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Friday, 4 June 2021

हाइकु 4/6/201 अग्निशिखा मंच कवि सम्मलेन_alka



नमस्ते में ऐश्वर्या जोशी अग्निशिखा परिवार को मेरा नमन प्रतियोगिता हेतु में मैं रहे को प्रस्तुत करती हूं।
सावन


आया सावन 
दिल याद करता
पिया का प्यार।

आया सावन 
मन  झुमकर उठा 
चारों ओर से।

आया सावन
बरसती यु बुंदे 
भाते मन को।

सावन आया
टिप टिप की धुन
सुनता मन।

सावन आया
भीगी में तन मन
भीगी धरती।

आया सावन
सभी रंग बिरंग
छाता निकले।

धन्यवाद
पुणे



पर्यावरण ःहाइकु

पेड़ लगाओ
 सुन्दरता बढ़ाओ
सुकून पाओ

 झुकता पेड़ 
जिसपे होते फल
 सहनशील


 मौन से खड़े
 गरमी में तपते
 छाया भी देते

 लाल कमल
तालाब में खिलते
खुशियाँ देते

वृक्ष लगाओ
 हरियाली  बढ़ाओ
 जीवन पाओ

पेड़ों की छाँव
 देती मन को सुख
 विश्राम पाँव

बहे बयार
पेडों के झुनझुने
 लगे बजने

 पेड़ों से हमें
आक्सीजन  मिलेगी
चिंता मिटेगी

वनों की शोभा
लाल - लाल पलाश
रक्तिम आभा

पेड़ हमारे 
जीवन के रक्षक
 उन्हें संवारें


आशा जाकड
9754969496

पर्यावरण ःहाइकु

पेड़ लगाओ
 सुन्दरता बढ़ाओ
सुकून पाओ

 झुकता पेड़ 
जिसपे होते फल
 सहनशील


 मौन से खड़े
 गरमी में तपते
 छाया भी देते

 लाल कमल
तालाब में खिलते
खुशियाँ देते

वृक्ष लगाओ
 हरियाली  बढ़ाओ
 जीवन पाओ

पेड़ों की छाँव
 देती मन को सुख
 विश्राम पाँव

बहे बयार
पेडों के झुनझुने
 लगे बजने

 पेड़ों से हमें
आक्सीजन  मिलेगी
चिंता मिटेगी

वनों की शोभा
लाल - लाल पलाश
रक्तिम आभा

पेड़ हमारे 
जीवन के रक्षक
 उन्हें संवारें


आशा जाकड
9754969496


🌹🙏अग्नि शिखा मंच को नमन 🙏🌹
       🌴🌿विषय : सावन🌿🌴
         🌴🌹विधा: हाइकू 🌹🌴
           🌿दिनांक:4-6-2021🌿रचनाकार-~डॉ पुष्पा गुप्ता मुजफ्फरपुर बिहार~
🌹
सावन आया,
झूला झूले राधिका
मन को भाया ।
🌹
सघन घन ,
नाचे वन में मोर -
मगन मन ।
🌹
आया सावन ,
साथ करत केलि -
राधा- मोहन ।
🌹
भींजत पट ,
बरसत सावन -  
यमुना- तट ।
🌹
साजन मेरे,
घन श्याम सलोने-
दर्शन तेरे ।
🌹
**************************************स्वरचित एवं मौलिक रचना 
रचनाकार-डॉ पुष्पा गुप्ता मुजफ्फरपुर बिहार*****




अग्नि शिखा
नमन मंच
विषय --: सावन
विधा--हाइकु
दिनांक--: 4/6/2021

देख लगे है 
खेतों की हरियाली 
सावन आया !

  मेघ बनते
किसान खुश होवे 
  सावन आया !

 सावन आया
 बोले कोयल कुहु 
  गीत सुनाए !

 सावन तेरे
आने से ऋंगारित 
 धरा भी होती !

