते
गोवर्धन कहाते




 भादों अष्टमी 
 कृष्ण का जन्मदिन
 व्रत करते
 पूजन औ अर्चन
 मन्दिर जाते
उत्साह से करते 
भजन गाते
मंदिर में आरती
 हम करते
 रात बारह बजे
 श्रीकृष्ण जन्म  
  पर बधाई गाते
 प्रसाद भी बाँटते
 
  आशा जाकड ़
[27/08, 7:45 pm] श्रीवल्लभ अम्बर: 🌹अग्नि शिखा काव्य मंच मुंबई🌹

 दिनांक,,,,२७/८/२०२१

 विषय ,,, विधा,,,,चोकाा

                     विरोध

     कैसा विरोध,
     किसका विरोध है,
     खाली विरोध,
      करना ही काम है,

    सच तो देखो,
    असलियत को जानो
     देश को आग,
      के हवाले से रोको,

     जहर हवा,
     में क्यो घोलते हो
     तुम स्वयं 
     क्या बच पाओगे।

     धर्म की आग,
     पे राजनीति रोटी,
      मत पकाओ
      स्वार्थ की हांडी में।

    हाथ मलते,
    रह जाओगे जब,
    खुद के पाप
     जब नजर होंगे,
      शामो सहर होंगे।

     जय हिन्द वन्दे मातरम
🙏 श्रीवल्लभ अम्बर🙏
[27/08, 8:51 pm] विजेन्द्र मोहन बोकारो: मंच को नमन
विधा:--- * *चोका*

         **प्रार्थना*
         (1)
समय तुम-----5🌹
रुक जाओ जाने दो----7🌹
इस सारे को------5🌹
दे उड़ने भी हम----7🌹
बादलों और------5🌹
सभी धूल लहरों---7🌹
दूर जाने दो इन्हें----7🌹
       (2)
संभालने को---5🌹
कोशिश मत करो----7🌹
केवल रुके-----5🌹
बिल्कुल शांत रहो----7🌹
मैं भी ध्यानस् ---5🌹
तुम भी हो सकता---7🌹
हम दोनों हो सके----7🌹
      (3)
इस तरह---5🌹
से अपने भीतर--7🌹
अवस्थित की---5🌹
प्रभु की छवि ठीक---7🌹
हमेशा देख पाए---7🌹

विजयेन्द्र मोहन।



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