 श्रृंगार कर 
दुल्हन बनी धरा 
बादल चूमें! 

बिन प्रेयसी
भिगोता तन मन 
सावन आया !

प्रेयसी बन
आलिंगन करते 
 मेघ-तणित !

 भरी जवानी
 देखे प्रियतम की
 राह नवेली !

  कर ऋंगार 
पति के आवन की
  राह निहारे !

  भीगे है गोरी
साजन के आने से
   रंगीन अदा !

  मेघा बरसे 
गोरी सकुचाती 
 भीगे वस्त्र में !

   सावन झूला
साजन झूलावे है
   मीत झूले है !

  सावन आया
हर त्योहार लाया
 खुशीयां आई !

  ताप गिरता
दे पानी की बौछारें
 जीवन देता !

  बरखा रानी
हर जीव खुश है
  तेरे आने से !

चंद्रिका व्यास
खारघर नवी मुंबई



आदरणीय साधना जी आपके मार्गदर्शन को पढ़कर पुनः लिखने का प्रयास किये है। कृपया ध्यान देंगें।

हाइकु विषय:-- *सावन*

१) रग रग में
    सजन की जूठन
    चले सावन
२) वर्षा की बूंद
    खलिहान में रुकी
      पिघली माटी
३) एक सरीखी
   रिमझिम बौछारें
   मत जाना रे
४) कहां से आई
  फूलों पर ये ओस
  धरती रो ई

विजयेन्द्र मोहन।



हायकू ( सावन )

रूठा सावन
अबकी बरस भी
भूला पीहर


काली घटाएं
घनघोर आवाजें
गूंजा कानन

गाएं कजरी
झूमकर बरसीं
सावनी घटा

मीना गोपाल त्रिपाठी
4 / 6 / 2021





🌹अग्निशिखा मंच🌹

      🌹🌹हाइकू🌹🌹

      🌹विषय -सावन 🌹

सावन आया
संग यादें लाया
मन हर्षाया

बारिश लाई 
सौंधी महक आई 
खुशियाँ लाई

भुट्टा खीरा 
संग अपने लाई
मौसम प्यारा

संग प्रीत के 
झूले भी याद आये
संग प्रीतम

हरा भरा है
प्रकृति का मौसम
ख़ुशी भरा है

हेमा जैन (स्वरचित )


विषयानुसार ः-

विधा-हाईकु 

*सृजन शब्द-सावन*

1.सावन आया
 झूला झूलते कान्हा
 राधा के संग

2.राधा रानीजी
   सजधज के बैठी
    सखियाँ संग

3.रूठे साजन
  मुकुट शीश धरे
   मोर सुहाये

4.कैसे मनांऊ
 सखी प्रियतम को
  रूठो कान्हा री

5.प्रीतम प्यारो
  नंद को दुलारो  री
   रुठो कान्हा री ।।

स्वरचित..
योगिता चौरसिया "प्रेमा"
मंडला म.प्र.



अ. भा. अग्निशिखा मंच
शुक्रवार -4/6/ 2021
विषय - हांइकु-सावन - पर 


संयोगीजन
प्रसन्न हो जाते
हर सावन।

वियोगीजन
पीड़ित हो जाते
हर सावन।

विरहिणी में
विरह वेदना हो
हर सावन।

प्रियतम से
मिलन को आतुर
हर सावन।

आँसू बरसे
ना लौटा प्रियतम
इस सावन।

फूल खिले,
कोयलिया बताए
आया सावन।

कदली बूँदें
मोतियों सी उछले
आया सावन।

हरित धरा
नव्य सुन्दर सृष्टि
शोभा सावन।

मस्ती में शाखें
कली पर भंवरे 
डोलें सावन।

मन यौवन
सुमन सा खिलता
मन सावन।

मिला सहारा
पलकें थीं बोझिल
हर सावन

वैष्णो खत्री वेदिका
जबलपुर मध्यप्रदेश








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